चीन ने रोकी पाकिस्तान की फंडिंग

चीन ने अपने सबसे बड़े सहयोगी पाकिस्तान के साथ आर्थिक संबंधों को लेकर एक बहुत बड़ा बदलाव किया है,चीन ने पाकिस्तान के सारे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोडक्ट्स के लिए फंडिंग रोक दी है,पाकिस्तान के लिए यह सबसे बड़ी समस्या का कारण हो गया है क्योंकि पाकिस्तान एक तरफ अमेरिका पर डिपेंडेंट है और दूसरी तरफ चीन पर डिपेंडेंट है दोनों देश पाकिस्तान पर प्रहार करते ही रहते हैं क्योंकि पाकिस्तान के पास तो कुछ है नहीं वह कभी अमेरिका से उधार मांगता है, तो कभी आईएफ से उधार मांगता है, तो कभी चीन से उधार मांगता हैhttp://news24hourslatest.in
आईए जानते हैं पूरा मामला:
जैसा कि हम सबको पता है कि पाकिस्तान इस समय हर क्षेत्र में पीछे है चाहे वह आर्थिक स्थिति हो,चाहे वह सैन्य बल हो,चाहे वह डेवलपमेंट की बात हो,जैसा कि हम सबको पता है कि भारत और चीन मिलकर अब व्यापार करने वाले हैं ऐसी स्थिति में पाकिस्तान को बेहद नुकसान पहुंचा है, चीन ने पाकिस्तान के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोडक्ट्स की फंडिंग को रोक दिया है,चीन का ये निर्णय SCO सम्मेलन के बाद आया है,चीन पाकिस्तान इकोनामिक कॉरिडोर यानी की CPEC में चीन ने रुकावट कर दिया है,रिपोर्ट्स के अनुसार माने तो चीन ने पाकिस्तान को 2 मिलियन डॉलर की फंडिंग करने से मना कर दिया है,यह प्रोजेक्ट CPEC का सबसे बड़ा हिस्सा था और कराची से पेशावर तक का रेलवे कॉरिडोर इसमें शामिल था
पाकिस्तान पहुंचा ADB:
जैसा कि हम सबको पता है कि चीन ने पाकिस्तान इकोनामिक कॉरिडोर के लिए 2 मिलियन डॉलर की फंडिंग करने से मना कर दिया है जिसके कारण पाकिस्तान अब एशियन डेवलपमेंट बैंक की तरफ रुख कर चुका है,पाकिस्तान ADB से 2 मिलियन डॉलर की मांग की है,SCO सम्मेलन में पाकिस्तान प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ भी शामिल थे और चीन भी था,सम्मेलन के बाद चीन ने यह निर्णय लिया,आपको बता दे कि पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शाहाबाद शरीफ ने SCO सम्मेलन से पहले चीन की यात्रा भी की थी लेकिन फिर भी उन्हें यह फंडिंग नहीं मिली,अब पाकिस्तान का यह हाल है कि वह अब एशियाई डेवलपमेंट बैंक के पास जाकर 2 मिलियन डॉलर की भीख मांग रहा है
क्या असर पड़ा पाकिस्तान पर:
जैसा कि हम सबको पता है कि पाकिस्तान वित्तीय चुनौतियों से पहले से ही जूझ रहा है,एक रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान का चिन पर बकाया 1.5 बिलियन डॉलर है,रिपोर्ट्स के अनुसार पाकिस्तान को मई 2025 में आईएमएफ से 7 बिलीयन डॉलर में से एक बिलियन डॉलर का बैलआउट पैकेज मिला,पाकिस्तान पूरी तरीके से कर्ज में डूबा हुआ है, ना तो उसकी अर्थव्यवस्था ठीक है और ना ही उसका सेनाबल ठीक है,चीन के फंडिंग रोकने से पाकिस्तान के विकास पर प्रभाव पड़ेगा,CPEC पर चीन की फंडिंग कम होना पाकिस्तान के बजट पर भार बढ़ाएगा,विशेषकर जब वो पहले ही आयात,कर्ज़ और आर्थिक असंतुलन से जूझ रहा है, और अब तो पाकिस्तान का भरोसा चिन पर कम हो जाएगा
कारण क्या था फंडिंग रोकने का:
जैसा कि हम सबको पता है कि चीन ने पाकिस्तान के दो मिलियन डॉलर की फंडिंग को रोक दिया है और पाकिस्तान अब एशियन डेवलपमेंट बैंक से 2 मिलियन डॉलर का लोन मांग रहा है,चीन की फंडिंग रोकने के बहुत सारे कारण हो सकते हैं जैसे-
1-चीन की आर्थिक व्यवस्था बहुत खराब है वह पहले से ही कर्ज में डूबा हुआ है,आईएमएफ एडीबी जैसे संस्थानों से लगातार कर्ज मांग मांग रहा है
2-चीन को हमेशा यह रिस्क दिखता है कि पाकिस्तान कि कर्ज वापस करने की गारंटी निश्चित नहीं है,क्योंकि चीन को डर है कि अगर पाकिस्तान भुगतान नहीं किया तो यह प्रोजेक्ट लंबित हो जाएगा,इसलिए चीन ने अतिरिक्त पैसा लगाने में रोक लगा दिए
3-CPEC प्रोजेक्ट पर हमले हुए जिसमें कई चीनी इंजीनियर भी मारे गए
4-आईएमएफ अगर कर्ज न दे तो पाकिस्तान अपनी अर्थव्यवस्था चलाने में सक्षम नहीं दिखता
5-पाकिस्तान में राजनीतिक अस्थिरता बनी रहती है क्योंकि वहां सरकार हमेशा बदलती रहती है इसलिए पाकिस्तान के साथ काम करने में चीन असहज महसूस करता है
चीन ने पाकिस्तान की 2 मिलियन डॉलर की फंडिंग तो रोक दी है लेकिन आगे चीन किन-किन क्षेत्र में पाकिस्तान की मदद कर सकता है यह देखने वाली बात है,फिलहाल पाकिस्तान अब एशियन डेवलपमेंट बैंक की से 2 मिलियन डॉलर का लोन मांग रहा है,ताकि उसके प्रोजेक्ट ना रुके,पाकिस्तान की यह स्थिति पूरा विश्व देख रहा है क्योंकि पाकिस्तान आतंकवाद का समर्थन करता है,पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था चकनाचूर हो चुकी है अगर उसे आईएमएफ और अन्य देश लोन ना दे तो पाकिस्तान चल भी ना पाए,पता नहीं आने वाले दिनों में पाकिस्तान जिससे कर्ज लिया है वह चुका पाएगा या नहीं,यही सब कारण है कि चीन ने पाकिस्तान में अतिरिक्त पैसा लगाने से मना कर दिया अब देखते हैं आगे चीन क्या कदम उठाता है लेकिन अन्य खबरों के लिए पढ़ते रहिए मेरा न्यूज़ चैनल
