बिहार के बाद अब बंगाल में ऐसा यार की तैयारी:Chunav Aayog

SIR का मुद्दा इस समय पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है,बिहार में SIR तेजी से चल रहा है,ऐसा कहा जा रहा है कि जितने भी घुसपैठिये हैं उनके बारे में सब पता चल जाएगा इस SIR से,अक्टूबर नवंबर में बिहार में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं,और अगले साल बंगाल में विधानसभा चुनाव होंगे जिसको लेकर अब चुनाव आयोग इतना सक्रिय हो गया है कि SIR वहां भी होने जा रहा है,बंगाल में SIR को लेकर हड़कंप मच गई है रोजाना कई हजार रिपोर्ट शौपी जा रही हैhttp://news24hourslatest.in
आईए जानते हैं बंगाल में क्या हो रहा है:
केंद्रीय चुनाव आयोग ने बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) की तैयारियां तेज कर दी है,मतदाता सूची में संशोधन का काम शुरू हो चुका है,चुनाव आयोग अभी बिहार में विशेष ज्गहन पूनरीक्षण का काम कर रहा था क्योंकि अक्टूबर नवंबर में बिहार में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, अब आरोप चुनाव आयोग पर लगाया गया कि ठीक चुनाव के पहले ही यह विशेष गहन पूनरीक्षण का काम क्यों हो रहा है लेकिन अब तो बंगाल में अगले साल चुनाव होने वाले हैं जिसको देखते हुए चुनाव आयोग अभी बंगाल में भी विशेष जगहन पूनरीक्षण का काम शुरू कर दिया है,आपको बता दे कि बंगाल के सीमावर्ती मुस्लिम बाहुल्य जिलों में जैसे मुर्शिदाबाद,मालदा मे SIR के पहले जन्म प्रमाण पत्र के लिए होड़ लग चुका है,बंगाल के लोग सामान्य कीमत से दुगना कीमत देकर जन्म प्रमाण पत्र को सही कराने में, डिजिटल कराने में लंबे लंबे कतारों में खड़े हैं
बंगाल के लोगों का क्या कहना है:
जैसे ही चुनाव आयोग ने बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) का काम तेजी से शुरू कर दिया है तो लोगों में हड़कंप पहुंच गई है,लोग लंबी-लंबी कतारों में खड़े होकर जन्म प्रमाण पत्र शुद्धिकरण करने में लगे हुए हैं,लोगों का कहना है की हो सकता है सरकार SIR के बाद NRC भी कर दे,इसलिए जनता चाहती हैं कि जल्द से जल्द जन्म प्रमाण पत्र उनके हाथ रहे ताकि भविष्य में कोई अवरोध न पैदा हो,वहां के नगर पालिका के अध्यक्ष का कहना है की रोजाना 10 और 12 आवेदन आते थे सुधार करने या डिजिटल कराने हेतु लेकिन जब से SIR चुनाव आयोग ने लागू किया है बंगाल में तब से 500 से 600 रोजाना जन्म प्रमाण पत्र के सुधार के लिए आवेदन होते हैं
आरोप प्रत्यारोप का सिलसिला भी जारी है:
मुर्शिदाबाद के टीएमसी विधायक मोहम्मद अली का कहना है कि उनकी पार्टी SIR के विरोध में नहीं है,या कोई भी राजनीतिक दल SIR का विरोध नहीं कर रहा है,वहीं कांग्रेस के पूर्व सांसद अधीर चौधरी ने कहा है कि सरकार इस दहशत को रोक सकती है लेकिन वह रोकेगी नहीं क्योंकि इससे उसको फायदा मिल रहा है, जाहिर सी बात है SIR के वजह से बंगाल में भी हड़कंप मचा हुआ है,लोग जल्दी से जल्दी अपना जन्म प्रमाण पत्र में सुधार करवाना चाहते हैं,लेकिन इस भीड़ में किसी की जान ना चली जाए इसका भी ध्यान राज्य सरकार को रखना चाहिए वरना फिर आरोप चुनाव आयोग पर आ जाएगा और केंद्र सरकार पर
भाजपा का क्या कहना है:
बंगाल मे SIR को लेकर लोगों में काफी अफरा तफरी मची हुई है इसी बीच भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सदस्य भट्टाचार्य का कहना है इस अफरा तफरी के माहौल के लिए टीएमसी जिम्मेदार है,क्योंकि अफरा तफरी में किसी की जान भी जा सकती है कुछ गलत भी हो सकता है,इसलिए राज्य सरकार को चाहिए कि वह इस चीज पर नियंत्रण रखें
अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन का क्या कहना है:
नोबेल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्र के जानकार अमर्त्य सेन ने SIR के मुद्दे पर अपनी बात रखि,अमर्त्य सेन ने SIR पर चिंता जताते हुए कहा कि अगर इसे संवेदनशील तरीके से नहीं किया गया तो बहुत सारे गरीब और दलित अपने मताधिकार से वंचित हो जाएंगे,इसलिए इसे बेहद गंभीर तरीके से पुनरीक्षण करना होगा
कितने पुलिंग बूथ है बंगाल मे:
आपको बता दें कि चुनाव आयोग का कहना है कि बंगाल में नए पुलिंग बूथ भी बनाए जाएंगे,फिलहाल बंगाल में 80000 पोलिंग बूथ है और ऐसा कहा जा रहा है की नई बूथ बनाने के बाद इनकी संख्या 94000 हो जाएगी
बिहार में SIR तेजी से चल रहा है और अब बारी है बंगाल की लेकिन बिहार बिहार में इंडिया गठबंधन के नेताओं ने SIR का जमकर विरोध किया है,उनका कहना है कि SIR के जरिए सरकार नए वोटरों को जोड़ना चाहती है और उसका लाभ लेना चाहती है, लेकिन वही एनडीए के नेताओं का कहना है कि SIR के जरिए घुसपैठियों का पता भी चल जाएगा, अब देखना है की बंगाल में SIR का कितना विरोध हो रहा है और कितना समर्थन,जानने के लिए पढ़ते रहिए मेरा न्यूज़ चैनल