नेपाल में Gen Z खुद लड़ेंगे चुनाव

जी हां दोस्तों जिस तरीके से नेपाल में जैन जी ने विद्रोह प्रदर्शन किया सोशल मीडिया को अपना हथियार बना के और प्रधानमंत्री को इस्तीफा दिलवाने पर मजबूर किया अब खबर यह आई है कि नेपाल मे जैन जी खुद वहां चुनाव लड़ने की तैयारी में,नेपाल की यह नई पीढ़ी सोशल मीडिया को अपनी ताकत बनाकर नेपाल की सरकार गिरा दी थी,जब आंदोलन समाप्त हुआ तभी ये जैन जी नई पार्टी बनाने का ऐलान भी कर दिया था,जैन जी समूह का कहना है कि वह 2026 के आम चुनाव में तभी हिस्सा लेगा जब उसकी प्रमुख शर्तें मानी जाएंगी, वैसे जैन जी केवल नेपाल ही में नहीं बल्कि कई देशों में अपना आंदोलन कर चुके हैं जिसकी वजह से वहां की सरकारी गिर चुकी है,ऐसे में जैन जी अगर चुनाव लड़े और अपनी सरकार बनाएं तो यह उस देश के लिए बहुत बड़ा ऐतिहासिक कदम सिद्ध होगाhttp://news24hourslatest.in
नई पीढ़ी उतर रही है राजनीति में:
जो नेता आज की नई पीढ़ी को कमजोर समझ रहे हैं वह भूल गए हैं की यही नई पीढ़ी उनकी सरकार खिलाने के लिए काफी है,अब ऐसी जैन जी में आने वाली पीढियां को नजर अंदाज नहीं करना चाहिए वह क्या कह रहें हैं सरकार को उनकी बातें सुननी चाहिए अन्यथा नेपाल, श्रीलंका जैसे देशों में आपने देखा क्या हाल हुआ,नेपाल में Gen Z के समूह ने यह ऐलान कर दिया है कि वह एक राजनीतिक पार्टी बनाएंगे और चुनाव लड़ेंगे,और अगर ऐसे जैन जी जो पढ़े लिखे हैं,जो सोशल मीडिया का इस्तेमाल करना जानते हैं अगर वह राजनीति में पूर्ण रूप से सक्रिय होते हैं तो आने वाले कुछ दशकों में राजनीति की भाषा बदल सकती है,आजकल के नेता जो मंत्री और विधायक बन जाते हैं और शिक्षा के नाम पर शून्य है जिन्हें बोलने तक का ढंग नहीं है,अपना नाम तक ढंग से नहीं लिख पाते हैं,सिग्नेचर तक ढंग से नहीं कर पाते हैं उनसे तो लाख गुना अच्छे यह जैन जी हैं जो अपने हक की लड़ाई के लिए सरकार से भिड़ जाते हैं और ऐसे भीड़ जाते हैं कि सरकार को गद्दी छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ता है
क्या जैन जी बदलेंगे नेपाल को:
जैसा कि हम सब ने देखा है कि कैसे नेपाल सरकार के भ्रष्टाचार के खिलाफ Gen Z ने सोशल मीडिया का उपयोग कर कर वहां के प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली को इस्तीफा देने पर मजबूर कर दिया और अब जैन जी खुद एक राजनीतिक संगठन बनाएंगे और चुनाव लड़ेंगे,ऐसे में नेपाल का भविष्य और उज्जवल होने वाला है क्योंकि अब 75 साल,80 साल के बुजुर्गों को आराम करने का मौका मिल गया है और 30 साल,35 साल,40 साल के युवा देश की बागडोर संभाले के लिए आगे बढ़ रहे हैं
नेपाल में जैन जी की दो शर्ते हैं:
जैसा कि हम सबको मालूम हो रहा है कि जैन जी खुद राजनीतिक पार्टी बनाकर चुनाव लड़ने की तैयारी में है लेकिन उनकी कुछ मांगे हैं,पहली मांग यह है प्रत्यक्ष रूप से निर्वाचित कार्यकारी प्रणाली और दूसरी मांग है कि विदेश में जो नेपाली नागरिक बसे हुए हैं उन्हें मतदान का अधिकार देना,उनका साफ-साफ कहना है कि जब तक यह दोनों शर्त पूरी नहीं होती है हम चुनाव नहीं लड़ेंगे, उन्होंने यह भी कहा है कि पार्टी गठन के साथ ही भ्रष्टाचार नियंत्रण के लिए नागरिक-नेतृत्व वाली जांच समिति और आर्थिक परिवर्तन की स्पष्ट नीति अपनाने की दिशा में काम होगा
जैन जी का रोजगार पर होगा ज्यादा फोकस:
अगर जैन जी राजनीतिक पार्टी बनाकर चुनाव लड़ते हैं, अपनी सरकार बनाते हैं तो उनका सबसे ज्यादा फोकस होगा वह होगा रोजगार पर क्योंकि रोजगार के बिना देश नहीं चल सकता है जो युवा पर पढ़ लिखकर बेरोजगार बैठे हैं उनकाे रोजगार देना सबसे अहम मुद्दा होगा, उनका कहना है की रोजगार की स्थिति नेपाल में बहुत नाजुक है और लगातार यहां के निवासी रोजगार के लिए नेपाल छोड़कर अन्य देश जा रहे हैं उनका पलायन रोकना और उनको नेपाल में ही रोजगार देना मुख्य मुद्दा में शामिल होगा,उन्होंने कहा कि नेपाल दो बड़ी जनसंख्या वाले देशों भारत और चीन के बीच स्थित है, इसलिए उसे अपने उत्पादन और व्यापार को इन पड़ोसी बाजारों के अनुरूप बढ़ाना चाहिए।
युवा एकजुट हो राजनीति के लिए:
जैन जी का कहना है कि यह आंदोलन यह दर्शाता है कि जितने भी युवा है वह एकजुट हो और देश को आगे बढ़ाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं अगर पढ़े लिखे युवा राजनीति में प्रवेश करेंगे तो रोजगार पर,भ्रष्टाचार पर,महंगाई पर,सड़क पर,पानी पर,बिजली पर सब पर फोकस करेंगे क्योंकि उन्हें पता है कि देश युवा से ही चलता है,अगर देश की युवा ऐसे ही राजनीतिक पार्टियों बनाकर देश में अपनी भागीदारी देंगे तो अवश्य ही उस देश का भविष्य उज्जवल होने वाला है,अब देखते हैं कि नेपाल की राजनीति में युवा किस हद तक नेपाल को सुधारते हैं,जानने के लिए पढ़ते रहिए मेरा न्यूज़ चैनल
