जापान को छोड़ते हुए भारत बना विश्व की चौथी बड़ी अर्थव्यवस्था फिर भी इतनी गरीबी क्यों है?

ऐसी खबर है कि इंडिया ने जापान को GDP मे पछाड़ते हुए विश्व की चौथी बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है,आपको बता दे कि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के अप्रैल 2025 के वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक के अनुसार भारत की GDP लगभग $4.187 ट्रिलियन तक पहुंच चुकी है, lजो जापान की जीडीपी से थोड़ी अधिक है,जापान की GDP (लगभग $4.186 ट्रिलियन) है,फिर भी भारत इतनी गरीबी क्यों झेल रहा है?http://news24hourslatest.in
चौथी बड़ी अर्थव्यवस्था फिर भी इतनी गरीबी क्यों:
हाल ही में भारत चौथी बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है, जापान को पीछे छोड़ते हुए फिर भी भारत में इतनी गरीबी क्यों है? लाखों लोग भूखे सोते हैं, कितने लोगों के घर नहीं है, कहीं पुल के नीचे तो कहीं सड़कों के किनारे सोते हैं,इसका कारण हो सकता है जनसंख्या,क्योंकि भारत सबसे बड़ी जनसंख्या का देश है,आपको पता होगा कि भारत की वर्तमान जनसंख्या लगभग 145 करोड़ है,अब चौथी बड़ी अर्थव्यवस्था हो चुका है भारत फिर भी गरीबी मुख्य कारण है जनसंख्या की क्योंकि पैसा तो है लेकिन जनसंख्या इतनी है कि लोगों को देने के लिए उतने पर्याप्त पैसे नहीं है,हमारी सरकार भी अब पूरे एक्शन में है क्योंकि जो भी इलीगल तरीके से भारत में रह रहे हैं उनको भारत के बाहर का रास्ता दिखाने का समय आ चुका है,और इस काम के लिए उन्हें डेडलाइन भी दे दी गई है,भारत में अवैध रूप से रह रहे लोगों के लिए सरकार SIR करा रही है,जिससे पता तो चले कितने घुसपति है भारत में अवैध रूप से रह रहे हैं,बहुत बड़ा फैक्टर है यह जिसके कारण भारत के अन्य लोगों को रोजगार मिलने में समस्याएं उत्पन्न होती हैं
भारत की GPD per Capita Income कितनी है:
बात करें GPD per Capita Income की तो हम 194 देश में 143 में नंबर पर आते हैं,GPD per Capita इनकम का साधारण मतलब यह है कि हम भारत की पूरी इकोनॉमी को भारत के लोगों में बांट दें तो उसे जीडीपी पर कैपिटा कहेंगे,और कैलकुलेशन के हिसाब से एक इंसान भारत मे औसतन ₹2,50,000 रुपए सालाना कमा रहा है जो की बहुत कम है वही जीडीपी पर कैपिटा के मामले में सिंगापुर बहुत आगे है, बात करें जीडीपी पर कैपिटा इनकम सिंगापुर की तो वहां हर एक इंसान लगभग एक करोड रुपए कमा रहा है जोकि कि बहुत अच्छा है,लेकिन एक बहुत बड़ा फैक्टर है वो है पापुलेशन यानी जनसंख्या,सिंगापुर की जनसंख्या मात्र 60 लाख,और भारत की जनसंख्या 145 करोड़,मतलब भारत ढाई सौ गुना अधिक है सिंगापुर से जनसंख्या के मामले में,इसलिए भारत की तरक्की में सबसे बड़ा जो अवरोध है वह है जनसंख्या का,अगर इस पर नियंत्रण भारत करेगा तो उसकी अर्थव्यवस्था और अधिक सुधरेंगी
नीति आयोग का क्या कहना है:
NITI Aayog के सीईओ B. V. R.Subrahmanyam का कहना है कि “हम आज चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था हैं… केवल अमेरिका, चीन और जर्मनी ही हमसे आगे हैं”, नीति आयोग का यह भी अनुमान है कि अगर विकास दर ऐसे ही प्रगति करता रहा तो वह दिन दूर नहीं जब हम तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनकर उभरेंगे,वह भी तीन से चार वर्षो के बीच में,और एक दीर्घकालिक सच बता रही है कि भारत 2038 तक अमेरिका को भी पीछे छोड़ सकता है हालांकि संभव करना मुश्किल है, लेकिन इसके लिए भारत को बहुत मुसीबत का सामना भी करना पड़ सकता है, जैसे पहले जनसंख्या पर नियंत्रण,दूसरा है हर योजनाओं को अच्छी तरीके से लागू करना और उस पर निगरानी रखना कि उसका लाभ जनता तक पहुंच रहा है कि नहीं और तीसरा भ्रष्टाचार पर कंट्रोल,और भी बहुत सारे फैक्टर हैं जो भारत की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने में अवरोध उत्पन्न करते हैं
बात करें वैश्विक रिश्ता की तो भारत की वैश्विक स्तर पर अर्थव्यवस्था काफी सुधरी है, ऐसा आईएमएफ की रिपोर्ट कहती है,लेकिन भारत में अभी पर कैपिटा इनकम बहुत कम है जिसका मुख्य कारण है बढ़ती हुई आबादी जो कि भारत की है 145 करोड़,सरकार को कम से कम इस जनसंख्या पर नियंत्रण लाने के लिए सबसे शक्त कानून लागू करना चाहिए,और मेरा मानना है कि सरकार के इस जनसंख्या नियंत्रण फैसले में विपक्ष को भी समर्थन करना चाहिए तभी भारत की अर्थव्यवस्था और मजबूत होगी,पूरे विश्व में ऐसी सुर्खियां चलती रहती है कि भारत अर्थव्यवस्था में आगे बढ़ रहा है परंतु जो आंतरिक सुधार भारत में जरूरी है,और जितने भी बाहर से घुसपैठीइए यहां रह रहे हैं सबसे पहले उनको बाहर करना चाहिए,उनकी नागरिकता समाप्त करें सरकार और उनको बाहर का रास्ता दिखाएं तब जाकर हालात और सुधरेंगे, बांग्लादेश से मुसलमान परेशान होकर भारत आ रहे हैं, पाकिस्तान से मुसलमान परेशान होकर भारत आ रहे हैं,और भारत उन्हें शरण दे रहा है,और सरकार इसको नजरअंदाज करेगी तो भारत को बहुत बड़ा खामियाजा भुगतना पड़ेगा
अवैध घुसपैठियों का असर भारत पर:
भारत सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को एक हलफनामा दिया है जिसमें यह लिखा है कि अवैध रूप से भारत में रह रहे लोगों की पहचान मुश्किल है लेकिन कुछ रिपोर्ट के अनुसार भारत में लगभग दो से ढाई करोड़ अवैध रूप से या गुप्त रूप से रह रहे हैं,बांग्लादेश से हो,म्यांमार से हो पाकिस्तान से हो या कोई और देश से हो
निष्कर्ष यह निकलता है कि भारत जापान को पहचानते हुए चौथी बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है लेकिन अभी भी भारत की तरक्की में जो सबसे बड़ा अवरोध है वह अवैध घुसपैठिए और भारत की जनसंख्या इन दोनों चीजों पर भी सरकार को सख्त से सख्त कानून बनना पड़ेगा अन्यथा आने वाले समय भारत के लिए बहुत कष्टदायक हो सकता है,और भी लेटेस्ट खबरों के लिए पढ़ते रहिए मेरा न्यूज़ चैनल