यह क्या कह दिया ओबामा ने ट्रंप को लेकर

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा का अमेरिका के वर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर बड़ा बयान आया है जिसे सुनने के बाद ट्रम्प कहीं ओबामा पर भी टैरिफ ना लगा दें,लंदन में आयोजित एक कार्यक्रम में ओबामा ने ट्रंप पर तंज कसा,बराक हुसैन ओबामा अमेरिका के पहले अश्वेत राष्ट्रपति थे,जिन्हें आज के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से कहीं ज्यादा बेहतर माना जाता हैhttp://news24hourslatest.in
आईए जानते हैं बराक ओबामा ने क्यों कहा यह राजनीतिक दृष्टिकोण की लड़ाई है:
जैसा की हाल ही में हमने देखा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत,रूस,जापान,चीन,यूक्रेन, इसराइल जैसे देशों पर अपनी आक्रोश का टैरिफ़ लगा रहे हैं और अलग-अलग देश को धमकी भी दे रहे हैं कि अगर उनकी बात नहीं मानी गई तो वह और अधिक टैरिफ लगा भी सकते हैं,यहां तक की ट्रंप ने इसराइल को यह धमकी भी दी है कि अगर वह युद्ध समाप्त नहीं करता है तो उस पर और अधिक सैंक्शन लगाया जा सकता है, यहां तक की भारत रूस से तेल खरीद रहा है इसके कारण भी अमेरिका ने भारत पर 50% टैरिफ लगाया और दवाइयां पर 100% टैरिफ लगा दिया
अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति बराक हुसैन ओबामा ने लंदन के कार्यक्रम में यह कहा कि अमेरिका दो विचारधाराओं के बीच संघर्ष कर रहा है:
1-बराक ओबामा का कहना है कि अमेरिका ऐसा लोकतांत्रिक मॉडल तैयार करें जिसमें कोई उच्च नीच ना हो,जिनमें सभी लोगों को समान अधिकार दिया जाए, बहुसंख्यक और अल्पसंख्यक दोनों लोगों की आवाज़ बराबर सुनी जाए और अगर इसे बचाएं रखा गया तो ही देश की तरक्की होगी तभी लोकतंत्र का सही मॉडल स्थापित होगा
2-ओबामा ने यह भी कहा कि ट्रंप और ऐसे और भी अन्य नेता है जो आपसी सौहार्द को नाकारते हुए केवल बहुसंख्यक की आवाजों को सुन रहे हैं,सरकार के खिलाफ आलोचनाओं को दबाने की कोशिश कर रहे हैं जो कि लोकतंत्र के लिए बहुत बड़ा खतरा साबित होगा
3-ओबामा ने कहा कि इस संघर्ष में ट्रंप को ही नहीं जबकि अन्य नेताओं को भी बहुत सतर्क रहना पड़ेगा, अमेरिका के सभी नागरिक और राजनीतिक दल को चौकन्ना रहना चाहिए
सत्ता की लालच नहीं करनी चाहिए:
बराक हुसैन ओबामा का कहना है की 80% दुनिया की समस्याएं उन पुराने लोगों से है जो सत्ता का स्वाद चख लिए लेकिन हट नहीं रहे हैं,एक पिरामिड बनकर हर पत्थर पर अपना नाम लिखने की कोशिश कर रहे हैं, बराक ओबामा के इस बयान का सीधा अर्थ ट्रंप की आयु से लगाया जा रहा है,ट्रम्प की आयु सितंबर में 80 वर्ष की हो गई है,ओबामा का साफ-साफ कहना है कि ऐसे बुजुर्गों के लिए सटत्ता की चाहत रखना लोकतंत्र के लिए सबसे बड़ा खतरा है
ट्रंप ने ओबामा पर आरोप लगाए थे:
आपको बता दे कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा पर गंभीर आरोप लगाए थे,2016 के चुनाव मे रूस की दखलअंदाजी के मामले में ओबामा और उसके अन्य अधिकारियों पर देशद्रोह का आरोप लगाए थे,ओबामा ने ट्रंप के इस आरोप को बेबुनियाद बताया और कहा कि राष्ट्रपति पद की भी कोई गरिमा होती है और वह ऐसे आरोपों को गंभीरता से नहीं लेते
कब कब राष्ट्रपति रहे बराक हुसैन ओबामा:
अमेरिका के 44वे और पहले अश्वेत राष्ट्रपति बने थे बराक हुसैन ओबामा,जैसा कि हम सबको पता है कि अमेरिका में राष्ट्रपति का कार्यकाल दो बार होता है और ओबामा ने दोनों कार्यकाल को निष्पक्ष तरीके से पूरा किया
1-पहले कार्यकाल 20 जनवरी 2009 से 20 जनवरी 2013 तक
2-दूसरा कार्यकाल 20 जनवरी 2013 से 20 जनवरी 2017 तक
मतलब कि ओबामा लगातार 8 साल तक राष्ट्रपति रहे, बराक ओबामा की एक सबसे बड़ी उपलब्धियां में से एक है दुनिया का सबसे खतरनाक आतंकवादी ओसामा बिन लादेन को 2 मई,2011 में पाकिस्तान के एबटाबाद में मार गिराना और इस गुप्त मिशन को अमेरिकी विशेष बल (US Navy SEAL Team 6) ने अंजाम दिया था
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक हुसैन ओबामा का कहना है कि अगर लोकतंत्र को बचाना है तो अल्पसंख्यक,बहुसंख्यक और हर वर्ग को साथ लेकर चलना होगा और हर वर्ग के लोगों की समस्याओं को सुनना होगा,ट्रंप हाल फिलहाल जिस तरह से व्यवहार कर रहे हैं वह किसी देश को पसंद नहीं आ रहा है उनका भारत से रिश्ता बहुत कमजोर हो चुका है वह पूरी तरीके से भारत की अर्थव्यवस्था को चोट पहुंचाने के लिए काम कर रहे हैं,अब देखना है की क्या ट्रम्प भविष्य में फिर कोई अतिरिक्त बोझ दुनिया पर डालते हैं या नहीं जानने के लिए पढ़ते रहिए मेरा न्यूज़ चैनल
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