चिराग पासवान हुए नाराज चाहिए 40 सीट:Bihar Vidhansabha Chunav

अक्टूबर और नवंबर में बिहार में विधानसभा चुनाव होना प्रस्तावित है,एनडीए और उनके साथी लगभग सीट बंटवारे को लेकर चर्चा कर चुके हैं,लेकिन ऐसा देखा जा रहा है कि लोक जनशक्ति पार्टी(रामविलास) के चिराग पासवान सीट शेयरिंग पर अभी खुश नहीं हैhttp://news24hourslatest.in
आईए जानते हैं क्या कहना है चिराग पासवान का:
लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के मुखिया चिराग पासवान सीट शेयरिंग पर नाराज से दिख रहे हैं,आपको बता दे की NDA और उनके साथी को कितनी सीटें मिलेगी इसका डाटा तैयार हो चुका है लेकिन चिराग पासवान इस प्रक्रिया से खुश नजर नहीं आ रहे हैं, आपको बता दे की चिराग पासवान की पार्टी को 20 सिटे मिलने का अनुमान है लेकिन चिराग पासवान चाहते हैं उन्हें 40 सीट मिले और इस पर अभी पार्टी असमंजस में पड़ी हुई है,चिराग पासवान की यह मांग एनडीए के लिए बहुत सर दर्द हो गया है,यूं कहें कि चिराग की मांग ने एनडीए के समीकरण को पेचीदा बना दिया है।
चिराग पासवान ने अपने बहनोई से क्या कहा:
जैसा कि हम सबको पता है कि चिराग पासवान की पार्टी को 20 सिट मिलने का अनुमान है लेकिन चिराग पासवान इससे काफी नाराज दिख रहे हैं उनकी मांग है 40 सीटों की जिस पर अभी कोई सहमति पार्टी की नहीं बनी है और एनडीए और गठबंधन के नेता चिराग पासवान को मनाने में लगे हैं,वही चिराग पासवान अपने बहनोई और जमुई के सांसद अरुण भारती का नाम आगे कर दिया है,क्योंकि अरुण भारती ने चिराग पासवान के लिए 43 से 103 सीटों की मांग कर दी जो एनडीए के लिए सबसे बड़ा सिर दर्द का कारण बन रहा है
आईए जानते हैं 2020 का क्या समीकरण था:
आपको बता दे की 2020 के विधानसभा चुनाव में चिराग पासवान और उनकी पार्टी ने अकेले दम पर चुनाव लड़ा था,चिराग पासवान ने 137 सीटों पर अपने उम्मीदवार को खड़ा किया था,लेकिन 137 सीटों में से 136 सीटों पर पार्टी को हार का सामना करना पड़ा,मात्र एक सीट पार्टी जीत पाई वह भी मटिहानी विधानसभा सीट (बेगूसराय ज़िला) जहां से राजकुमार सिंह ने जीत दर्ज की
आईए जानते हैं किसको कितनी सिटे मिली हैं:
जनता दल यूनाइटेड (JDU) 102 और भाजपा 101 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) यानी LJP (R) को 20, जीतन राम मांझी की हिंदुस्तान अवाम मोर्चा (HAM) और उपेंद्र कुशवाहा के राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) को 10-10 सीटें मिली हैं
क्या मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से आगे निकलना चाहते हैं पासवान:
आपको बता दे की 2020 के विधानसभा चुनाव में चिराग पासवान की पार्टी को मात्र एक सीट पर जीत मिली थी और चिराग पासवान नहीं चाहते थे कि बिहार का मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बने लेकिन ऐसा नहीं हुआ और अभी एनडीए के गठबंधन में नीतीश कुमार भी हैं और चिराग पासवान भी है,और 2025 का विधानसभा चुनाव एक ही साथ लड़ रहे हैं, 2020 में जनता दल यूनाइटेड की खराब उपलब्धि का जिम्मेदार चिराग पासवान बने थे,क्योंकि जेडीयू का कहना था कि भाजपा ने इन्हें प्रोजेक्ट किया जिसकी वजह से जदयू की छवि खराब हुई और इसी वजह से जेडीयू और भाजपा में चिराग पासवान की वजह से मनमुटाव हो गया
कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि चिराग पासवान अपने पार्टी को जेडीयू से ज्यादा मजबूत करने की कोशिश में लगे हैं,लेकिन जेडीयू कभी भी उनको ज्यादा सिटे ऑफर नहीं करेंगी,और चिराग पासवान को 20 सीटों पर ही समझौता करना पड़ सकता है,चिराग पासवान अपनी स्थिति को मजबूत करना चाहते हैं ताकि भविष्य में वह बिहार के सीएम पद के चेहरे भी घोषित हो सकते हैं, लेकिन जेडीयू उनको ऐसा करने नहीं देगी,चिराग पासवान यंग चेहरे हैं बिहार की राजनीति के लिए और एक बात आपको और बता दें तेजस्वी यादव भी यंग चेहरे हैं और फिलहाल तेजस्वी यादव इंडिया गठबंधन की तरफ से सीएम पद के उम्मीदवार हो सकते हैं, इसलिए कहीं ना कहीं चिराग पासवान को यह लगता है कि वह सीएम पद के रेस में आ सकते हैं,क्योंकि चिराग पासवान भी खुद को एक बड़े नेता के तौर पर बिहार में प्रोजेक्ट करना चाहते हैं लेकिन अभी उस लेवल तक नहीं पहुंच पा रहे हैं जिस लेवल तक तेजस्वी पहुंच चुके हैं,और यही कारण भी है कि चिराग पासवान हमेशा सुर्खियों में बने रहना चाहते हैं,और अपने पार्टी के लिए मजबूती से खड़े भी हैं,और सबसे खास बात यह है कि मोदी के पसंदीदा नेताओं में से एक है चिराग पासवान, फिलहाल यह देखना है कि एनडीए गठबंधन के नेता चिराग पासवान को मना पाते हैं या नहीं, जानने के लिए पढ़ते रहिए मेरा न्यूज़ चैनल