नए साल में नये जंग की शुरुआत

हम सब 2026 में प्रवेश कर चुके हैं और अब पूरा विश्व 2026 की शुरुआत में जश्न मना रहा है,खुशियां मना रहा है,हर जगह खुशी का माहौल है,लोग एक दूसरे को बधाई दे रहे हैं,हम सब ईश्वर से यही प्रार्थना करते हैं कि सब निर्विघ्न रहे और अपने भविष्य के लिए चिंता करें, निरंतर काम करते रहे लेकिन अभी तो जनवरी के कुछ दिन ही बीते थे की जंग की शुरुआत की बिगुल बज चुका हैं,मैं बात कर रहा हूं अमेरिका और वेनेजुएला के युद्ध की जिसकी शुरुआत अमेरिका ने कर दी है अभी जनवरी का पहला सप्ताह भी नहीं गुजरा की युद्ध की खबर आनी शुरू हो गई,अभी तो शुरुआत है आगे आगे देखो होता है क्याhttp://news24hourslatest.in
नए साल में नई जंग की शुरुआत:
अगर वर्ष 2025 हमें बहुत कुछ दिया है तो 2026 के समक्ष नई चुनौतियां युद्ध की खड़ी कर दी है,अब सोचने वाली बात है कि क्या नए साल पूरा जंग का साल रहेगा, अगर ऐसे ही रहा तो 2026 दुनिया के लिए अंधेरों से घिरा रहेगा,क्या हर रोज जंग की ज्वाला की ओर बढ़ रही है,हमारी दुनिया शांति और सहमति से दूर होती चली जाएगी,अमेरिका जो खुद को शांति का दूध बनता है,2026 की शुरुआत उसने जंग से की वह भी अपने स्वार्थ के लिए
अगर वर्ष 2025 हमें बहुत कुछ दिया है तो 2026 के समक्ष नई चुनौतियां युद्ध की खड़ी कर दी है,अब सोचने वाली बात है कि क्या नए साल पूरा जंग का साल रहेगा, अगर ऐसे ही रहा तो 2026 दुनिया के लिए अंधेरों से घिरा रहेगा,क्या हर रोज जंग की ज्वाला की ओर बढ़ रही है,हमारी दुनिया शांति और सहमति से दूर होती चली जाएगी,अमेरिका जो खुद को शांति का दूध बनता है,2026 की शुरुआत उसने जंग से की वह भी अपने स्वार्थ के लिए
अमेरिका ने क्यों किया वेनेजुएला पर आक्रमण:
अमेरिका ने वेनेजुएला पर हमला बोल दिया है और अमेरिकी स्पेशल फोर्स के जवानों ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादूरो को भी गिरफ्तार कर लिया है, आपको बता देगी इन दोनों देशों के बीच संबंध पिछले कई महीनो से खराब चल रहे थे और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्वीट करके यह जानकारी भी दी थी कि अमेरिका कभी भी वेनेजुएला पर हमला कर सकता है, अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2026 की शुरुआत जंग से कर दी,आखिर ऐसा क्या करना चाहते हैं ट्रंप कि एक के बाद एक अलग-अलग देश पर वह हमलावर हो रहे हैं,कभी रसिया पर कभी यूक्रेन पर, फिलहाल उनकी नजर वेनेजुएला के तेल ठिकानों पर भी है
अमेरिका ने वेनेजुएला पर हमला बोल दिया है और अमेरिकी स्पेशल फोर्स के जवानों ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादूरो को भी गिरफ्तार कर लिया है, आपको बता देगी इन दोनों देशों के बीच संबंध पिछले कई महीनो से खराब चल रहे थे और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्वीट करके यह जानकारी भी दी थी कि अमेरिका कभी भी वेनेजुएला पर हमला कर सकता है, अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2026 की शुरुआत जंग से कर दी,आखिर ऐसा क्या करना चाहते हैं ट्रंप कि एक के बाद एक अलग-अलग देश पर वह हमलावर हो रहे हैं,कभी रसिया पर कभी यूक्रेन पर, फिलहाल उनकी नजर वेनेजुएला के तेल ठिकानों पर भी है
क्या सद्दाम हुसैन का हाल करेगा अमेरिका:
आपको बता दे की ऐसे ही सद्दाम हुसैन को भी अमेरिका ने गिरफ्तार करके मरवाया था,जैसे अमेरिका ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादूरो को गिरफ्तार कर लिया और यह नजारा ठीक वैसा ही था जैसे सद्दाम हुसैन को किया गया,इसी तरह सद्दाम हुसैन भी जड़े हुए थे,हताशा के साथ आपको बता दे कि वेनेजुएला के राष्ट्रपति भी सद्दाम की तरह एक संप्रभु देश के निर्वाचित राष्ट्रपति हैं,क्या अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र अमेरिकी हुक्मरानों की सड़क के गुलाम है,आपको बता दे की डोनाल्ड ट्रंप रूस के राष्ट्रपति ब्लादीमीर पुतिन अपने यूक्रेन न्याय समक्ष वोलोदीमीर जेलेस्की को गिरफ्तार करना चाहते हैं,लेकिन अभी तक ट्रंप अपने मकसद में सफल नहीं हुए लेकिन अमेरिकी फौजी ने यूक्रेन के एक बड़े भूभाग पर कब्जा कर लिया है अगर ऐसे ही चला रहा तो फिर शांति के लिए लोग कहां जाएंगे
आपको बता दे की ऐसे ही सद्दाम हुसैन को भी अमेरिका ने गिरफ्तार करके मरवाया था,जैसे अमेरिका ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादूरो को गिरफ्तार कर लिया और यह नजारा ठीक वैसा ही था जैसे सद्दाम हुसैन को किया गया,इसी तरह सद्दाम हुसैन भी जड़े हुए थे,हताशा के साथ आपको बता दे कि वेनेजुएला के राष्ट्रपति भी सद्दाम की तरह एक संप्रभु देश के निर्वाचित राष्ट्रपति हैं,क्या अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र अमेरिकी हुक्मरानों की सड़क के गुलाम है,आपको बता दे की डोनाल्ड ट्रंप रूस के राष्ट्रपति ब्लादीमीर पुतिन अपने यूक्रेन न्याय समक्ष वोलोदीमीर जेलेस्की को गिरफ्तार करना चाहते हैं,लेकिन अभी तक ट्रंप अपने मकसद में सफल नहीं हुए लेकिन अमेरिकी फौजी ने यूक्रेन के एक बड़े भूभाग पर कब्जा कर लिया है अगर ऐसे ही चला रहा तो फिर शांति के लिए लोग कहां जाएंगे
ग्लोबल पीस इंडेक्स क्या कहता है:
आपको बता दे कि ग्लोबल पीस इंडेक्स की ताजा रिपोर्ट के अनुसार संयुक्त राष्ट्र के 193 सदस्य देश में से 78 इस समय किसी ने किसी रूप में जंग से जूझ रहे हैं द्वितीय विश्व युद्ध के बाद या पहला अवसर है जब इतनी बड़ी संख्या में संप्रभु राष्ट्र एक दूसरे से टकरा रहे हैं 17 दुर्भाग्यशाली देश तो ऐसे हैं जिनके 1000 से अधिक नागरिक 2025 में मारे गए हैं 2025 का साल कुछ देशों के लिए बहुत नकारात्मक रहा, इसी 2025 में हिंदुस्तान-पाकिस्तान का युद्ध हुआ रूस यूक्रेन का युद्ध हुआ अमेरिका यूक्रेन का युद्ध हुआ
आपको बता दे कि ग्लोबल पीस इंडेक्स की ताजा रिपोर्ट के अनुसार संयुक्त राष्ट्र के 193 सदस्य देश में से 78 इस समय किसी ने किसी रूप में जंग से जूझ रहे हैं द्वितीय विश्व युद्ध के बाद या पहला अवसर है जब इतनी बड़ी संख्या में संप्रभु राष्ट्र एक दूसरे से टकरा रहे हैं 17 दुर्भाग्यशाली देश तो ऐसे हैं जिनके 1000 से अधिक नागरिक 2025 में मारे गए हैं 2025 का साल कुछ देशों के लिए बहुत नकारात्मक रहा, इसी 2025 में हिंदुस्तान-पाकिस्तान का युद्ध हुआ रूस यूक्रेन का युद्ध हुआ अमेरिका यूक्रेन का युद्ध हुआ
कच्चे तेल ठिकानों पर नजर है अमेरिका की:
आपको बता दे कि अमेरिका कच्चे तेल ठिकानों पर ज्यादा नजर रखता है इसीलिए वह उन देशों पर ज्यादा कब्जा करने की कोशिश करता है जिनके पास कच्चे तेल के अनगिनत ठिकाने हैं,आपको बता दे कि अमेरिका वेनेजुएला पर इसलिए नहीं हमला किया है कि वहां से ड्रग्स अमेरिका को सप्लाई होता है बल्कि इसलिए हमला किया है कि वेनेजुएला के पास अन्य देशों के मुकाबले कहीं अधिक कच्चे तेल के ठिकाने हैं और अमेरिका की नजर इन्हीं तेल ठिकानों पर है इसीलिए अमेरिका ने नोबेल पीस वेनेजुएला की एक महिला को दिया जो आगे चलकर राष्ट्रपति भी बन सकती हैं क्योंकि वर्तमान राष्ट्रपति को अमेरिका ने गिरफ्तार कर लिया है और यह अमेरिका की सूची समझी चाल है की कैसे वेनेजुएला के तेल के ठिकानों पर कब्जा किया जा सके और यही कारण है कि अमेरिका ने रूस पर भी टैक्स लगाया ताकि वह अन्य देशों को सस्ते दामों पर तेल ना बेच सके क्योंकि इससे अमेरिका को घाटा हो रहा था,अब देखते हैं कि आगे इस जंग का क्या रूप निकलता है धन्यवाद
आपको बता दे कि अमेरिका कच्चे तेल ठिकानों पर ज्यादा नजर रखता है इसीलिए वह उन देशों पर ज्यादा कब्जा करने की कोशिश करता है जिनके पास कच्चे तेल के अनगिनत ठिकाने हैं,आपको बता दे कि अमेरिका वेनेजुएला पर इसलिए नहीं हमला किया है कि वहां से ड्रग्स अमेरिका को सप्लाई होता है बल्कि इसलिए हमला किया है कि वेनेजुएला के पास अन्य देशों के मुकाबले कहीं अधिक कच्चे तेल के ठिकाने हैं और अमेरिका की नजर इन्हीं तेल ठिकानों पर है इसीलिए अमेरिका ने नोबेल पीस वेनेजुएला की एक महिला को दिया जो आगे चलकर राष्ट्रपति भी बन सकती हैं क्योंकि वर्तमान राष्ट्रपति को अमेरिका ने गिरफ्तार कर लिया है और यह अमेरिका की सूची समझी चाल है की कैसे वेनेजुएला के तेल के ठिकानों पर कब्जा किया जा सके और यही कारण है कि अमेरिका ने रूस पर भी टैक्स लगाया ताकि वह अन्य देशों को सस्ते दामों पर तेल ना बेच सके क्योंकि इससे अमेरिका को घाटा हो रहा था,अब देखते हैं कि आगे इस जंग का क्या रूप निकलता है धन्यवाद
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