पहलगाम हमला,सरकार ने माना,सुरक्षा में हुई चूक”
22 अप्रैल 2025 का वो काला दिन जब कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले में 28 लोगों ने अपनी जान गवा दी,पीएम मोदी ने सऊदी से वापस आते है आपातकाल बैठक बुलाई,जिसमे अमित शाह,राजनाथ सिंह समेत कई बड़े मंत्री उपस्थित थे,भारत सरकार के इस फैसले के बाद पीएम मोदी ने सर्वदलीय बैठक बुलाई जिसमे लोक सभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी,कांग्रेस अध्यक्ष मलिकार्जुन खड़गे AIMIM के नेता असुदुद्दीन ओवैसी समेत और भी नेता मौजूद थे,तकरीबन दो घंटे चली इस बैठक में क्या हुआ आइए जानते है
गुरुवार को हुई इस सर्वदलीय बैठक में सबसे पहले पहलगाम में मारे गए निर्दोषों के लिए दो मिनट का मौन रखा गया,केंद्र सरकार ने माना की सुरक्षा में चूक के कारण इतनी बड़ी गलती हुई,आपको बता दे भारत ने पाकिस्तान में कई तरह के प्रतिबंध लगा चुके है,इस बैठक की अगुआई रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की, सरकार का मानना है की सुरक्षा में हुई गड़बड़ी के कारण आतंकवादियों ने इस घटना को अंजाम दिया,लोक सभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस बैठक में सरकार से सीधा सावल किया है की बैसरन में सुरक्षा कर्मी क्यों मौजूद नहीं थे,विपक्ष के इस सवाल का जवाब देते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है की अगर गलती नही हुई होती तो हम यहां बैठ के चिंतन नही कर रहे होते,सरकार का कहना है कि जो टूरिस्ट ऑपरेटर है उन्होंने बिना सरकार के अनुमति के टूरिस्ट बुकिंग शुरू कर दी,वही इस बैठक में विपक्ष की मांग है आतंकी कैंपों को जल्द से जल्द नष्ट किया जाए,विपक्ष का कहना है की सरकार को कड़े से कड़े कदम उठाने चाहिए,और सब सरकार के साथ खड़े है,वही एआईएमआईएम के नेता ओवैसी ने कहा है की सरकार ने जो सिंधी जल समझौता समाप्त किया है पाकिस्तान से,तो उस पानी को कहा एकत्रित करेंगे इस पर सरकार ने जवाब दिया है की हम उसके लिए भी राजनीति बनाएंगे,बैठक समाप्त होने के बाद केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि मोदी सरकार आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही हैं,किरण ये तक कहा है की पाकिस्तान के खिलाफ सारी पार्टी एक साथ है,भारत सरकार के जल संसाधन मंत्रालय के सचिव देबाशीष मुखर्जी ने पाकिस्तान को पत्र भेजकर सूचित किया है कि 1960 की सिंधु जल संधि को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया गया है।
बैठक के बाद प्रेस कांफ्रेंस करते हुए विदेश सचिव विक्रम मिस्त्री ने कहा है की पाकिस्तान के खिलाफ भारत ने कठोर कदम उठाए है,भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ 5 बड़े फैसले लिए है,
पहला फैसला
करीब 65 साल बाद रोका गया भारत पाकिस्तान का सिंधु जल समझौता,1960 का ये समझौता भरता के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू और पाकिस्तान के राष्ट्रपति अयूब खान के बीच हुआ था,इस समझौते में ये था कि सिंधु नदी प्रणाली की 6 नदियों को कैसे साझा किया जाएगा,इस सिंधु नदी समझौते को भारत ने अब खत्म कर दिया है,बता दे की पाकिस्तान का अधिकांश कृषि,या फिर घर में पीने के लिए पानी का श्रोत सिंधु नदी था,http://news24hourslatest.in
दूसरा फैसला
मोदी सरकार ने दूसरा अहम फैसला लिया है की अटारी इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट को तत्काल बंद कर दिया है,जो लोग वैध तरीके से पाकिस्तान से भारत आए थे उनको अब वापस पाकिस्तान जाना पड़ेगा,इसे बंद करने से पाकिस्तान और भारत के आयात निर्यात पर असर पड़ेगा खासकर पाकिस्तान को क्यों की पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पहले से ही खराब है
तीसरा फैसला
पाकिस्तान नागरिकों को भारत के वीजा पर प्रतिबंध,अब वे भारत नही आ पाएंगे और भारत में रहे है पाकिस्तानी नागरिक को तत्काल भारत छोड़ना पड़ेगा
चौथा फैसला
नई दिल्ली में स्थित पाकिस्तानी उच्चायोग में रक्षा,सेना,नौसेना,सलाहकारों को भी भारत छोड़ना पड़ेगा और भारत पाकिस्तान के इस्लामाबाद स्थित भारत के उच्चायोग को वापस भारत बुलाएगा
पांचवा फैसला
ये भी एक अहम फैसला है,पाकिस्तानी रक्षा सहलकारों को यहां से हटाना और भारत के सहलाकारों को वापस भारत बुलाना उच्चायोग के कर्मचारियों की संख्या 55 से घटाकर 30 कर दी गई
बिहार के मधुबनी में एक रैली करते हुए कहा कि इस हमले साजिश करने वालों की उनकी कल्पना से भी अधिक सजा मिलेगी,अब आतंकियों की बची खुची जमीं को भी मिट्टी में मिलाने का समय आ गया है,मोदी ने कहा कि आज बिहार की धरती से पूरी दुनिया से कहना चाहता हूं की,भारत हर आतंकी और उनके आकाओं की पहचान करेगा,उन्हें खोजेगा और सजा देगा,हम उन्हे धरती के किसी भी कोने तक खदेडेंगे,आतंकवाद से भारत की आत्मा कभी नही टूटेगी,अब देखना है की कहा तक पीएम मोदी अपनी बात पर टिके रहते है
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पहलगाम आतंकी हमला आतंकी बोले जाओ मोदी से कह देना
न राज्य पूछा,न जाति पूछी,न देश पूछा,पूछा तो क्या पूछा की तुम हिंदू हो,फिर मौत के घाट उतार दिया
