आखिर ईरान भारत से व्यापार क्यों करना चाहता है?

आपको जानकर खुशी होगी की रसिया,चीन जैसे देश जो भारत से व्यापार कर रहे हैं उसमें एक नाम और है वह ईरान का, जी हां दोस्तों अब ईरान भारत की तरफ रुख कर रहा है,ईरान रूस,चीन जैसे विकसित देशों के बाद अब भारत जैसे विकासशील देशों के साथ भी व्यापार करना चाहता हैhttp://news24hourslatest.in
क्या ईरान अमेरिका के टैरिफ़ से परेशान है?
इसका जवाब है हां, ईरान अमेरिका के सख्त टैरिफ़ से परेशान होकर भारत, रूस, चीन की तरफ रूख कर रहा है,वैसे तो अमेरिका से परेशान होकर कई देश दूसरे देशों से व्यापार कर रहे हैं उसमें एक नाम शामिल हो गया ईरान का,ईरान अमेरिका को छोड़कर अन्य देशों से अपने रिश्ते मजबूत करना चाह रहा है,अमेरिका ने ईरान पर आर्थिक और तेल निर्यात के संबंध में कई पाबंदियां लगा रखी है जिसकी वजह से ईरान को अपना तेल व अन्य जरूरी सामान कई देशों में बेचना अत्यंत मुश्किल हो गया है,वैसे भी अमेरिका ईरान के कई हथियार, विमान और सैन्य उपकरण बेचने पर रोक लगा रखी है, आपको बता दे कि अमेरिका ने ईरान की कई बड़ी-बड़ी कंपनियां,सरकारी अधिकारियों की संपत्ति नेताओं की संपत्ति भी फ्रीज कर दी है,यहां तक की कई अधिकारियों के अमेरिका आने-जाने पर भी प्रतिबंध है
ईरान का भारत से व्यापार:
बात करें ईरान और भारत के संबंध की तो दोनों में व्यापारिक संबंध अच्छे हैं अभी तक,आपको बता दे कि भारत और ईरान के बीच पहले से ही व्यापार और कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट(जैसे चाबहार बंदरगाह और INSTC कॉरिडोर)चल रहे हैं,भारत को तेल,गैस की अत्यधिक मात्रा में जरूरत होती है जिसमें ईरान भारत की मदद करता है,अमेरिका के टैरिफ दबाव के कारण भारत ने ईरान से तेल आयात कम कर दिया था लेकिन अब फिर से ईरान चाहता है कि भारत से व्यापार और मजबूत हो
ईरान के सुप्रीम लीडर ने क्या कहा:
ईरान के सुप्रीम लीडर आयातुल्ला अली ख़ामनेई ने कहा है कि ईरान अपने पड़ोसी और एशियाई देशों के साथ व्यापारिक संबंध को मजबूत करें,आगे उन्होंने यह भी कहा है कि भारत से व्यापारिक संबंध हम और मजबूत करना चाहते हैं,ऐसा माना जाता है कि दोनों देशों में व्यापारिक संबंध पहले से ही रहे हैं लेकिन अब ईरान चाहता है कि और मजबूत हो,आपको पता ही होगा कि अमेरिकी दबाव के कारण भारत ने भी ईरान से क्रूड ऑयल खरीदना बंद कर दिया था परंतु अब ईरान चाहता है कि उसे फिर से मजबूती से शुरू की जाए
अमेरिका ने ईरान पर पाबंदी क्यों लगाई:
जैसा कि हम सबको पता है कि अमेरिका अलग-अलग देश पर अलग-अलग टैरिफ लग रहा है,इसके कारण कई देश को आर्थिक समस्या से जूझना पड़ रहा है,इसमें ईरान भी शामिल है,आईए जानते हैं वह कारण जिससे अमेरिका ईरान पर पाबंदी लगाए लग रहा है
1-अमेरिका का मानना है कि ईरान परमाणु तकनीक का इस्तेमाल परमाणु हथियार बनाने के लिए कर रहा है, जबकि ईरान का कहना है कि उसका परमाणु तकनीक शांतिपुर उद्देश्य के लिए है
2-अमेरिका का कहना है कि ईरान,हिज्बुल्लाह, हमास और शिया देश को पैसा और हथियार सप्लाई करता है
3-अमेरिका ईरान को न्यूक्लियर हथियार और आतंकवाद की वजह से खतरनाक मानता है
आईए जानते हैं भारत और ईरान का व्यापारिक संबंध कैसा है:
2025 की बात करें तो भारत और ईरान के बीच व्यापार का $652 मिलियन था,इसमें से $465 मिलियन भारत से ईरान को निर्यात और $187 मिलियन ईरान से भारत को आयात हुआ,आपको बता दे कि भारत चाय,चावल चीनी,दवाइयां,इलेक्ट्रॉनिक मशीनस,आर्टिफिशियल ज्वेलरी निर्यात करता है और कच्चा तेल,पेट्रोलियम उत्पाद फल यह चीज आयात करता है
ईरान अब भारत से व्यापारिक संबंध मजबूत करना चाहता है,क्योंकि अमेरिका ने ईरान पर साधारण टैरिफ़ नहीं लगाया बल्कि ऊर्जा,व्यापारिक,बैंकिंग क्षेत्र, रक्षा क्षेत्र, इन सब पर भी पाबंदी लगाई ताकि ईरान की अर्थव्यवस्था कमजोर हो और ईरान अमेरिका की सारी शर्तें कबूल कर ले,वैसे भी अमेरिका और ईरान में युद्ध हो चुका है ऐसे में दोनों देश एक दूसरे के दुश्मन भी है,वैसे भी ईरान कह चुका है कि वह अमेरिका के किसी भी धमकी से डरने वाला नहीं है लेकिन अमेरिका ने यह भी कह दिया है कि अगर ईरान से कोई देश सामान आयात करवाता है तो उस देश की कंपनियों पर भी भारी पाबंदी लगाई जा सकती है,अब देखना है कि अमेरिका उन देशों पर फिर से कौन सी पाबंदी लगाता है जो ईरान से व्यापार करते हैं और क्या भारत ईरान से व्यापारिक संबंध और मजबूत करेगा या नहीं जानने के लिए पढ़ते रहिए मेरा न्यूज़ चैनल
