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राहुल गांधी के हाइड्रोजन बम का असली सच:Vote Chori

राहुल गांधी के हाइड्रोजन बम का असली सच:Vote Chori

राहुल गांधी के हाइड्रोजन बम का असली सच:Vote Chori
राहुल गांधी के हाइड्रोजन बम का असली सच:Vote Chori
                                                                                                                                                                                                                                                                जी हां दोस्तों जैसा की हम सबको पता है लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक बार एटम फोड़ा था प्रेस कांफ्रेंस के जरिए जिसमें उन्होंने भाजपा और इलेक्शन कमीशन पर 1,00,000 वोट चोरी का इल्जाम लगाया था और इसी को आधार बनाते हुए बिहार मे वोट अधिकार यात्रा निकाली थी इस यात्रा के दौरान उन्होंने जमकर बीजेपी और इलेक्शन कमीशन पर बरसे थे, विपक्षियों का कहना था कि राहुल गांधी के एटम बम में नहीं है दम,और इलेक्शन कमीशन ने भी राहुल गांधी के आरोपो को खारिज करते हुए माफी मांगने के लिए कहाhttp://news24hourslatest.in
एटम बम के बाद अब हाइड्रोजन बम:
जैसे ही इलेक्शन कमीशन ने राहुल गांधी के आरोपे को खारिज किया और देश से माफी मांगने को कहा और यह भी कहा कि अगर राहुल गांधी को पूर्ण रूप से जांच करानी है तो हलफनामा लिखित रूप से दे परंतु राहुल गांधी ने ऐसा कोई हलफनामा नहीं दिया, उसके बाद राहुल गांधी ने हाइड्रोजन बम की बात की और कहा कि यह बम एटम बम से भी कहीं ज्यादा खतरनाक होने वाला है और प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए उन्होंने कहा कि इलेक्शन कमिशन वोट चोरी कर के मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए हैं और नए मतदाताओं के नाम जोड़े है और वह भी बिना किसी जानकारी के,आगे उन्होंने कहा कि उनके पास हाइड्रोजन बम जैसा सबूत है जिससे इलेक्शन कमिशन की सारी खोल खुल जाएगी और उसके बाद फिर इलेक्शन कमीशन ने उनके आरोपों को बेबुनियाद बताया और खारिज किया
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आखिर राहुल गांधी चाहते क्या है:
प्रेस कांफ्रेंस के दौरान जब एक पत्रकार ने राहुल गांधी से यह सवाल पूछा कि आपके पास जब पूरा सबूत है तो आप कंप्लेंट फाइल क्यों नहीं करते,आप कोर्ट में क्यों नहीं जाते तो राहुल गांधी ने सीधा-सीधा जवाब उस पत्रकार को दिया कि उनका काम लोकतंत्र को बचाना नहीं है,ये काम जांच एजेंसियों का है कि वह लोकतंत्र की रक्षा करें और जाँच एजेंसीयां जब अपना काम ठीक से नहीं कर रहे हैं इसलिए मुझे ऐसा करना पड़ रहा है,एक उदाहरण के तौर पर आप समझिए कि जैसे राहुल गांधी कहना चाह रहे हैं कि मेरे घर में चोरी हो गई है लेकिन मैं पुलिस स्टेशन जाकर कंप्लेंट नहीं दर्ज कराऊंगा क्योंकि पुलिस अगर अपना काम पहले ही ढंग से करती तो चोरी नहीं हो पाती,लेकिन जब चोरी हो गई है तो राहुल गांधी को कंप्लेंट दर्ज करानी चाहिए अगर उन्हें चोरों को पकड़ना है,सिर्फ ढिंढोरा पीटने से चोर पकड़े नहीं जाएंगे, इसका मतलब यह है कि केवल वोट चोरी के आरोप लगाने से चोरी सिद्ध नहीं हो सकती अगर आपको असली चोर पकड़ता है तो या तो सुप्रीम कोर्ट जाइए नहीं तो इलेक्शन कमीशन को हलफनामा लिखकर दीजिए लेकिन राहुल गांधी दोनों काम नहीं कर रहे हैं केवल प्रेस कांफ्रेंस करके वोट चोरी का आरोप लगा रहा है और जनता को भड़का रहे हैं,अब आप सोचिए कि राहुल गांधी का तर्क कहां तक सही है
राहुल गांधी के दिमाग में कौन-कौन से बम है,इसके बारे में जनता को नहीं पता है लेकिन राहुल गांधी के इस बयान से देश के लोगों में जो सौहार्द है वो बिगड़ सकता है,कुछ लोगों का मानना है कि राहुल गांधी भारत के युवाओं को सड़कों पर आंदोलन करने के लिए प्रेरित करना चाहते हैं जैसा कि नेपाल में जैन जी आंदोलन हुआ वैसा ही राहुल गांधी भारत में चाहते हैं,पिछले कुछ सालों में ऐसा देखा गया है कि कई देश में चाहे वो श्रीलंका हो,पाकिस्तान हो,नेपाल हो,सब जगह उग्र रूप से युवाओं ने आंदोलन किया और वहां की सरकार को उखाड़ फेंका ठीक यही पैत्रा राहुल गांधी अपनाने की कोशिश कर रहे हैं कि कैसे बीजेपी की गवर्नमेंट को गिराया जाए और कांग्रेस को सत्ता में लाया जाए और इसके लिए कांग्रेस पार्टी पुरजोर मेहनत कर रही है,वैसे भी कांग्रेस पार्टी ने बीजेपी पर बहुत सारे आरोप लगाए जैसे राफेल पर आरोप लगाया जिसके लिए राहुल गांधी को माफी मांगनी पड़ी,मोदी सरनेम पर आरोप लगाया उसके लिए भी राहुल गांधी को माफी मांगनी पड़ी और यही कारण है कि राहुल गांधी इस वोट चोरी को लेकर सुप्रीम कोर्ट में नहीं जा रहा है क्योंकि अगर सुप्रीम कोर्ट ने यह बात खारिज कर दी तो फिर राहुल गांधी को माफी मांगनी पड़ेगी और यह बात राहुल गांधी को पता है कि अगर वह इस बार माफी मांगे तो फिर कांग्रेस का क्या हाल होगा यह कोई नहीं जानता,राहुल गांधी लोकसभा के विपक्ष के नेता उनका काम है सरकार की योजनाओं का आलोचना करना,योजनाओं के नकारात्मक प्रभाव को जनता के बीच में ले जाना क्योंकि जब विपक्ष मजबूती के साथ खड़ा रहेगा तो केंद्र सरकार पर दबाव बना रहेगा और राहुल गांधी लगातार अपने रैली के जरिये,अपने प्रेस कांफ्रेंस के जरिए,बीजेपी पर हावी हुए जा रहे हैं,कांग्रेस और उसकी गठबंधन का एकमात्र लक्ष्य है बीजेपी को बुरी तरीके से हराना,अब देखना है कि राहुल गांधी के एटम बम,हाइड्रोजन बम का बिहार विधानसभा चुनाव पर क्या प्रभाव पड़ता है,जानने के लिए पढ़ते रहिए मेरा न्यूज़ चैनल
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  • नमस्कार मेरा नाम दिव्य प्रकाश दिव्य है मैं Blogger और Youtuber हूं मैं अपनी वेबसाइट पर देश दुनिया की ताजा खबरें दिखाता हूं यहीं मेरी वेबसाइट है @news24hourslatest.in

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