
ट्रंप के खिलाफ उतरे 7 NATO देश
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का आतंक देखकर उनके खिलाफ सात देशों ने अपने सैनिक उतार दिए हैं,ट्रंप के टैरिफ़ नीति से लगभग सभी देश परेशान हो रहे हैं,कभी भारत पर,कभी ईरान पर ट्रंप ने तो अब खुली धमकी दे डाली है कि जो भी देश ईरान से तेल का व्यापार करेगा उसे पर टैरिफ लगाया जाएगा और इसी के खिलाफ सात देशों ने नाराजगी जाहिर की है,क्या अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ युद्ध की तैयारी चल रही है, क्या आप नाटक देश टूटने वाला है,अमेरिका के खिलाफ नाटो देश एक हो गए थ,आपने देखा कैसे अमेरिका ने वेनेजुएला पर हमला करके वहां की सरकार को गिरा दिया
क्या ग्रीनलैंड पर अमेरिका का कब्जा हो पायेगा:
ग्रीनलैंड पर कब्जा करने के मामले पर अमेरिका के खिलाफ ब्रिटेन ने आवाज उठाई है लेकिन ब्रिटेन ने ग्रीनलैंड के लिए केवल एक सैनिक भेजा है यह किसी मजाक से काम नहीं है,जबकि सात यूरोपीय देश के करीब 40 राजधानी नुउक पहुंच चुके हैं,रिपोर्ट के अनुसार डेनमार्क,नॉर्वे,फिनलैंड,स्वी डन,जर्मनी,फ्रांस, नीदरलैंड और ब्रिटेन जैसे नाटो देश ने मिलकर ऑपरेशन आर्कटिक एंड्योरेंस नाम से जॉइंट मिलिट्री ऑपरेशन शुरू किया है
ग्रीनलैंड पर सैनिक की क्या तैनाती होगी:
आपको बता दे कि डेनमार्क पहले से ही ग्रीनलैंड मैं करीब 200 सैनिक तैनात किए हुए हैं,आपको बता दे की फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों आने वाले दिनों में हर प्रकार से सहायता की जाएगी चाहे जल,हवा,जमीन से हो,और इसके लिए नाटो देश एक हुए हैं,आपको बता दे कि यह जो ऑपरेशन आर्कटिक एंडोरेंस है वह एक सैन्य अभ्यास है इसका एकमात्र उद्देश्य है कि भविष्य में कभी भी अगर ग्रीनलैंड पर सैनिक तैनात करने की आवश्यकता पड़ी तो इस ऑपरेशन के तहत सैनिक तैनाती की जाएगी,और यह भी कहा जा रहा है कि भविष्य में इससे भी बड़ी योजना की तैयारी है,इससे ग्रीनलैंड और उसके आसपास के इलाकों की निगरानी बहुत सख्त कर दी जाएगी जिससे कि भविष्य में अगर कोई भी बाधा उत्पन्न होती है तो सैया ताकत उसकी पूरी तरीके से सामना करने के लिए तैयार रहेगी:
कब शुरू होगा यह मिशन:
भले ही नाटो देश ने ऑपरेशन आर्कटिक एंडोरेंस शुरू करने की तैयारी की है लेकिन यह केवल सैन्य अभ्यास है अभी पूरी तरीके से लागू नहीं हुआ है,भविष्य में अगर कभी भी ग्रीनलैंड पर कोई संकट आता है तो यह ऑपरेशन के तहत सैया कार्यवाही की जाएगी,हालांकि यह अभियान अभी तुरंत शुरू नहीं होगा,जर्मनी के रक्षा मंत्री ने कहा है कि यह अभियान शुरू होने में अभी कई महीने लग सकते हैं, फिलहाल अभी कोई बड़ा सैनिक कार्रवाई नहीं होगा केवल एक अभ्यास के तौर पर यह ऑपरेशन की शुरुआत की जा रही है
वो देश जो इस मिशन का हिस्सा नहीं है:
आपको बता दे कि नाटो के बड़े सैन्य ताकत वाले देश इस मिशन का हिस्सा फिलहाल नहीं है,पोलैंड,तुर्की फिलहाल इस मिशन का हिस्सा नहीं है उन्होंने अपने सैनिक को भेजने से इनकार कर दिया है,ऐसा कहां जा रहा है कि पोलैंड के लिए सबसे अधिक समस्या का कारण उसकी पूर्वी सीमा है क्योंकि पोलैंड अपनी सैन्य ताकत इस सीमा पर केंद्रित करना चाहता है इसीलिए वह ग्रीनलैंड में सैनिक भेजने से इनकार कर रहा है, आपको यह भी बता दे कि इस ऑपरेशन के तहत जो भी देश सैनिक कार्रवाई का हिस्सा हो रहे हैं वह अलग-अलग अपनी प्राथमिकता के साथ मैदान में उतर रहे हैं, यह सारे देश अपने संसाधनों के हिसाब से काम कर रहे हैं
अमेरिका पर क्या जवाबी टैरिफ लगाएगा यूरोपीय देश:
आपको बता दे कि यूरोपीय यूनियन ट्रंप के टैरिफ लगाने का जवाब देने की तैयारी में जुट गए हैं,यूरोपीय यूनियन ऑफ़ अमेरिका पर उसकी ही चाल चलने वाले हैं यानी कि उल्टा टैरिफ अमेरिका पर लगाने की तैयारी में है, और इसके लिए यूरोपीय देश एक खास कानूनी हथियार इस्तेमाल करने की फिराक में है जिसका नाम दिया जा रहा है ‘ट्रेड बाजूका’,आपको बता दे कि इसका मुख्य मकसद उन देशों के खिलाफ कड़ा कदम उठाना है जो यूरोपीय देश पर जबरदस्ती आर्थिक दबाव बनाने की कोशिश करते हैं
यूरोपीय देश ने अमेरिका पर 0% टैरिफ होल्ड करने की मांग की:
आपको बता दे कि यूरोपीय संघ के सांसद अमेरिका के साथ हुए ट्रेड एग्रीमेंट को रोकने की तैयारी में जुट गए हैं, उन्होंने कहा कि अमेरिका की ग्रीनलैंड को दी हुई धमकी के कारण यह कदम उठाए जा रहा है,उन्होंने अमेरिकी उत्पादों पर 0% टैरिफ को होल्ड करने की बात कही, आप देखते हैं कि नाटो देश का अगला कदम क्या होगा अमेरिका के खिलाफ
