Shubhanshu Shukla:किस दिन क्या किया अंतरिक्ष में?

शुभांशु शुक्ला और उनके अन्य तीन यात्री अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर 20 दिनों की यात्रा पूरी करके वापस भारत सकुशल लौट आए हैं, उनको कैप्सूल के बाहर निकलता देख मां आप रिश्तेदार सब भाव विभोर हो गए, माता-पिता ने केक काटकर जश्न बनाए,पिता ने कहा कि आज का दिन बहुत खास है उन्होंने कहा शुभांशु सिर्फ मेरा ही लाल नहीं बल्कि पूरे देश का लाल है, उनकी मां का कहना था कि आज मेरे बेटे का दोबारा जन्म हुआ है, यह तो हर भारतीयों के लिए गर्व का विषय है कि हमारे बीच का ही एक भाई,बेटा अंतरिक्ष गया और वापस सही सलामत लौटा और ढेर सारी जानकारी लेकर लौटा,इसके लिए शुभांशु शुक्ला को बहुत-बहुत बधाईhttp://news24hourslatest.in
आईए जानते हैं अंतरिक्ष यात्रियों ने किस दिन क्या किया? 1-25 जून: भारत के सुधांशु शुक्ला और उनके अन्य तीन यात्री अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के लिए भारतीय समय अनुसार 12:00 रवाना हुए
2-26 जून: एक्सिसओंम मिशन की टीम शाम 5:30 बजे इस पर पहुंच गई, और इसी बीच शुभांशु शुक्ला को पृथ्वी की परिक्रमा करने वाला 634 वां अंतरिक्ष यात्री घोषित किया गया
3-28 जून: शुभांशु शुक्ला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात की और चिकित्सा कृषि और भी अंतरिक्ष में अन्य अन्वेषण के लिए जानकारी इकट्ठा की
4–30 जून: भोजन करते वक्त यात्रियों के साथ सेल्फी भी ली और विशेष हैंडसेट से मस्तिक कंप्यूटर इंटरफेस विकसित करने का प्रयोग भी किया
5–1जुलाई: 1 जुलाई भी बहुत खास रहा उस दिन क्योंकि अंतरिक्ष यात्रियों ने सूक्ष्म शैवाल की तीन प्रजातियों उगाई और उनके प्रभाव का अध्ययन किया
6–2 जुलाई: अंतरिक्ष में जो मांसपेशी कोशिकाओं में दिक्कत आती है उसके विकास के लिए माइक्रोस्कोपिक भी की और भी अध्ययन किया
7–3 जुलाई: इस दिन कुछ राहत के पल का आनंद लिया और इसी के साथ मिशन यात्रियों ने पृथ्वी की 113 परिक्रमई भी पूरी की और 29 लाख मिल से ज्यादा दूरी भी तय की बहुत अच्छी बात है ये
8–4 जुलाई: इस दिन यात्रियों ने एक और भी बहुत अच्छा काम किया कि अंतरिक्ष उड़ान के दौरान आंखों की दृष्टि और नियंत्रण को कैसे प्रभावित करती है यह देखा और जाना
9–5 जुलाई: इस दिन सुधांशु शुक्ला ने अंतरिक्ष में कई बीजों की सिंचाई भी की
10–7 जुलाई: अंकुरित अनाज जैसे मेथी और भी अन्य सूक्ष्म जीवों पर शोध किया गया
11–8 जुलाई: वैज्ञानिकों के साथ अंकुरित बीजों की तस्वीरें साझा की
12–9 जुलाई: 60 लाख का मिल की यात्रा करने के बाद शुभांशु शुक्ला और उनके अन्य यात्रियों ने वीडियो बनाया और इस दृश्य को कैद किया
13–10 जुलाई: इसी दिन अंतरिक्ष यात्रियों को धरती पर लौटना था लेकिन मौसम अनुकूल न होने के कारण इसको रोक दिया गया
14–12 जुलाई: इस पर 17 दिन बीतने के बाद शुक्ला और उनके अन्य साथियों ने लौटने की तैयारी शुरू कर दी
15–13 जुलाई: अंतरिक्ष पर विदाई समारोह का आयोजन किया गया
16–14 जुलाई: एक्सिस ओंम मिशन के अंतरिक्ष यात्री इस से शाम 4:30 बजे निकल गए
17–15 जुलाई: और दोपहर 3:00 शिवांशु शुक्ला और उनके अन्य तीन साथी अमेरिका के कैलिफोर्निया के तट पर उतरे
अमेरिका की कैलिफोर्निया के तट पर उतरते ही एक नया इतिहास शुभांशु शुक्ला ने रच दिया, देश को सुधांशु शुक्ला पर गर्व है
अब आगे क्या होगा:
पृथ्वी पर लौट के बाद शुभांशु शुक्ला अभी अपने परिवार से नहीं मिल सकेंगे क्योंकि उनको और उनके अन्यत्रियों को 7 दिन के लिए पुनर्वास कार्यक्रम से गुजरना होगा, यह इसलिए किया जा रहा है ताकि वह गुरुत्वाकर्षण शक्ति के अनुकूल ढल जाए लंबे समय तक अंतरिक्ष में रहने पर और धरती पर आने के बाद कई दिक्कतों का सामना भी करना पड़ता है,अंतरिक्ष पर यात्रा के दौरान उनकी चाल,ढाल ,सोने चलने हृदय की गति इन सब में थोड़ी बहुत बदलाव आई होगी जिन्हें 7 दिन में नॉर्मल किया जाएगा, धरती पर लौट के बाद सुधांशु शुक्ला और उनके अन्य साथी जाहिर सी बातें खुद को थका हुआ महसूस करेंगे बॉडी में कितनी सारी मुश्किलें आई होगी इन्हीं सब को देखते हुए उन्हें पुनर्वास में रखा जाता है और उसके बाद ही अपने परिवार से और अपने लोगों से मिलने की इजाजत दी जाती है
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