नीतीश कुमार Vs तेजस्वी यादव,पलट रही है बाजी:Bihar Chunav

कुछ ही महीने शेष है बिहार के विधानसभा चुनाव में, एनडीए गठबंधन पूरी ताकत के साथ चुनाव मैदान में उतर चुका है,बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अलग-अलग योजनाएं ला रहे हैं और खास बात है इसका लाभ भी तुरंत मिल रहा है,वही इंडिया गठबंधन के नेता SIR को लेकर बिहार की जनता के बीच में गए हैंhttp://news24hourslatest.in
कौन ज्यादा भारी नीतीश कुमार या तेजस्वी यादव:
आपको बता दे कि बिहार के विधानसभा चुनाव में नीतीश कुमार एनडीए के चेहरे हैं और इंडिया गठबंधन की तरफ से तेजस्वी यादव का चेहरा है हालांकि इंडिया गठबंधन ने अभी तेजस्वी यादव को सीएम पद के रूप में नहीं घोषित किया है,लेकिन फिर भी यही उम्मीद लगाई जा रही है कि अगर इंडिया गठबंधन जीतती है तो तेजस्वी यादव मुख्यमंत्री होंगे,कुछ लोगों का कहना है कि तेजस्वी यादव युवा है,युवाओं की बात ज्यादा सुनते हैं,और तेजस्वी यादव ने खुद कहा है कि जो भी योजनाएं हम ला रहे हैं वह नीतीश कुमार कॉपी करके बिहार की जनता को दे रहे हैं,भाई नीतीश कुमार की बात करें तो ऐसा कहा जा रहा है कि उनकी छवि थोड़ी सी धूमिल हो रही है,हालांकि बिहार में नीतीश कुमार ने काम भी किया है इसमें कोई दो राय नहीं है,थोड़ा उम्र का तकाजा भी दिया जा रहा है कि, नीतीश कुमार अब आने वाले विधानसभा में अगर एनडीए जीती है तो क्या मुख्यमंत्री रहेंगे या नहीं रहेंगे,नितीश कुमार पर भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे हैं, युवा पलायन कर रहे हैं इसका आरोप लग रहा है, कोई फैक्ट्री बढ़िया नहीं बैठ पा रही है इसका आरोप लग रहा है, बहुत सारे तमाम आरोप है जिससे नीतीश कुमार की छवि खराब हो रही है, हालांकि एक बात सच है कि जब लालू यादव की सरकार थी कैसे गुंडागर्दी होती थी,कैसे बूथ कैपचरिंग होती थी,यह सब बिहार की जनता ने भी बताया, तेजस्वी यादव उन्हीं के लड़के हैं
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धार्मिक ध्रुवीकरण कैसे हो रहा है:
मदरसा बोर्ड के 100वी वर्षगांठ मे नितीश कुमार पहुंचे थे,जिसमें बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग इकट्ठा हुए थे,और इस दौरान मंत्री जमा खान ने नीतीश कुमार को टोपी पहनाने की कोशिश की परंतु नीतीश कुमार ने वही टोपी उन्हें पहना दी इससे राजनीतिक हलचल और मच गई,विपक्ष का कहना है कि नीतीश कुमार धार्मिक ध्रुवीकरण कर रहे हैं,बल्कि नीतीश कुमार के पार्टी के लोगों का कहना है कि नीतीश कुमार अक्सर ऐसा ही करते हैं जो उन्हें टोपी पहनाता है वह टोपी ना पहन के आदर सम्मान के साथ उन्हें पहना देते हैं,राजद के एक नेता मृत्युंजय तिवारी का कहना है कि नीतीश कुमार कहते थे टोपी भी पहनना है और टीका भी लगाना है और वह इसी चीज से दूर हो रहे हैं,क्योंकि नीतीश कुमार जब एक बार सीतामढ़ी में गए तो टीका लगाने से मना कर दिया और अब टोपी पहनने से मना कर दिए,इससे नीतीश कुमार की छवि पर काफी प्रभाव पड़ सकता है, अब बात करें इंडिया गठबंधन की तो राहुल गांधी और तेजस्वी यादव ने वोट अधिकार रैली के दौरान अलग-अलग जिलों में भ्रमण किया,लोगों से उनका हाल जाना कुछ लोगों ने उनके सामने यहां तक कबूल किया कि मेरा वोट काटा गया है लेकिन सच्चाई जब पता चली कि लोगों को जबरदस्ती राहुल गांधी के सामने यह कहलवाने पर मजबूर किया गया कि वोट काटा गया है, एक दो वीडियो ऐसे सामने आए हैं जिसमें राहुल गांधी के सामने वोट काटने की बात की गई और जब मीडिया उनसे पूछी तो जवाब मिला कि हमें जबरदस्ती कहवाया जा रहा है,दूसरी बात यह कि अपने वोट अधिकार रैली के दौरान इंडिया गठबंधन की पार्टियां मंदिरों को नजर अंदाज करते हुए गुजरी,इस पर एनडीए भी पीछे नहीं हटी आरोप लगाने से, उनका कहना है कि जिस रास्ते में मंदिर आ रहे हैं वहां यह पार्टी मंदिरों को इग्नोर करके आगे बढ़ती जा रही है,और वोट अधिकार रैली की यात्रा जहां-जहां से गुजर रही है अधिकतर वह मुसलमान क्षेत्र से होते हुए गुजर रही है
आपको बता दे कि बिहार में हिंदुओं की जनसंख्या लगभग 82% है,वही मुसलमान की जनसंख्या 18% है, ऐसे में मुसलमान का वोट सरकार बनाने गिराने में सक्छम,इसलिए कोई भी पार्टी यह नहीं चाहती कि किसी को छोड़ा जाए सबको साथ लेकर चलने की कवयात चल रही है चाहे वह एनडीए हो या फिर इंडिया गठबंधन हो,खैर अब देखते हैं आगे क्या होता है,जानने के लिए पढ़ते रहिए मेरा न्यूज़ चैनल
