तेजस्वी के CM बनने का सपना क्या रहेगा अधूरा

जैसा कि हम सबको पता है बिहार में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं सारी पार्टियां एक के बाद एक रैली करने में लगी,कभी प्रधानमंत्री मोदी बिहार को लाखों करोड़ों का सौगात देते हैं तो, कभी नीतीश कुमार अलग-अलग योजनाएं लागू करके उसका लाभ तुरंत बिहारीयों को दे देते हैं,तो कहीं तेजस्वी यादव 20 महीने में 20 योजनाओं की बात करते हैं अगर उनकी सरकार बनती है,तो कहीं राहुल गांधी बिहारी को उनका हक दिलाने के लिए लड़ते हैं ऐसे में जो मुख्यमंत्री पद का चेहरा है इंडिया गठबंधन की तरफ से तेजस्वी यादव के लिए एक संकट की घड़ी है क्योंकि कांग्रेस ने अभी तक अपने रैलिया में कभी यह नहीं कहा कि बिहार के इंडिया गठबंधन के मुख्यमंत्री उम्मीदवार होंगे वह तेजस्वी होंगेhttp://news24hourslatest.in
क्या तेजस्वी यादव के लिए कांग्रेस सर दर्द है:
क्या तेजस्वी यादव के मुख्यमंत्री बनने के सपने पर पानी फिर गया है,एक तरफ बिहार में कांग्रेस की सीडब्ल्यूसी की बैठक और दूसरी तरफ तेजस्वी को बिहार का मुख्यमंत्री बनने की चिंता सता रही है,कांग्रेस ने तेजस्वी यादव को अभी तक मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित नहीं किया है जिसकी वजह से तेजस्वी यादव भी काफी नाराज दिख रहे हैं और उनका कहना है कि वह सभी 243 विधानसभा सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़ा करेंगे, राहुल गांधी का सबसे ज्यादा दबाव है वह है वोट चोरी पर, चुनाव आयोग पर और केंद्र सरकार पर, वह लगातार चुनाव आयोग से सबूत मांग रहे हैं,बिहार की जनता यह कह रही है कि कांग्रेस कभी भी तेजस्वी यादव को सीएम पद के लिए प्रोजेक्ट नहीं करेगी लेकिन तेजस्वी यादव का कहना है कि बिहार की जनता तेजस्वी को मुख्यमंत्री मान चुकी है,कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे CM चेहरे पर चुप्पी साधे हुए हैं,लोकसभा चुनाव में भी कांग्रेस और राजद में काफी अटकलें देखने को मिली थी जो विधानसभा चुनाव में भी देखने को मिल रही है,इस बार का मामला राजद और कांग्रेस के सीट बंटवारे को लेकर और मुख्यमंत्री पद को लेकर अटका हुआ है,भले ही तेजस्वी यादव खुद को बिहार के CM फेस बता चुके हैं लेकिन कांग्रेस अभी तक इसमें कोई प्रतिक्रिया नहीं दिया
क्या फायदा होगा वाेटर अधिकार यात्रा का:
जैसा कि हम सब ने देखा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में बिहार में वोट अधिकार यात्रा निकाली गई जिसमें लाखों लोग की भागीदारी थी, कांग्रेस नेताओं का कहना है कि इससे कांग्रेस की नीव बहुत मजबूत हुई है और यह उनके विपक्षी पार्टियों को तोड़ कर रहेगी,नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी वोट चोरी के मुद्दे को छोड़ना नहीं चाहते हैं वह लगातार वह चोरी का आरोप कलेक्शन कमीशन पर लगा रहे हैं, कभी महाराष्ट्र को लेकर, कभी कर्नाटक को लेकर और यही कारण है कि आज बिहार में भी लोगों ने राहुल गांधी की इस यात्रा में शामिल होने का निर्णय लिया था,लेकिन राहुल गांधी की वोट अधिकार यात्रा के बाद राजद के नेता तेजस्वी यादव ने भी अकेले दम पर बिहार में यात्राएं की जिसमें कांग्रेस नहीं थी
सीट बंटवारे को लेकर कांग्रेस और राजद में असमंजस है:
सीट बंटवारे को लेकर कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल में अभी मतभेद बना हुआ है,कांग्रेस ने 70 सीटों की मांग की है और कांग्रेस उन सीटों की भी मांग की है जहां वह जीतने की संभावना रखते हैं या फिर दूसरे नंबर पर है, कांग्रेस मन मुताबिक सिट पाने के लिए आरजेडी पर दबाव बना रही है,और यही कारण है कि अभी तक कांग्रेस ने तेजस्वी यादव को बिहार के CM फेस के लिए प्रोजेक्ट नहीं किया
कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने क्या कहा:
कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक के लिए पटना पहुंचे कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने एक ऐसा बयान दे दिया जिसकी वजह से राष्ट्रीय जनता दल में हलचल मच गई है,मीडिया से मुख़ातिब होते हुए उन्होंने यह कहा कि बिहार में कांग्रेस अध्यक्ष ही तय करेंगे कि मुख्यमंत्री का चेहरा कौन होगा
कांग्रेस तेजस्वी को मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित शायद इसलिए नहीं कर रही है क्योंकि इंडिया गठबंधन की अन्य पार्टियों जो है कहीं इससे नाराज ना हो जाए, कांग्रेस अब यह चाहती है कि बिहार में उसका अपना वोट बैंक हो जो पूर्ण रूप से कांग्रेस को समर्पित रहे ना कि किसी अन्य पार्टी को,और हम सबको पता है कि बिहार में लालु यादव की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल और नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड इन्हीं दोनों पार्टियों का दबदबा रहा है और कांग्रेस इन्हीं दोनों पार्टीयों का भ्रम तोड़ने में लगी हुई है और अपना वर्चस्व कायम करने के लिए हर एक कदम उठा रही है,कांग्रेस का ये भी सेाचना है कि अगर तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित कर दिया जाए और इंडिया गठबंधन की सरकार ना बने तो कांग्रेस फिर बिहार में कभी मजबूत नहीं हो सकती शायद यही कारण है कि अब तक कांग्रेस सीएम पद के लिए घोषणा नहीं कर पा रही है,खैर अब देखना है कि दोनों पार्टियों में यानी कि कांग्रेस और आरजेडी में क्या समानता बैठता है, सीट बटवारे को लेकर और मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर, जानने के लिए पढ़ते रहिए मेरा न्यूज़ चैनल
