शिखर धवन और सुरेश रैना दोनों की संपत्ति हुई जब्त

जी हां दोस्तों पूर्व क्रिकेटर सुरेश रैना और शिखर धवन की संपत्ति को प्रवर्तन निदेशालय ने अवैध सट्टेबाजी के मामले में कार्यवाही करते हुए जब्त कर लिया,यह कार्रवाई पीएमएलए के तहत की गई है प्रवर्तन निदेशालय ने अपने बयान में कहा है की सुरेश रैना के नाम पर लगभग 7 करोड़ के म्युचुअल फंड निवेश और शिखर धवन के नाम पर लगभग 5 करोड़ के म्युचुअल फंड संपत्ति शामिल है मतलब की दोनों की संपत्ति मिलकर 11 से 12 करोड़ हो गईhttp://news24hourslatest.in
क्या है पूरा मामला:
ED ने अवैध ऑफशोर सट्टेबाजी प्लेटफार्म इसका नाम है “वन एक्स बेट” के जो संचालक है उनके खिलाफ FIR दर्ज हुई जिसके आधार पर जांच हुई कई राज्यों में और बाद में पता चला कि यह अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी को बढ़ावा देने वाला ब्रांड है जिसमें सुरेश रैना और शिखर धवन दोनों पूर्ण रूप से शामिल है,पूर्व क्रिकेटर सुरेश रैना और शिखर धवन पर यह आरोप है कि उन्होंने जानबूझकर “वन एक्स बेट” के प्रचार के लिए विदेशी संस्थाओं के साथ विज्ञापन समझौता किया था जिन में उन्हें पैसे भी मिले थे,इस समझौते में धन का क्या स्रोत है यह भी छुपाया गया था,परिवर्तन निदेशालय का कहना है कि यह जो विज्ञापन है यह विदेशी माध्यम से किए गए भुगतान के बदले में किए गए थे ताकि धन को छुपाया जा सके,क्योंकि इसका धन अवैध सट्टेबाजी गतिविधियों से जुड़ा हुआ है
ED ने अवैध ऑफशोर सट्टेबाजी प्लेटफार्म इसका नाम है “वन एक्स बेट” के जो संचालक है उनके खिलाफ FIR दर्ज हुई जिसके आधार पर जांच हुई कई राज्यों में और बाद में पता चला कि यह अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी को बढ़ावा देने वाला ब्रांड है जिसमें सुरेश रैना और शिखर धवन दोनों पूर्ण रूप से शामिल है,पूर्व क्रिकेटर सुरेश रैना और शिखर धवन पर यह आरोप है कि उन्होंने जानबूझकर “वन एक्स बेट” के प्रचार के लिए विदेशी संस्थाओं के साथ विज्ञापन समझौता किया था जिन में उन्हें पैसे भी मिले थे,इस समझौते में धन का क्या स्रोत है यह भी छुपाया गया था,परिवर्तन निदेशालय का कहना है कि यह जो विज्ञापन है यह विदेशी माध्यम से किए गए भुगतान के बदले में किए गए थे ताकि धन को छुपाया जा सके,क्योंकि इसका धन अवैध सट्टेबाजी गतिविधियों से जुड़ा हुआ है
अनुमति के बिना चल रहा था यह खेल:
आपको बता दे कि यह “वन एक्स बेट” जो भारत में काम करता था वह बिना अनुमति के काम करता था और सोशल मीडिया ऑनलाइन वीडियो और प्रिंट मीडिया के माध्यम से उपयोगकर्ताओं को लक्षित करने के लिए सरोगेट ब्रांडिंग और विज्ञापनों का इस्तेमाल करता था
आपको बता दे कि यह “वन एक्स बेट” जो भारत में काम करता था वह बिना अनुमति के काम करता था और सोशल मीडिया ऑनलाइन वीडियो और प्रिंट मीडिया के माध्यम से उपयोगकर्ताओं को लक्षित करने के लिए सरोगेट ब्रांडिंग और विज्ञापनों का इस्तेमाल करता था
जांच में क्या सामने आया:
ED के जांच में यह पाया गया कि “वन एक्स बेट” कई बैंक खातों से लेनदेन कर रहा था जो पूर्ण रूप से फर्जी है
2-ED की जांच में पता चला कि 6000 से ज्यादा फर्जी खाते हैं
3-जांच में यह भी पता चला कि खातों के जरिए सट्टेबाजी की रकम को अलग-अलग पेमेंट गेटवे से किया गया है
4-यह पेमेंट गेटवे बिना केवाईसी वेरीफिकेशन के ही व्यापारियों को जोड़ रहे थे
5-आपको बता दे की मनी लॉन्ड्रिंग का कुल ट्रेल 1000 करोड रुपए से ज्यादा है
ED के जांच में यह पाया गया कि “वन एक्स बेट” कई बैंक खातों से लेनदेन कर रहा था जो पूर्ण रूप से फर्जी है
2-ED की जांच में पता चला कि 6000 से ज्यादा फर्जी खाते हैं
3-जांच में यह भी पता चला कि खातों के जरिए सट्टेबाजी की रकम को अलग-अलग पेमेंट गेटवे से किया गया है
4-यह पेमेंट गेटवे बिना केवाईसी वेरीफिकेशन के ही व्यापारियों को जोड़ रहे थे
5-आपको बता दे की मनी लॉन्ड्रिंग का कुल ट्रेल 1000 करोड रुपए से ज्यादा है
ED ने जब्त की दोनों की संपत्ति:
प्रवर्तन निदेशालय यानी कि ईडी ने जांच में पाया कि कुछ कंपनियां सट्टेबाजी से कमाई गई रकम को मनी लौंनड्रिंग के जरिए पैसा बचाने की कोशिश में लगे थे, और इसमें केवल इन दोनों क्रिकेटरों का नाम नहीं बल्कि और लोगों का भी नाम सामने आया है,आपको बता दे कि यह जब्ती अस्थाई है यानी जांच पूरी होने तक संपत्ति पर रोक लगाई गई है
प्रवर्तन निदेशालय यानी कि ईडी ने जांच में पाया कि कुछ कंपनियां सट्टेबाजी से कमाई गई रकम को मनी लौंनड्रिंग के जरिए पैसा बचाने की कोशिश में लगे थे, और इसमें केवल इन दोनों क्रिकेटरों का नाम नहीं बल्कि और लोगों का भी नाम सामने आया है,आपको बता दे कि यह जब्ती अस्थाई है यानी जांच पूरी होने तक संपत्ति पर रोक लगाई गई है
अब आगे क्या हो सकता है:
पहले ED इन मामलों के विस्तृत रूप से जांच करेगी यानी कि पैसा कैसे ट्रांसफर हुआ,किस बैंक में ट्रांसफर हुआ,किसके नाम से ट्रांसफर हुआ,किस डेट को ट्रांसफर हुआ,हम सब की डिटेल इकट्ठा करेंगे,और यदि इन क्रिकेटरों का इसमें सीधा कोई रोल नहीं दिखेगा तो उनका पैसा उन्हें वापस भी मिल जाएगा और अगर वित्तीय अनियमितता साबित होती है तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी
पहले ED इन मामलों के विस्तृत रूप से जांच करेगी यानी कि पैसा कैसे ट्रांसफर हुआ,किस बैंक में ट्रांसफर हुआ,किसके नाम से ट्रांसफर हुआ,किस डेट को ट्रांसफर हुआ,हम सब की डिटेल इकट्ठा करेंगे,और यदि इन क्रिकेटरों का इसमें सीधा कोई रोल नहीं दिखेगा तो उनका पैसा उन्हें वापस भी मिल जाएगा और अगर वित्तीय अनियमितता साबित होती है तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी
हमारे भारत में क्रिकेट ऐसा गेम है की एक बार अगर आप इसमें चयनित हो जाते हैं तो फिर आपके यहां पैसों की बारिश होने लगती है आपके पास कुबेर के धन से कम नहीं रहेगा,जितने भी क्रिकेटर हुए सचिन तेंदुलकर, विराट कोहली,वीरेंद्र सहवाग,सौरभ गांगुली नाम तो अनगिनत है मैं ले भी नहीं सकता इन सबके पास अरबों, खरबो की संपत्ति है,एक बार क्रिकेट में प्रवेश कर लिए उसके बाद ब्रांड एंडोर्समेंट के लिए कंपनियां करोड़ोे रुपए देती है क्रिकेटर क्रिकेट से कम प्रायोजकों से ज्यादा पैसे कमाते हैं,किसी भी ब्रांड को प्रमोट किया करोड़ों रुपए आ गए और इसी पैसे के चक्कर में सुरेश रैना और शिखर धवन भी फस गए ऑनलाइन प्रमोशन करने लगे गेम का जो कि अवैध था जिसके कारण उनकी संपत्ति जप्त हुई है आखिर इनको यह सब करने की जरूरत ही क्यों पड़ती है जबकि उनके पास पैसे की कोई कमी नहीं है,एक बार जिस पर हाथ रख दिया उसको खरीद लिया, आप किसी क्रिकेटर को देख लो करोड़ की गाड़ी के नीचे बात नहीं करते,करोड़ के महल और एक आलीशान जिंदगी जीते हैं फिर भी उनको पैसे कितनी लालच होती है,ऐसा कहा जाता है कि इन लोगों के पास इतना पैसा है कि सात जन्म तक बैठकर खाएंगे तो भी कम नहीं होगा, अब देखते हैं कि Ed की कार्रवाई में क्या साबित होता है धन्यवाद
