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सत्य परिश्रम कराता है पराजित नहीं:Operation Sindur

सत्य परिश्रम कराता है पराजित नहीं:Operation Sindur

सत्य परिश्रम कराता है पराजित नहीं:Operation Sindur
सत्य परिश्रम कराता है पराजित नहीं:Operation Sindur
                                                                                                                                                                                                                                                             अब पाकिस्तान ने भी यह कबूल कर लिया है कि भारत और पाकिस्तान में जो युद्ध हुआ था उसमें किसी तीसरे देश की कोई भूमिका नहीं थी,क्योंकि ये भारत और पाकिस्तान के बीच का मामला था,पाकिस्तान के इस मंत्री के बाद से भारत में शरगर्मी तेज हो गई है, ऑपरेशन सिंदूर को लेकर फिर से बहस शुरू हो चुकी है अभी तक तो वोट चोरी पर पर बहस हो रही थी लेकिन जैसे ही पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने एक इंटरव्यू में यह बात कही कि इस भारत-पाकिस्तान के युद्ध में किसी तीसरे देश में कोई हस्तक्षेप नहीं किया तब से सियासी बवाल तेज हो चुका हैhttp://news24hourslatest.in
आईए जानते हैं पूरा मामला:
पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारत ने पाकिस्तान के घर में घुसकर आतंकवादी हमला किया, उनके आतंकी ठिकानों को ध्वस्त किया और कई आतंकवादी को भी मार गिराया, उसके बाद पाकिस्तान के डीजीएमओ द्वारा युद्ध विराम की घोषणा की गई और भारत-पाकिस्तान के बीच युद्ध थम गया लेकिन भारत में तब सियासी बवाल चालू हो गया जब ट्रंप ने यह बात कही कि मैंने भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध विराम की घोषणा करवाई, उसके बाद भारत में जितने विपक्षी दल हैं सब आक्रामक हो गए और सब सत्ता पक्ष से ये सवाल पूछने लगे कि आखिर अमेरिका ने यह ऑपरेशन सिंदूर में मध्यस्थता क्यों की?आखिर क्यों अमेरिका ने युद्ध विराम की घोषणा की जबकि यह युद्ध भारत और पाकिस्तान के बीच हो रहा है,लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव सब बड़े-बड़े नेताओं ने केंद्र सरकार पर यह आरोप लगाया की ऑपरेशन सिंदूर अमेरिका के वजह से रुका,और इस मुद्दे पर कई दिनों तक भारत में बहस चलती रही,नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सरकार से यह भी पूछा कि हमने कितने राफेल खो दिए और पाकिस्तान के कितने आतंकवादी मारे गए, कितने एयरबेस तबाह किये गए है सबकी जानकारी पब्लिक से सरकार साझा करें
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पाकिस्तान के विदेश मंत्री मोहम्मद इशाक दार ने क्या कहा:
पाकिस्तान के विदेश मंत्री मोहम्मद इस्हाक़ दार ने एक इंटरव्यू में यह कह दिया कि भारत और पाकिस्तान के बीच में जो शांति हुई थी उसमें किसी तीसरे देश की मध्यस्थता नहीं थी,क्योंकि भारत मे यह दावा किया जा रहा था कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत और पाकिस्तान युद्ध के बीच शांति कराई है और अब यह लगता है कि ट्रंप वाला बयान सरासर गलत है क्योंकि जो असली बयान था वह पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने अपने एक इंटरव्यू में दे दिया है,मोहम्मद इस्हाक़ दार ने इंटरव्यू में कहा कि जब भारत पाकिस्तान पर हमला कर रहा था तो पाकिस्तान अमेरिका के विदेश मंत्री से गुहार लगाई की क्या अमेरिका भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता करा सकता है लेकिन अमेरिका की तरफ से जवाब आया कि भारत किसी भी शर्त पर झुकने वाला नहीं है क्योंकि यह मुद्दा भारत का है, इस्हाक़ दार का यह भी कहना है कि पाकिस्तान संवाद के लिए तैयार है भारत से और आतंकवाद,व्यापार-अर्थव्यवस्था,जम्मू-कश्मीर सहित सभी विषयों पर सुचारू रूप से चर्चा भी हो सकती है
क्यों फैलाया गया भ्रम भारत के लोगों में:
अब आप बताइए कि पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने जो बात कही उससे यह साबित होता है कि मध्यस्थता में अमेरिका का कोई हाथ नहीं था,ऑपरेशन सिंदूर के बाद लगातार भारत की मीडिया ने अपने चैनलों पर दिखाया कि कैसे ट्रंप ने इंडिया और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थ की लेकिन पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने इस बात को खारिज कर दिया,आखिर हम अपने देश का माहौल इतना क्यों बिगाड़ना चाहते हैं, क्यों जब कोई अन्य देश भारत के खिलाफ बोलता है तो हम उसका समर्थन करते हैं अपने देश में रहकर, क्या यह लोकतंत्र को खतरा नहीं है,क्या यह भ्रम फैलाने से आपसी भाईचारा नहीं बिगड़ेगा,ऑपरेशन सिंदूर एक नाजुक मुद्दा जिसे विपक्ष ने जमकर छेड़ा है जिसका परिणाम यह हुआ कि आज विपक्ष भी अपने बयानों से शर्मशार महसूस कर रहा होगा
मैं विपक्ष के सारे नेताओं से यही आग्रह करता हूं कि आप एनडीए गठबंधन,सत्ता पक्ष पर जमकर बरशिये है, उनके हर नीति की आलोचना कीजिए, जनता में जाइए और उनकी नीतियों में जो खामियां हैं उसे बताइए, परंतु अपने देश में रहकर किसी अन्य देश का गुणगान अगर आप करेंगे तो यह देश के लिए भी खतरा है, देश के लोकतंत्र के लिए भी खतरा है और खासकर पाकिस्तान जैसे देशों का जो आतंकवादियों को समर्थन करता है और उनको अपने यहां शरण भी देता है
राहुल गांधी का विदेशी प्रेम:
लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी हमेशा सरकार की नीतियों का विरोध करते हैं, सत्ता को टारगेट करते हैं जो एक खूबसूरत लोकतंत्र की परिभाषा है क्योंकि अगर योजनाओं से लाभ नहीं मिल रहा है तो आप उसके लिए आंदोलन कर सकते हैं, लेकिन अगर आप भारत में रहकर भारत के विरोध में जो बयान आते हैं उनका समर्थन करेंगे तो जनता आपको सीरे से नकार देगी, इसलिए हर नेता को विरोध करने का अधिकार है लेकिन अगर कोई अन्य देश भारत की बुराई करता है तो उसका समर्थन कतई नहीं करना चाहिए, धन्यवाद
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  • नमस्कार मेरा नाम दिव्य प्रकाश दिव्य है मैं Blogger और Youtuber हूं मैं अपनी वेबसाइट पर देश दुनिया की ताजा खबरें दिखाता हूं यहीं मेरी वेबसाइट है @news24hourslatest.in

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