दुलारचंद हत्याकांड: इनको अब होगी सजा

बिहार में विधानसभा चुनाव सर पर है ऐसे में सारी पार्टियां चुनाव प्रचार करने में लगी है इसी बीच मोकामा विधानसभा क्षेत्र से एक ऐसी खबर आई जो पूरे देश को हिला कर रख दिया जी हां मैं बात कर रहा हूं दुलारचंद हत्याकांड के बारे में,दुलारचंद जन सूराज पार्टी के कार्यकर्ता जो अपने उम्मीदवार के लिए प्रचार कर रहे थे अचानक उन पर हमला हुआ गोली चली और उनकी मृत्यु हो गई,लेकिन इस पर सजा किसको मिलनी चाहिए कब मिलनी चाहिए इसमें देरी क्यों हो रही है इस पर कोई चर्चा नहीं हो रही है यहां तक की पुलिस भी अभी पूर्ण रूप से खामोश हैhttp://news24hourslatest.in
आईए जानते हैं पूरा मामला:
मामला है 29 अक्टूबर 2025 का,समय दोपहर का जब दुलारचंद यादव अपने जन सुराज पार्टी के प्रत्याशी संतोष कुमार के समर्थन में प्रचार करने निकले थे जैसे ही वह अपने गाड़ी से निकले तो कुछ लोगों ने उनका काफिला रोक दिया और ऐसा कहा जा रहा है कि जीन लोगों ने उनका काफिला रोका था वह अनन्त सिंह के समर्थक थे,अचानक धीरे-धीरे बहस हुई और बहस इतनी तेज हो गई की हाथापाई होने लगी,इतनी व्यापक हो गई की अनन्त सिंह के पैर पर कुछ लोगों ने गोली मार दी,गोली लगने के बाद दुलारचंद जमीन पर गिर पड़े लेकिन झगड़ा जारी रहा,उसके बाद आरोप लगाया गया की थार गाड़ी उनके ऊपर चढ़ाई गई जिसकी वजह से उनके पैरों में चोट आ गई,और जब पुलिस पहुंची तो उनको वहां से खून के निशान बरामद हुए
कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है:
मोकामा में यह जो जघन्य हुआ जिसमें दुलारचंद यादव जो जन सुराज पार्टी के समर्थक थे उनकी मौत हो गई इस हत्याकांड पर कौन दोषी है किसको सजा मिलनी चाहिए,किसने किसको मारा,कारण क्या था फिलहाल इस पर कोई चर्चा नहीं हो रही है इस घटना को भूलकर सब पार्टिया चुनाव प्रचार में लगी है,इसीबीच चुनाव में ऐसी घटनायें जनता को भ्रमित भी करती है,और ऐसा कहा जा रहा है कि अनन्त सिंह के समर्थकों ने यह कृत किया है, अनन्त सिंह जनता दल यूनाइटेड के मोेकामा विधान सभा क्षेत्र से विधायक के प्रत्याशी रहे है
पोस्टमार्टम में क्या रिपोर्ट आया:
ऐसा कहा जा रहा था कि दुलारचंद यादव की गोली मारकर हत्या करगी की गई है,लेकिन पोस्टमार्टम की रिपोर्ट कुछ और ही कहती है उस रिपोर्ट में यह कहा गया है कि दुलारचंद की हत्या गोली से नहीं हुई है,FIR हुआ दुलारचंद के पोते ने अनन्त सिंह पर आरोप लगाते हुए बोला कि दादा की हत्या अनंत सिंह के गुंडो ने की है
कौन है अनंत सिंह:
अनन्त सिंह की छवि एक अपराधी के तौर पर देखी जाती है परंतु कुछ लोग इसे मसीहा भी कहते हैं,अनन्त सिंह पहले राष्ट्रीय जनता दल के नेता थे लेकिन बाद में वह नीतीश कुमार की पार्टी को ज्वाइन कर लिये,लोग उन्हें छोटे सरकार के नाम से भी बुलाते हैं,अनन्त सिंह मोेकामा विधानसभा क्षेत्र से कई बार विधायक बन चुके हैं और धीरे-धीरे उन्होंने अपना बहुत बड़ा जन आधार इकट्ठा किया यही कारण है कि कुछ लोग उन्हें मसीहा भी कहते हैं लेकिन अधिकांश लोग उन्हें अपराधी के तौर पर देखते हैं और डरते भी हैं,अनन्त सिंह पर कई आपराधिक मुकदमे शामिल है,जैसे
1-2008 में मोकामा में गोली कांड हुआ था जिसमें अनन्त सिंह का नाम सबसे ऊपर शामिल था
2-2015 में जब वह विधायक थे तब उनके घर से ग्रेनेड AK-47 मिलने का मामला भी दर्ज हुआ था
3-अनन्त सिंह कई बार जेल जा चुके हैं लेकिन हर बार वह चुनाव जीत जाते हैं
4-हत्या,रंगदारी,लूटपाट,अपहरण इन सब कारनामों में अनन्त सिंह का नाम शीर्ष पर रहता है
बिहार हो या उत्तर प्रदेश हो इन दोनों राज्यों में जब भी चुनाव आते हैं तो कोई ना कोई ऐसी घटना सुनने को, देखने को मिल ही जाती है,कोई न कोई बाहुबली जरूर हावी होता है जिससे की जनता डरती है और डर के कारण वोट दे देती है और फिर 5 साल घुट घुट के जीना पड़ता है उन्हें,और यही कारण है कि विकास नहीं हो पाता वही बाहुबली नेता अपने आपराधिक छवि के कारण लोकप्रिय रहता है,उसे पुलिस भी डरने लगती है इसलिए उन बाहुबलियों के खिलाफ कोई मामला भी जल्दी दर्ज नहीं होता है,और आज आप बिहार में देख लीजिए दुलारचंद की हत्या,जब चुनाव आता है तब कोई ना कोई ऐसी घटना देखने को मिल जाती है ऐसी घटनाओं से वह क्षेत्र ही नहीं बल्कि वह राज्य भी पीछे चला जाता है विकास के नाम पर केवल लूटमार होता है,अत्याचार का कोई मामला दर्ज नहीं होता है,आपको बता दे दुलारचंद जी की हत्या हो चुकी है वह राष्ट्रीय जनता दल के टिकट पर विधायक रह चुके हैं और इस बार वह प्रशांत किशोर की पार्टी के प्रत्याशी संतोष कुमार का प्रचार प्रसार कर रहे थे,अब देखते हैं की पुलिस क्या एक्शन लेती है,जानने के लिए पढ़ते रहिए मेरा न्यूज़ चैनल