दूसरे चरण में इंडिया गठबंधन को पड़ेगी बंपर वोट,जानिए कैसे

बिहार में दूसरे चरण का मतदान संपन्न 11 को होना है अब सारी पार्टियों की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है क्योंकि 14 नवंबर को आने वाले हैं बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के परिणाम इंडिया गठबंधन की तरफ से तेजस्वी यादव और एनडीए गठबंधन की तरफ से नीतीश कुमार दोनों का दाव लगा हुआ है इस बार के चुनाव मे, ऐसा कहां जा रहा है कि पहले चरण की वोटिंग में विपक्ष को फायदा होता हुआ दिख रहा है अब ऐसे में कुछ रिपोर्टरों का यह कहना है कि दूसरे चरण के मतदान में भी इंडिया गठबंधन को बंपर सीट मिलने की आशंका है लेकिन यह चुनाव है कुछ कहा नहीं जा सकता,सर्वे सटीक आंकड़े नहीं बताते हैं वह मात्र गिने-चुने कुछ लोगों के राय हैंhttp://news24hourslatest.in
आईए जानते हैं दूसरे चरण के चुनाव के बारे में:
बिहार चुनाव का गणित भारत के अन्य राज्यों से बिल्कुल अलग है क्योंकि यहां कभी जाति का फैक्टर देखा जाता है तो कभी बाहुबलियों का फैक्टर भी देखा जाता है,उस आधार पर यहां की जनता वोट करती है, आखिरी चरण में 20 जिलों में 122 विधानसभा सीटों पर चुनाव होने वाले हैं जिसमें कुल 1302 उम्मीदवार खड़े हुए हैं इसमें से 1165 पुरुष है और 136 महिलाएं हैं और 21 आरक्षित सिट हैं दूसरे चरण के चुनाव में सीमांचल जिला भी शामिल है जो की बहुत बड़ा फैक्टर होने वाला है इस चुनाव का क्योंकि यहां 29 विधानसभा सिट हैं जिस पर ओवैसी का कब्जा माना जा रहा है जहां तेजस्वी यादव ने भी अपनी एड़ी चोटी लगाई है और ऐसा कहां जा रहा है कि यहां तेजस्वी यादव को ज्यादा से ज्यादा सिट मिलने की आशंका है वही ओवैसी 65 सीटों पर चुनाव लड़े हैं,ओवैसी के साथ चंद्रशेखर रावण और स्वामी प्रसाद मौर्य गठबंधन में है,इन सभी 122 सीटों पर दोनों पार्टियों का कब्जा बराबर का है तो आप यह नहीं कह सकते कि किसको अधिक सिट जाएंगे हालांकि कुछ रिपोर्ट इंडिया गठबंधन को आगे कर रहे हैं तो कुछ NDA गठबंधन को आगे कर रहे हैं लेकिन कहा कुछ भी नहीं जा सकता है,मनीष कश्यप,सुपरस्टार पवन सिंह की बीवी,नीरज सिंह बबलू जैसे जैसे तमाम बड़े नेताओं का भविष्य कैद है
दोनों पार्टियों ने अपनी अपनी जाति को टिकट दिया है:
आपको बता दें की राष्ट्रीय जनता दल ने यादवों को टिकट दिया है,कुछ सामान्य जातियों को टिकट दिया है और मुसलमान को भी टिकट दिया है वहीं एनडीए में देखा जाए तो भाजपा ने सवर्ण को ज्यादा टिकट दिया है और मुसलमान को एक भी टिकट नहीं दिया है लेकिन नीतीश कुमार ने लगभग 74 सेट अति पिछड़ा वर्ग को दिया है इसलिए सीटों का जोे बटवारा हुआ है वह सभी जातियों में हुआ है लेकिन कुछ मुसलमान वर्ग राष्ट्रीय जनता दल से नाराज इसलिए है क्योंकि मुकेश साहनी को उपमुख्यमंत्री का उम्मीदवार घोषित किया गया है जबकि उनका वोट प्रतिशत मात्र 2.5% है और मुसलमान का 19% होते हुए भी कोई उपमुख्यमंत्री का चेहरा नहीं है,इंडिया गठबंधन तो मुसलमान को रिझाने के लिए तेजस्वी यादव ने वक़्फ़ कानून को खत्म करने की बात कही,हालांकि वह केंद्र का कानून है और राज्य कैसे खत्म करेगा इस पर कोई चर्चा नहीं की गई है
जन सुराज पार्टी बिगाड़ सकता है खेल:
अगर दोनों पार्टियों को नुकसान हुआ तो यह जो तीसरी पार्टी है प्रशांत किशोर की जनसुराज पार्टी इसको फायदा मिल सकता है,भले यह सरकार ना बनाएं और प्रशांत किशोर यह कह भी चुके हैं कि उनकी पार्टी किसी के साथ कठबंधन नहीं करेगी लेकिन निर्णायक भूमिका में रहेगी,एक इंटरव्यू में बात करते हुए प्रशांत किशोर ने यह कहा की या तो जन सुराज पार्टी की 10 से कम सिट आएंगे या फिर 100 से अधिक सिट आएंगे कि वह सरकार बनाने की भूमिका में आ जाए बीच का कोई कॉन्सेप्ट नहीं रहेगा,हम सबको पता है कि प्रशांत किशोर रणनीतिकार है लेकिन चुनाव लड़ना और रणनीति बनाना दोनों अलग है हालांकि प्रशांत किशोर खुद चुनाव नहीं लड़ रहे हैं लेकिन उनकी पार्टी 243 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ रही है,प्रशांत किशोर का कहना है कि उनकी पार्टी इसलिए जीत रही है क्योंकि वह विकास के मुद्दे पर,रोजगार के मुद्दे पर,पलायन के मुद्दे पर,शराब बंदी कानून के मुद्दे पर बात कर रही है ना की जाति के मुद्दे पर बात कर रही है लेकिन बिहार में जाति फैक्टर सबसे अधिक प्रभावित रहता है यह बात प्रशांत किशोर को पता है लेकिन फिर भी वह जाति से ऊपर हटकर युवाओं की बात करते हैं,वहीं महिलाएं इस चुनाव मे बढ़ चढ़कर वोटिंग की है और ऐसा कहा जा रहा है कि महिलाओं का अधिकतर वोट नीतीश कुमार को गया है क्योंकि नीतीश कुमार ने महिलाओं के लिए बहुत कुछ किया है,बहुत योजनाएं लागु की है जिससे कि महिलाएं बहुत खुश है,अब देखना है कि 14 नवंबर का जो परिणाम आएगा उसमें कौन से मुद्दे पर बढ़ चढ़कर वोटिंग हुई है क्या इस बार बिहार की जनता अलग हटकर वोटिंग की है या फिर वही जाति के आधार पर वोटिंग हुई है जानने के लिए पढ़ते रहिए मेरा न्यूज़ चैनल
