जयशंकर ने ऐसा क्या कहा कि USA को झुकना पड़ा:America News

अमेरिका का भारत पर 50% का टैरिफ 27 अगस्त से लागू हो गया है,भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक विरोध इतना बढ़ गया है कि प्रधानमंत्री मोदी तक को यह कहना पड़ा कि हम अमेरिका के सामने नहीं झुकेंगे, वहीं भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी ऐसा क्या कह दिया कि अमेरिका में सुर्खियां बन गई, जिसकी चर्चा अमेरिका के टेलीविजन पर हो रही है,और ऐसा माना जा रहा है कि जयशंकर की इस बयान के बाद अमेरिका का रुख थोड़ा नरम हो गया हैhttp://news24hourslatest.in
इंडिया अमेरिका न्यूज़:
अमेरिका ने 27 अगस्त से भारत और 50% टैरिफ लागू कर दिया है,अमेरिका का कहना था कि वह अपना डेयरी प्रोडक्ट भारत में बेचे लेकिन भारत के प्रधानमंत्री ने स्पष्ट रूप से कह दिया कि वह किसानों के साथ कोई समझौता नहीं करना चाहते हैं,भले ही इसकी कीमत क्यों न चुकानी पड़े,इससे नाराज अमेरिका लगातार भारत पर टैक्स बढ़ाता जा रहा है,इसी बीच भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर का एक ऐसा बयान आया जो अमेरिका की टेलीविजन पर छा गया है,जैसा कि हम सबको पता है कि भारत रूस से तेल खरीदने की समझौता किया है,क्योंकि भारत को सस्ता तेल रूस से मिल रहा है,और अमेरिका नहीं चाहता कि भारत रूस से तेल खरीदे,और यही कारण है कि अमेरिका भारत से व्यापारिक विरोध करना शुरू कर दिया है,कई देश ऐसे हैं जो अमेरिका के सामानों पर प्रतिबंध लगा चुके हैं,इससे अमेरिका की अर्थव्यवस्था पर काफी बुरा असर भी पड़ सकता है
आईए जानते हैं जयशंकर ने क्या कहा:
भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अमेरिका के सवालों का कड़ा जवाब दिया,जैसा कि हमको पता है कि अमेरिका यह नहीं चाहता कि भारत रूस से तेल खरीदे,और भारत रूस से तेल इसलिए खरीदना चाहता है क्योंकि तेल सस्ता मिल रहा है,इसी का पलटवार करते हुए जयशंकर ने कहा कि अमेरिका को इतनी ही दिक्कत है भारत से कि वह रूस से तेल ना खरीदे तो अमेरिका भी भारत से शोधित तेल ना खरीदे,अब जयशंकर के इस बयान से अमेरिका और भारत में तनाव और बढ़ गया है, अमेरिका चाहता है कि उसका व्यापार दुनिया के हर स्तर पर पहले रहे पर ऐसा होने वाला अब नहीं है,ऐसा भारत में पहले ही कह दिया है
अमेरिकी वित्त मंत्री ने क्या कहा:
अमेरिका के एंकर ने अमेरिकी वित्त मंत्री से जब यह सवाल पूछा कि भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा है कि अमेरिका भारत से शोधित तेल ना खरीदे अगर उसे इतनी ही दिक्कत है तो इस पर अमेरिकी वित्त मंत्री ने कहा कि भारत एक बड़ा लोकतंत्र है और हम जल्द ही साथ होंगे,और अमेरिका दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है,अमेरिकी वित्त मंत्री के इस बयान से यही मतलब निकलता है कि वह चाहते हैं कि भारत अमेरिका के साथ अच्छे संबंध बीते
अमेरिका का क्या आप है भारत पर:
अमेरिका का कहना है कि भारत रूस से सस्ते दामों पर तेल खरीदेगा और उसे शोधित करके अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेचकर अच्छा मुनाफा कमाएगा,और इससे रूस को भी फायदा होगा और अमेरिका यह नहीं चाहता कि रूस की आर्थिक स्थिति बेहतर हो इसलिए वह भारत पर दबाव डाल रहा है कि भारत रूस से तेल ना खरीदे,एक बात और है कि अमेरिका ने जो जो शर्तें रखी थी भारत पर वह शर्तें भारत ने कबूल करने से मना कर दिया, इससे अमेरिका बौखला गया और भारत पर टैरिफ लगाने की घोषणा करती
21 दिन का समय क्यों मागा था अमेरिका ने:
जैसा कि हम सबको पता है कि भारत रूस से तेल खरीदने का समझौता कर लिया है और अमेरिका को यह बर्दाश्त नहीं है,इसलिए अमेरिका भारत से समझौता के लिए 21 दिन का समय मांगा था लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने उनकी शर्तों को कबूल नहीं किया इस कारण अमेरिका बौखला गया है,प्रधानमंत्री ने साफ-साफ कह दिया कि हम पर दबाव बढ़ सकता है परंतु हम पीछे हटने वालों में से नहीं है, हम अपने देश के किसानों,पशुपालकों के साथ कोई समझौता नहीं करेंगे
भारत के इस कड़े रूख से अमेरिका को थोड़ा सदमा तो लगा है क्योंकि भारत के विदेश मंत्री ने भी अमेरिका को सीधी चेतावनी दे दी कि वह भारत से शोधित तेल खरीदना बंद कर सकता है,अब आगे देखना है कि यह व्यापारिक विरोध का क्या अंजाम होगा और भारत पर इसका क्या असर पड़ेगा जानने के लिए पढ़ते रहिए मेरा न्यूज़ चैनल
