पुतिन की चेतावनी अमेरिका को

रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को चेतावनी दि है, उनका कहना है कि अमेरिका भारत के बीच में ना पड़े,भारत अगर रूस से तेल खरीद रहा है तो इसमें अमेरिका को कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए जैसा कि हम सबको पता है कि भारत ने रूस से सस्ते दामों पर तेल खरीद रहा है जिससे अमेरिका को खुजली हो रही है और अमेरिका ने भारत पर 50% टैरिफ, उसके बाद h1 वीजा का दाम बढ़ाना, फिर फार्मा कंपनियों पर 100% टैरिफ़ लगा दिया और यही कारण है कि अमेरिका और भारत के बीच में दरार और पैदा हो गया हैhttp://news24hourslatest.in
आईए जानते हैं पूरा मामला क्या है:
रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन ने अमेरिका को चेतावनी दे डाली है और चेतावनी ऐसी दी है कि इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी जिक्र हुआ है क्योंकि भारत रूस से सस्ते दामों पर तेल खरीद रहा है,ब्लादिमीर पुतिन ने साफ-साफ कहा है कि वह अमेरिका भारत पर रुसी तेल खरीदने का दबाव न बनाएं,उन्होंने यह भी कहा है कि भारत अब किसी के सामने अपना अपमान स्वीकार नहीं करेगा,पुतिन का कहना है कि भारत अब अपना नेतृत्व बहुत अच्छे तरीके से करना जान गया है, वह खुद के फैसलों पर हमेशा गर्व करता है और भारत कभी किसी के सामने अपमानजनक स्थिति स्वीकार नहीं करेगा,ब्लादिमीर पुतिन ने कहा कि मैं प्रधानमंत्री मोदी को जानता हूं वह ऐसा कोई कदम नहीं उठाएंगे जिससे भारत का अपमान हो,पुतिन ने यह भी कहा कि अगर रूस भारत से तेल खरीदना बंद करता है तो उसे भारी नुकसान झेलना पड़ेगा और यह बयान ऐसे समय आया जब अमेरिका ने भारत समेत अन्य देशों से अपील की है कि वह रूस से तेल ना खरीदे
अमेरिका ने रूस से तेल खरीदने पर आपत्ति जताई थी:
जैसा कि हम सबको पता है कि रूस और यूक्रेन में युद्ध चल रहा है, ऐसे में अमेरिका ने भारत समेत अन्य देशों को धमकी देते हुए कहा कि जो भी देश रूस से तेल का आयात निर्यात करेंगे उनके खिलाफ अमेरिका सख्त एक्शन लेगा,ट्रंप का कहना है कि अगर रूस से तेल का आयात निर्यात होता है तो इससे रूस और यूक्रेन के युद्ध को बढ़ावा मिलेगा,यहां तक की ट्रंप ने रसिया को भी धमकी देते हुए कहा कि अगर रसिया युद्ध नहीं समाप्त करता है तो अमेरिका उस पर अतिरिक्त टैरिफ़ लगाएगा
रूस की चेतावनी:
रूस ने चेतावनी दिया कि अगर उसके व्यापार में कोई कटौती करेगा तो वैश्विक स्तर पर अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचेगा और यहां तक की कच्चे तेल की कीमत भी और अधिक हो जाएंगी,ट्रंप ने रूस और यूक्रेन के युद्ध के बारे में पहले यह कहा की शांति स्थापित करने के लिए यूक्रेन को अपनी जमीन छोड़नी होगी लेकिन बाद में ट्रंप पलट गये और कहने लगे कि यूक्रेन युद्ध में रूस से जीत कर अपनी खोई हुई जमीन ले लेगा इसका पलटवार करते हुए पुतिन ने कहा कि रूस हमेशा यूक्रेन को पलट के जवाब दिया है
भारत को मिला रूस का साथ:
जैसा कि हम सबको पता है कि भारत और अमेरिका के बीच में टैरिफ वार चल रहा है जिसको लेकर दोनों देशों में दरारें पैदा हो गई है और दोनों देशों की व्यापारिक स्थिति बहुत ही कमजोर हो चुकी है, ऐसे में रूस ने भारत की तरफ हाथ बढ़ाया तो भारत ने रूस से सस्ते दामों पर तेल खरीदना शुरू कर दिया जो कि अमेरिका को हजम नहीं हो रहा है,अमेरिका का कहना है कि भारत रूस से तेल खरीदेगा तो भारत पर और अधिक टैरिफ़ लगाया जा सकता है,ट्रंप ने साफ-साफ कहा है कि अगर रूस से अन्य देश तेल का आयात निर्यात करते हैं तो युद्ध नहीं रुकने वाला है, युद्ध को और बढ़ावा मिलेगा क्योंकि रूस के पास और पैसा आने लगेगा और रूस ताकतवर बनता जाएगा,उधर रूस ने भारत का साथ देते हुए अमेरिका को चेतावनी दी कि रूस और भारत के व्यापारिक संबंधों में अमेरिका हस्तक्षेप ना करें क्योंकि भारत अब किसी भी मामले में झुकने वाला नहीं है,पुतिन ने मोदी की जमकर तारीफ करते हुए कहा कि मोदी कभी भारत को झुकने नहीं देंगे, मैं मोदी को अच्छे तरीके से जान चुका हूं,पुतिन ने NATO देशों को चेतावनी देते हुए कहा कि वह अपना दिमाग ठंडा करें और शांति से सोए और अपने समस्या का निवारण करें, पुतिन ने यूक्रेन पर पलटवार करते हुए कहा कि यूक्रेन में सैनिकों की कमी है और यूक्रेन बर्बादी की तरफ बढ़ रहा है, जहां तक बात करें रूस की तो रूस को किसी चीज की कमी नहीं है,रूस के पास पर्याप्त मात्रा में सैनिक है
पुतिन का सुझाव:
पुतिन का कहना है कि अगर यूक्रेन युद्ध समाप्त करना चाहता है तो वो हमसे से बात करें तभी जाकर आगे का हल निकलेगा
दरअसल रूस नहीं चाहता कि यूक्रेन नाटो देश के साथ मिलकर रहे क्योंकि इससे रूस को नुकसान पहुंच सकता है,रूस को यह भी डर सताता है कि अगर यूक्रेन NATO के साथ मिल गया तो नाटो की सीमाएं यूक्रेन की सीमाएं तक पहुंच जाएंगी जो रूस के लिए सबसे बड़ा खतरा साबित हो सकता है,आपको बता दे कि यूरोप और रूस के बीच तेल और गैस का जो पाइप लाइन है उसका बहुत बड़ा रास्ता है यूक्रेन इसीलिए रसिया नहीं चाहता कि यूक्रेन नाटो देश और यूरोपीय देश के साथ संबंध बनाएं क्योंकि इससे सबसे बड़ा जो नुकसान होगा वह रसिया को होगा,अब देखते हैं की इस जंग में कौन जीतेगा है कौन हारेगा,जानने के लिए पढ़ते रहिए मेरा न्यूज़ चैनल
