वक्फ बिल कानून अब से पूरे देश में लागू ,विरोध प्रदर्शन जारी
पश्चिन बंगाल से लेकर जम्मू कश्मीर तक लगातार लोग प्रदर्शन कर रहे है,
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हस्ताक्षर के बाद वक्फ बिल अब कानून बन कर लागू हो गया है,
लेकिन देश विरोध प्रदर्शन अनवरत चलता जा रहा है,


वक्फ संशोधन कानून मंगलवार को देशभर में लागू हो गया है,जैसे ही 2 अप्रैल को लोक सभा ये बिल पास हुआ तो कुछ मुस्लिम संगठन के लोग,गैर भाजपाई नेता इसका जमकर विरोध करने लगे,विरोध करते करते ये बिल राज्य सभा में भी 3 अप्रैल को पास है गया,5 अप्रैल को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु द्वारा हस्ताक्षर करने के बाद ये विधेयक कानून में बदल गया और 8 अप्रैल से समूचे देश में लागू हो गया,फिर क्या जैसे ही ये कानून देश में लागू हो क्या वैसे ही पश्चिम बंगाल से लेकर जम्मू कश्मीर तक विद्रोह होने लगा, पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में इस कानून का जमकर विरोध होना शुरू हो गया,पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच जमकर झड़प हुई , मामला जब आगे बढ़ता गया तो पुलिस को मजबूरन आंसू गैस छोड़ने पड़े,
ऑल इंडिया पर्सनल मुस्लिम लॉ बोर्ड का बयान
आपको बता दें कि वक्फ संशोधन बिल को पास होने के बाद से अबतक सुप्रीम कोर्ट में 12 याचिकाएं दाखिल हो चुकी हैं, अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों ने दुर्व्यवहार करते हुए कितनी गाड़ियां भी जला दी,कई जगहों पर आगजनी भी हुई ,ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने 11 अप्रैल से पूरे देश में विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की है,ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने कहा-वक्फ संशोधन बिल इस्लामी मूल्यों, धर्म और शरीयत, धार्मिक और सांस्कृतिक स्वतंत्रता, सांप्रदायिक सद्भाव और भारतीय संविधान के आधारभूत ढांचे पर गंभीर हमला है। कुछ राजनीतिक दलों का भाजपा के सांप्रदायिक एजेंडे को दिए गए समर्थन ने उनके तथाकथित धर्मनिरपेक्ष मुखौटे को पूरी तरह से उजागर कर दिया है।
जमीयत उलेमा ए हिन्द के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने क्या कहा-
मुस्लिमों का सबसे बड़ा कहे जाने वाला संगठन जमीयत उलेमा ए हिन्द के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि ये कानून असंवैधानिक है,मदनी का कहना है कोर्ट इस कानून पर रोक लगाए,उनका कहना है कि अगर ये बिल क़ानून में तब्दील हुआ तो वो सर्वोच्च न्यायालय का रुख करेंगे,उधर मुजफ्फरनगर में उलेमा ए हिंद के अध्यक्ष समेत कई लोगों पर काली पट्टी बांधने पर कार्यवाही की गई,जमीयत उलमा ए हिंद के अध्यक्ष अरशद मदनी का कहना है कि संविधान जनता के हक के लिए बनाया गया है,लेकिन ये बीजेपी की सरकार हमारे मुसलामानों का हक छीनने के लिए नया कानून लाई है,उनका कहना है कि हरे घर का मसला है तो हमें खुद ही निपटना चाहिए,जितने भी नेता इसके विरोध में है उनको मुसलमानों का साथ मिलता नजर आ रहा है,मुजफ्फरनगर के जिला उपाध्यक्ष मौलाना मुकर्रम कासमी का कहना है कि हम मुसलमान है बस यही गलती है अपनी, कासमी का कहना है कि हमें झूठउठ में निशाना बनाया जा रहा है,हापने हक के लिए लड़ाई लड़ रहे है,हम मुसलमानों के लिए लड़ाई लड़ रहे है, और हम अपनी लड़ाई लड़ते रहेंगे,
आपको बता दे कि बिल को राज्यसभा में 128 सदस्यों ने समर्थन दिया था, 95 ने विरोध किया। लोकसभा में यह बिल 2 अप्रैल की आधी रात पारित हुआ था। इस दौरान 288 सांसदों ने समर्थन में और 232 ने विरोध में वोट डाला था।
वक्फ कानून का असर जम्मू कश्मीर में भी देखने को मिला नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के विधायकों ने सदन में बिल पर चर्चा की मांग करते हुए नारेबाजी की। इस दौरान NC और भाजपा विधायकों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई।
मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने वक्फ कानून को असंवैधानिक करार देते हुए सुप्रीम कोर्ट में अब तक 11 याचिकाएं दाखिल की है , सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका पर विचार करते हुए बाद में इसपर फैसला सुनाने को कहा है
