एक April से लागु होगा केंद्र सरकार का नया पेंशन स्कीम UPS
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने ये जानकारी दी
आइये जानते है क्या है UPS स्कीम और इससे क्या लाभ सरकारी कर्मचारियों को होगा

पहले के NPS सिस्टम में कर्मचारी को अपने सैलरी का 10 % कंट्रीब्यूट करना होता है जिसमे सरकारी कंट्रीब्यूशन 14 % होता है लेकिन जब UPS सिस्टम लागु होगा तो सरकार का कॉन्ट्रिब्यूशन या अंशदान कर्मचारी की बेसिक सैलरी का 18.5% होगा,केंद्र सरकार ने UPS लागु करने की घोंसणा एक April को की थी ,ये स्कीम सिर्फ केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए है,जो NPS के अंतर्गत आते है ,हलाकि सरकार का कहना है की सरकारी कर्मचारी UPS या NPS में किसी को भी चुन सकते है
आइये जानते है UPS के खास बातें –http://news24hourslatest.in
एक April से लागु होगा केंद्र सरकार का नया पेंशन स्कीम UPS ,पहले सरकार पेंशन के लिए कर्मचारियों के वेतन का 14 % अपने पास से देती थी अब सरकार इस 14 % को बढ़ाकर 18.5 कर दिया है ,UPS के तहत भारत सरकार के लगभग 23 % कर्मचारी को 50 % assured पेंशन दिया जायेगा ,मतलब आप जब सेवानिवृत होंगे ,तो उस साल के 12 महीने का जो भी एवरेज अमाउंट बनेगा उसका 50 % मिलेगा,(उदहारण के तौर पर अगर किसी सरकारी कर्मचारी को उसके आखिरी साल में बेसिक पाय 50000 मिलती थी तो उसे रिटायरमेंट के बाद हर महीने 25000 पेंशन मिलेगी )औसत बेसिक पे की 50 % सैलरी उन्हें मिलेगी जिन्हे नौकरी करते हुए 25 साल हो चुके है यानि अगर आप 25 साल की सेवा पूरी करते है तो इसका पूरा लाभ मिलेगा और अगर आप 10 साल सरकार की सेवा किये तो 10000 पेंशन मिलेगा और आपकी अगर मृत्यु हो जाती है तो 60 % पेंशन आपके परिवार को मिलेगा ,मेह्गाई बढ़ने के हिसाब से पेंशन भी बढ़ेगा ,रिटायरमेंट होने के बाद कर्मचारियों को उनकी gratuity ( कर्मचारियों को उनकी लम्बी सेवा के लिए जो आमतौर पर नौकरी छोड़ने ,रिटायर होने या मृत्यु होने पर दी जाती है ),UPS फ़िलहाल केंद्रीय कर्मचारियों के लिए लागु है जिसकी संख्या 23 लाख है लेकिन भविष्य में चाहे तो राज्य सरकार भी इसे लागु कर सकती है अगर सभी राज्य सरकारी इसे लागु कर दे तो कुल कर्मचारियों की संख्या लगभग 90 लाख हो जाएगा,UPS को अपनाने के लिए कोई बाध्यता नहीं है ,कर्मचारी चाहे तो पुरानी NPS स्कीम के तहत अपनी पेंशन लेता रहेगा,
आइये जानते है ओल्ड पेंशन स्कीम और नई पेंशन स्कीम में क्या अंतर है
OPS की शुरुआत ब्रिटिश शासन के समय हुई थी जब 1924 में सिविल प्रतिष्ठानों पर रॉयल कमीशन ने भारत में सेवा कर रहे कर्मचारियों को उनके वेतन का आधा हिस्सा पेंशन के रूप में दिया सेवानिवृत होने दिया जाना था,2003 में सरकार ने OPS लांच की थी उसके बाद 2004 बीजेपी सरकार ने OPS को हटाकर NPS लेकर आयी,लेकिन इस स्कीम का विरोध होना शुरू हो गया ,फिर 2023 मोदी सरकार ने NPS में कुछ बदलाव करने के बाद UPS लागु किया ,ओल्ड पेंशन स्कीम को लाभ पेंशन प्रणाली बोला जाता था वही नई पेंशन प्रणाली को योगदान प्रणाली बोला जाता है ,NPS के जरिये कर्मचारी अपना पैसा कई बैंको ,प्राइवेट कंपनी में निवेश कर सकते थे ,NPS में सैलरी और DA का 10 % हिस्सा कटता रहता है
UPS लागु के बाद सरकार पर वित्तीय बोझ बढ़ने वाला है ,ऐसा माना जा रहा है की UPS स्कीम के तहत सरकारी कर्मचारियों की gratuity राशि में थोड़ी कमी आएगी ,कर्मचारियों को हर 6 महीने की सेवा पर मूल वेतन और महंगाई भत्ते के 10वें हिस्से के तौर पर एकमुश्त भुगतान किया जाएगा ,एक April से लागु होगा केंद्र सरकार का नया पेंशन स्कीम UPS
UPS का विरोध
लेकिन कुछ कर्मचारियों ने इसका विरोध भी किया है,उनका कहना है की UPS में पेंशन काम होगी और कर्मचारियों को पेंशन फण्ड में Kuch योगदान भी करना पड़ सकता है यानि अपने वेतन का 10 % योगदान करना होगा जबकि OPS में ऐसा नहीं था ,सरकारी कर्मचारियों का कहना है की 30 मार्च 2021 में UPS में संशोधन किया गया है की अगर दुर्भाग्यवश मृत्यु हो जाती है या विकलांग तो उसके तो उसके परिवार को पेंशन नहीं मिलेगी,एक April से लागु होगा केंद्र सरकार का नया पेंशन स्कीम UPS,क्या कर्मचारी इस स्कीम को स्वीकार करेंगे
