पहलगाम हमला,क्या सरकार के फैसले से हमले रुक जाएंगे ?

दिल देहला देने वाला ये कांड ने पूरे भारत को झकझोर कर रख दिया है,किसकी गलती कौन जिम्मेदार?ये तमाम सवाल उठ रहे है
22 अप्रैल 2025 की दोपहर में टूरिस्ट प्लेस पर करीब 30 लोगों को मौत के घाट उतार दिया,धर्म पूछा फिर गोली मार दी,कलमा पढ़ने को कहा नही पढ़ा तो गोली मार दी ,जाहिर सी बात है धर्म के नाम पर हिंदू को मारना,आतंकवादियों का नया फॉर्मूला बन गया,
सवाल उठता है कि क्या पहलगाम के टूरिस्ट प्लेस पर सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं था,क्या आतंकवादियों को पता था कि यहां कोई आने वाला नही है,इसलिए ऐसा वारदात को अंजाम देकर आतंकवादी फरार हो गए
अनुच्छेद 370 हटने के बाद गृह मंत्री अमित शाह ने ये बयान दिया था की कश्मीर से आतंकवादियों की छुट्टी हो गई,अब कश्मीर आतंकवाद मुक्त हो चुका है,तो फिर इतना बड़ा हमला कैसे,ये सवाल सरकार से पूछना चाहिए,टूरिस्ट प्लेस पर आखिर सुरक्षा को लेकर इतनी चूक कैसे हुई,कहां थी कश्मीर के सुरक्षा बलों के जवान,क्या कश्मीर मॉडल है नए भारत का,अब तो भारत के अन्य राज्य के नागरिक कश्मीर घूमने के बारे में सोच भी नही सक,पुलवामा के बाद का सबसे बड़ा आतंकी हमला है ये
ये हमला हिंदुओं के ऊपर कोई नया नही है,कश्मीरी पंडितों पर हमला,लाखों हिंदू इसी डर से कश्मीर छोड़ कर भाग गए,हिंदुओं के लिए कश्मीर कब्रिस्तान बन गया है,हिंदुओं के साथ ऐसा नरसंहार हमेशा से होता रहा है सोचिए अगर इस देश में मुसलमानों के साथ ऐसा हो तो फिर क्या होगा,लेकिन ये मुसलमानों के साथ ऐसा नहीं होगा,क्योंकि मारने वाला आतंकी अब धर्म पूछ कर मार रहा है,क्या इस घटना का कनेक्शन तहव्वुर राणा से है जो महज कुछ दिन पहले ही भारत लाया गया है,पर्यटन के नाम पर कश्मीर में नरसंहार बढ़ता जा रहा है,इस हमले की जिम्मेदारी टीआरएफ जैसे संगठन ने ली है,ये वही टीआरएफ़ (द रजिस्टेंस फ्रंट) संगठन है जिससे लश्कर-तैयबा इस्तमाल करती है,इस आतंकी संगठन टीआरएफ ने कई घटनाओं को अंजाम दे चुका हैं,टीआरफ का कहना है कि जम्मू कश्मीर में गैर स्थानीय लोगों को बसाया जा रहा है,उनका कहना है कि अगर ऐसे ही अवैध तरीके से लोगों को बसाया जायेगा तो यही अंजाम देखने को मिलेगा
इस कठिन समय में विपक्ष का हर नेता ने सरकार के साथ खड़ा है,नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अमित शाह से इस मामले पर बात की और बोला की हम सरकार के साथ खड़े है
सुरक्षा को मद्देनजर रखते हुए भारत में बड़ी बैठक को चुकी है,इस बैठक में पीएम मोदी,गृह मंत्री अमित शाह ,रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह,वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण,सुरक्षा सलाहकार ,विदेश मंत्री समेत और भी बड़े नेता,अधिकारी मौजूद थे,बैठक समाप्त होने के बाद विदेश सचिव विक्रम मिस्त्री ने प्रेस कांफ्रेंस करके पाकिस्तान के खिलाफ उठाए गए कदम की जानकारी दी,इस हमले में पाकिस्तानी कनेक्शन क्या हैं,क्या स्थानी लोगों के संपर्क में थे आतंकवादी
सीसीएस की इस बैठक में लिए गए अहम फैसले
पहला फैसला
करीब 65 साल बाद रोका गया भारत पाकिस्तान का सिंधु जल समझौता,1960 का ये समझौता भरता के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू और पाकिस्तान के राष्ट्रपति अयूब खान के बीच हुआ था,इस समझौते में ये था कि सिंधु नदी प्रणाली की 6 नदियों को कैसे साझा किया जाएगा,इस सिंधु नदी समझौते को भारत ने अब खत्म कर दिया है,बता दे की पाकिस्तान का अधिकांश कृषि,या फिर घर में पीने के लिए पानी का श्रोत सिंधु नदी था,
दूसरा फैसला
मोदी सरकार ने दूसरा अहम फैसला लिया है की अटारी इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट को तत्काल बंद कर दिया है,जो लोग वैध तरीके से पाकिस्तान से भारत आए थे उनको अब वापस पाकिस्तान जाना पड़ेगा,इसे बंद करने से पाकिस्तान और भारत के आयात निर्यात पर असर पड़ेगा खासकर पाकिस्तान को क्यों की पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पहले से ही खराब है
तीसरा फैसला
पाकिस्तान नागरिकों को भारत के वीजा पर प्रतिबंध,अब वे भारत नही आ पाएंगे और भारत में रहे है पाकिस्तानी नागरिक को तत्काल भारत छोड़ना पड़ेगा
चौथा फैसला
नई दिल्ली में स्थित पाकिस्तानी उच्चायोग में रक्षा,सेना,नौसेना,सलाहकारों को भी भारत छोड़ना पड़ेगा और भारत पाकिस्तान के इस्लामाबाद स्थित भारत के उच्चायोग को वापस भारत बुलाएगा
पांचवा फैसला
ये भी एक अहम फैसला है,पाकिस्तानी रक्षा सहलकारों को यहां से हटाना और भारत के सहलाकारों को वापस भारत बुलाना उच्चायोग के कर्मचारियों की संख्या ५५ से घटाकर ३० कर दी गई
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न राज्य पूछा,न जाति पूछी,न देश पूछा,पूछा तो क्या पूछा की तुम हिंदू हो,फिर मौत के घाट उतार दिया
