नौकरी में आरक्षण हुई नोकझोंक

आरक्षण के मुद्दे पर विधान परिषद में समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी में जबरदस्त नोकझोंक हुई, समाजवादी पार्टी के नेताओं ने जमकर नारेबाजी की क्योंकि समाजवादी पार्टी के सदस्य नेता सदन के जवाब से असंतुष्ट थे,आपको बता दे की नेता सदन केशव प्रसाद मौर्य ने सपा के उठाए सवाल पर जवाब देते हुए कहा कि आरक्षण के मामले में सभी नियमों का पालन करना सुनिश्चित है इसमें कोई भी गड़बड़ी नहीं होनी चाहिए उन्होंने आगे कहा कि अगर किसी भी विभाग में एक ही पद है तो उस पर भी आरक्षण की चोरी नहीं होनी चाहिएhttp://news24hourslatest.in
संविधान पर चर्चा किए केशव प्रसाद मौर्य:
नेता सदन स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा है कि संविधान सुरक्षित है,आरक्षण भी सुरक्षित है पिछड़े वर्गों के लिए 27 प्रतिशत का आरक्षण,अनुसूचित जाति के लिए 10% प्रतिशत का आरक्षण,अनुसूचित जनजाति के लिए दो प्रतिशत और गरीब सवर्णो के लिए 10% आरक्षण की व्यवस्था की गई है अगर इसमें कोई छेड़छाड़ किया तो भारतीय जनता पार्टी उसे करने नहीं देगी,आपको बता दे कि समाजवादी पार्टी ने ही नौकरियों में आरक्षण का मुद्दा उठाया था
समाजवादी पार्टी के नेता किरण पाल ने क्या कहा:
समाजवादी पार्टी के सदस्य किरण पाल कश्यप और मान सिंह ने कहा कि नौकरियों में आरक्षण पर डकैती जाली डाली जा रही है,उन्होंने कई नौकरियाोे का उदाहरण भी दिया जैसे लेखपाल भर्ती,RO,ARO, आरक्षण के मुद्दे पर समाजवादी पार्टी ने बीजेपी को जमकर घेरा है
नेता प्रतिपक्ष का क्या कहना है:
उत्तर प्रदेश नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव ने कहा है कि दलित,ओबीसी के आरक्षण की जो व्यवस्था की गई है उसका भारतीय जनता पार्टी पालन नहीं कर रही है, आगे उन्होंने यह भी कहा कि आरक्षण के जरिए भारतीय जनता पार्टी बहुत कुछ चोरी कर रही है,आगे उन्होंने कहा कि जो भी आरक्षण संविधान में निहित है उसका पालन सभी को करना चाहिए और आरक्षण से कोई छेड़छाड़ नहीं करनी चाहिए
केशव प्रसाद मौर्य ने क्या जवाब दिया:
केशव प्रसाद मौर्य ने कहा है कि आरक्षण पूरी तरह सुरक्षित है और इसमें कोई छेड़छाड़ नहीं की है,उन्होंने कहा कि हर बात के दो पक्ष होते हैं आप दोनों पक्ष जानते हैं लेकिन बताते नहीं है,लेखपाल भर्ती परीक्षा को देखते हुए हमने और मुख्यमंत्री ने खुद निर्देश दिए कि दोबारा विज्ञापन जारी किया जाए,अगर कहीं गड़बड़ी होती है तो उसे भारतीय जनता पार्टी तुरंत सुधारने की कोशिश करती है,आपको बता दे कि आरक्षण के मुद्दे पर खूब नोेकझोंक हुई और सपा का वाकआउट हुआ,नेता सदन ने कहा कि समाजवादी पार्टी के सरकार के समय नकल माफिया और भर्ती माफिया हुआ करते थे,हमें तो आउटसोर्सिंग के पदों पर भी आरक्षण हम तो देने जा रहे हैं आपके ही कुछ एजेंट है जो हमेशा गड़बड़ी करते रहते हैं समाजवादी पार्टी ने जो गलती किया है उसको सुधार रहे हैं,केशव प्रसाद मौर्य ने आगे समाजवादी पार्टी पर आरोप लगाते हुए कहा कि आपकी सरकार में आरक्षण एक जाति पर ही सिमट गया था,केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि समाजवादी पार्टी जातिवादी है और हम एक-एक पद पर आरक्षण दिला कर रहेंगे जो भी आपके एजेंट हैं उनकी भी जांच होगी और सबको सजा होगी, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अभी इतना ही कहा था कि सदन में समाजवादी पार्टी के नेताओं ने वेल में आकर नारे लगाने लगे कुछ देर नारेबाजी करने के बाद सदन से बहिर्गमन कर गए
आरक्षण का मुद्दा शुरू से ही राजनीतिक रहा है,आरक्षण को किस तरीके से देखना चाहिए,किस तरीके से लागू करना चाहिए इसको लेकर हर पार्टी राजनीति करती है चाहे वह केंद्र की पार्टी हो या राज्य की पार्टी हो,हर पार्टी सदन में खड़े होकर आरक्षण के मुद्दे पर अपना स्टैंड क्लियर रखती है वहीं विपक्ष पार्टी हमेशा आरोप लगाती है जब कोई पार्टी सत्ता में रहती है तो आरक्षण भूल जाती है और जब विपक्ष में रहती है तो आरक्षण को मुद्दा बनाकर सत्ता पक्ष को घेरती है,यह सदियों से चला रहा है,डॉ भीमराव अंबेडकर ने संविधान का निर्माण इसलिए नहीं किया था कि हम आपस में लड़े बल्कि इसलिए किया था कि गरीब,दलित,समुदाय के लोगों को आगे बढ़ाया जा सके उनका हक दिलाई जा सके लेकिन आज की स्थिति यह है कि दलित और गरीबों को लेकर हमेशा राजनीति होती रही है भले ही उनको आरक्षण का लाभ न मिले लेकिन पार्टियों को उनसे वोट चाहिए इसलिए वह आरक्षण का मुद्दा कभी भी छोड़ नहीं सकते,आगे आगे देखते जाइए कि आरक्षण कैसे पार्टियों को जीत दिलाता है धन्यवाद
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