news24hourslatest

पहलगाम हमला:क्यों विफल हो रही है कश्मीर नीति?

पहलगाम हमला:क्यों विफल हो रही है कश्मीर नीति?

पहलगाम हमला:क्यों विफल हो रही है कश्मीर नीति?

लोगों का बड़ा सवाल है की मोदी सरकार की कश्मीर नीति आखिर क्यों फेल हो रही है,जम्मू कश्मीर में हुए पहलगाम हमले आखिर इतने लोगों की जान चली गई,कारण क्या था,क्या मोदी सरकार की कश्मीर नीति फेल हो रही है,सबसे बड़ा सवाल यही है?

साल 2019 में मोदी सरकार ने अनुच्छेद 370 कश्मीर से हटा दिया,जिसकी वजह से कश्मीर की विशेष दर्जा प्राप्त था,सरकार ने घोषणा भी की थी भारत के अन्य राज्य के लोग भी अब कश्मीर में घर बना सकते है , जमीन ले सकते है,अनुच्छेद 370 हटाने के पीछे सरकार का एजेंडा आतंकवाद को समाप्त करना था,
और एक बात अनुच्छेद 370 हटने के बाद कश्मीर में पर्यटकों को संख्या में बढ़ोतरी हुई है,मोदी सरकार का दावा था कि अब कश्मीर में शांति और अहिंसा का नया दौर शुरू होगा,कश्मीर में निर्माण की प्रक्रिया की भी शुरुआत हुई कितने टनल बने और सड़कों का निर्माण भी हुआ, जैसे सोनमर्ग टनल का उद्घाटन किया. यह टनल सोनमर्ग और गगनगिर को जोड़ता है,इस योजना में केंद्र सरकार ने २७०० करोड़ रूपए खर्च किए,सरकार ने शिक्षा पर भी ध्यान दिया,बच्चों को लैपटॉप और मोबाइल बाटे गए,मोदी सरकार का कहना था कि पहले देश के लिए अधिकतर जो स्कीम बनती थी, जो कानून बनते थे, उनमें लिखा होता था जम्मू कश्मीर को छोड़ के अब ये इतिहास की बात हो चुकी है। शांति और विकास के जिस मार्ग पर जम्मू और कश्मीर बढ़ रहा है, उसने राज्यमें नए उद्योगों के आने का मार्ग भी बनाया है। पर जम्मू-कश्मीर आत्मनिर्भर भारत अभियान होगापर अपना योगदान दे रहा है
इतना सब कुछ करने के बाद भी कश्मीर में हिंसा क्यों नही रुक रही है,आखिर क्या कारण है कुछ सालों में ही बड़ा से बड़ा हादसा हो जा रहा है और सरकार इन अंकुश नहीं लगा पा रही है,
कश्मीर के पहलगाम इलाके में हुई इस घटना ने सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया,आखिर इतना बड़ा हमला हुआ कैसे,आतंकवादियों ने धर्म पूछ कर गोली मारी,जानकारो का कहना है कि जम्मू कश्मीर में हिंसा काम होने का नाम नहीं ले रहा है,बीजेपी अपने कश्मीर नीति पर काम नही कर पा रही है
एक अखबार “द इंडियन एक्सप्रेस” के एक रिपोर्ट के हिसाब से एक चश्मदीद ने बताया कि आतंकवादियों ने लगभग 20 मिनट तक लगातार फायरिंग की ,एक और बताया कि हमले के वक्त वो अपने परिवार के साथ थी,लेकिन उन आतंकियों ने मेरे परिवार को मार डाला,उन्होंने कहा कि हमले के वक्त हमारी मदद के लिए कोई नही था,जिस खच्चर से हम आए थे उन्होंने ही हमारी मदद की,उनका दावा है कि सुरक्षा के जवान हमले के बाद आए,क्या ये सवाल वहां की आर्मी,गृह मंत्री अमित शाह,इन सब से पूछा जाना चाहिए की नही आखिर आर्मी को वहां पहुंचने में देरी क्यों हुई,
पूर्व निदेशक इंटेलिजेंस ब्यूरो यशोवर्धन आजाद ने कहा है कि,”हमे जो जानकारी मिल रही है उसके अनुसार इन आतंकवादियों के बारे खुफिया इनपुट थे,फिर भी ये आतंकवादी अपने काम को अंजाम दे पाए,यह एक ऐसा पहलू है जिसका सही तरीके से विश्लेषण करने और सबक सीखने की आवश्यकता है,उन्होंने कहा कि हमे इसकी आशंका नहीं थी आतंकी पर्यटकों को अपना निशाना बनाएंगे,उनका ये भी कहना है कि क्या यहां के स्थानिय लोगों से कोई संपर्क था उन आतंकीयो का, उनका कहना है कि क्या ये सुरक्षा तंत्र का विफलता का परिणाम है की आतंकी अपना निशाना पर्यटकों को बनाए,http://news24hourslatest.in
जम्मू कश्मीर के पुलवामा हमले के बाद सरकार ने निर्णय लिया की जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने के बाद आतंकी हमले नही होंगे,लेकिन पुलवामा के हटने के बाद कश्मीर में ये सबसे बड़ा हमला हुआ,370 हटने के बाद लगभग हर दिन कोई न कोई विद्रोह देखने को मिल रहा है,कभी कोई आर्मी वाला मारा जा रहा है तो देश के निर्दोष लोग मारे जा रहे है,आपको बता दे की 5 अगस्त, 2019 को भारत प्रशासित कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त किये जाने के बाद से घाटी में फैली हिंसा की लहर में कम से कम 197 सुरक्षाकर्मी, 675 संदिग्ध विद्रोही और 131 नागरिक मारे गए हैं।बीजेपी का कहना था कि लंबे समय से चल रहे कश्मीर विवाद को केंद्रीय सरकार ने समाप्त कर दिया है,बीजेपी की हिंजदु राष्ट्रवादी नीति ने कश्मीर जैसे इलाके में और समस्या बढ़ा दी है,वहां के लोगों को लगता है की बीजेपी सिर्फ हिंदुओं की सरकार है ,इसलिए वहां हिंसा ज्यादा बड़ने लगा है,पूर्व विधायक और वामपंथी नेता मोहम्मद यूसुफ तारिगामी ने अल जजीरा से कहा, “अलगाव और गहरा हो गया है। अधिक से अधिक लोग निराश हो रहे हैं और निराशा होना आम बात हो गई है।”उन्होंने ये भी कहा की जब आप लोगों को दीवार की ओर धकेलते हैं, तो किसी तरह की अनुचित स्थिति पैदा हो जाती है। दुर्भाग्य से हिंसा कुछ वर्गों के लोगों के लिए एक विकल्प बन जाती है और यही यहां हो रहा है।”एक कश्मीरी हिन्दू ने कहा है की पिछले ३ दशकों में यहां कुछ नही बदला। जो भी सरकार आती है वो सिर्फ अपना ही देखती है और कुछ नही करती हैं
पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने पत्रकारों से बात करते हुए मोदी सरकार पर हमला किया,उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक युवा घरों से भागकर आतंकवाद में शामिल हो रहे हैं ,यू बीजेपी द्वारा पैदा की गई नफरत दी देन है,न्होंने कहा, “देखिए कि वे कितने लोगों को जेल में डाल रहे हैं और कितनी ताकत दिखा रहे हैं।” “यह नीति कश्मीर में काम नहीं करेगी, अंत में उन्होंने बीजेपी को सख्त नीति अपनाने को कहा ”
कश्मीरी शिक्षाविद मोहम्मद जुनैद का कहना है की मोदी सरकार की कश्मीर नीति मुसलमानों के खिलाफ है,इनकी ये नीति सिर्फ और सिर्फ नफरत पैदा करती हैं,सामान नागरिक अधिकारों का उल्लंघन करती है,जुनैद का कहना है की उनकी कश्मीर नीति,कश्मीर को समाप्त करने के कगार पर है,

अंतराष्ट्रीय समाचार नेटवर्क अल जजीरा का कहना है कि 2019 में 130 लोगों की जान चली गई जिसमे 23 गैर मुस्लिम थे,जिसमे अधिकांश हिंदू थे,वहां की कश्मीरी हिंदुओं का कहना है कि इतनी हिंसा को देखकर हिंदुओं को भी अब डर लगने लगा है,खुद वो असुरक्षित महसूस कर रहे है,नई दिल्ली में इंस्टीट्यूट फॉर कॉन्फ्लिक्ट मैनेजमेंट के कार्यकारी निदेशक और राजनीतिक विश्लेषक अजय साहनी ने अल जजीरा से कहा, “अनुच्छेद 370 हटने के बाद यह दावा किया गया था कि इससे आतंकवाद खत्म हो जाएगा और कश्मीर में विकास और बड़े पैमाने पर निवेश आएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।”उनका कहना है कि अब घाटी में ध्रुवीकरण ज्यादा हुआ रहा है,लोगों में अलगाव की भावना पैदा हो रही है

शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे)ने अपने मुख पत्र सामना में कहा है कि आइस धमकियों से पाकिस्तान नहीं डरने वाला है ,ऐसे धमकियों से केवल मोदी भक्त ही खुश हो सकते है,मोदी सरकार को कोई और रणनीती अपनानी चाहिए,पाकिस्तान की कमर टूटनी चाहिए,पाकिस्तान को धमकाने से ये मसला हल नही होगा,उन्होंने ये भी कहा है कि कश्मीर के पहलगाम में मारे गए अधिकतर हिंदू है,खुफिया एजेंसियों का पूरी तरीके से विफलता दर्शाता है,पीएम मोदी झूट बोलते है की देश सुरक्षित हाथों में है,उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 हटने के बाद गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था कि कश्मीर अब आतंकवाद से मुक्त हो जायेगा,लेकिन ऐसा नहीं हुआ,आए दिन खबर आती है की कोई न कोई निर्दोष मारा गया,2019 में अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से कश्मीर में 197 सुरक्षाकर्मी शहीद हो चुके हैं,उन्होंने मोदी सरकार कोई कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि मोदी सरकार को शर्म आनी चाहिए की वो अपने को हिंदुओं का रक्षक कहते है,कश्मीरी पंडितों के लिए गए वादे का क्या हुआ वो भी विफल हो गया,उनका कहना है की देश में जितनी भ समस्या है उन सब का एक ही जवाब है ,हिंदू – मुस्लिम या फिर भारत पाकिस्तान,उन्होंने आरोप लगाए हुए बीजेपी को कहा की  हिंदुओं की मौत पर शोक मनाना और पाकिस्तान के नाम पर बमबारी करके वोट मांगना पीढ़ियों से उनका काम है

सरकार को इसपर फिर से विचार करना चाहिए,और कश्मीर नीति आखिर क्यों फेल हो रही है,जब तक इसका समाधान नहीं हो पाता तब तक कश्मीर में आपसी सौहार्द नही बना रहेगा

ये भी पढ़े;पहलगाम हमला,सरकार ने माना,सुरक्षा में हुई चूक”

पहलगाम हमला,क्या सरकार के फैसले से हमले रुक जाएंगे ?

Author

  • नमस्कार मेरा नाम दिव्य प्रकाश दिव्य है मैं Blogger और Youtuber हूं मैं अपनी वेबसाइट पर देश दुनिया की ताजा खबरें दिखाता हूं यहीं मेरी वेबसाइट है @news24hourslatest.in

    View all posts
Exit mobile version