Delhi News:उपराष्ट्रपति का इस्तीफा दिया या लिया गया है?

जैसा कि हम सबको पता है कि देश के 14वें उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ साहब ने इस्तीफा दे दिया है, और उसके लिए उन्होंने जो कारण बताया है वह उनके स्वास्थ्य संबंधी का कारण है, स्वास्थ्य का कारण बताते हुए उन्होंने अपना इस्तीफा राष्ट्रपति को सौंप दिया हैhttp://news24hourslatest.in
दिल्ली न्यूज़: आपको पता है कि इस समय संसद का मानसून सत्र चल रहा है और इसी बीच उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, इसलिए यह खबर और ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाती है कि आखिर मानसुन सत्र के दौरान उपराष्ट्रपति ने इस्तीफा क्यों दिया?
इस्तीफा दिया गया है या लिया गया है:
1-संसद के मानसून सत्र के दौरान उपराष्ट्रपति का इस्तीफा एक सवाल पैदा कर रहा है, सवाल यह कि उनसे इस्तीफा लिया गया है या उन्होंने खुद इस्तीफा दिया गया है, कुछ जनरलिस्ट का कहना है कि इस्तीफा लिया गया है, प्रश्न काल के दौरान उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने यह कहा था कि सदन में जितना डिस्कशन आप चाहेंगे उठना होगा, किसी भी टॉपिक को लेकर चाहे वह ऑपरेशन सिंदूर क्यों ना हो, चाहे विदेश नीति हो लेकिन ठीक 8 से 9 घंटे बाद ऐसा क्या हो गया कि उन्हें इस्तीफा देना पड़ा, उनके स्वास्थ्य को लेकर यह कहा गया है कि अभी तक तो वह एक्टिव है, लेकिन पिछले साल उन्हें एम्स में भर्ती करना पड़ा था, और एक बार उत्तराखंड में भी उनकी थोड़ी तबीयत खराब हुई थी, ऐसा कहा जा रहा है कि यह जो सेशन है संसद का यह मुख्य सेशन है बीजेपी का, और कुछ जनरलिस्ट का यह भी कहना है कि BJP इस सेशन के डिस्कशन से बचना चाहती है इसीलिए उन्होंने उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का इस्तीफा लिया, ऐसा कहा जा रहा है कि सेशन के दौरान पहलगाम हमला,ऑपरेशन सिंदूर लिए,उनकी विदेश नीति इन सब पर सवाल खड़े हो सकते हैं और अभी बिहार में होने वाले हैं विधानसभा चुनाव कुछ ही महीना में और अगले साल होने वाले हैं बंगाल में विधानसभा चुनाव, तो इसलिए कहा जा रहा है कि यह इस्तीफा लिया गया है ना कि उपराष्ट्रपति ने यह इस्तीफा दिया है
2- कई तरह की बातें हो रही है इस स्थिति के पीछे ऐसा कहा जा रहा है कि इस स्थिति के पीछे उनके स्वास्थ्य कर्म का कोई संबंध नहीं है बल्कि उनसे इस्तीफा जबरन लिया गया है, कोई कह रहा है कि उपराष्ट्रपति जगदीप धनकड़ बीजेपी से नाराज थे,कोई कह रहा है कि उन पर दबाव दिया जा रहा है इस्तीफा के लिए, कहां जा रहा है कि उपराष्ट्रपति के पद पर रहते हुए उन्होंने इस पद को बहुत धूमिल किया है
3- ऐसा कहा जा रहा है कि उपराष्ट्रपति जगदीश धनकर में अपनी पद की गरिमा गिरा दी है, प्रधानमंत्री के आगे हमेशा नतमस्तक होना यह उनके पद के गरिमा के प्रतिकूल है,अपने किसी संबोधन में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने यह कहा था की ना तो मैं किसी दबाव में रहता हूं,ना तो मैं किसी दबाव में काम करता हूं और ना ही मैं किसी को दबाव देता हूं लेकिन ऐसा कहा जा रहा है कि उन्होंने यह इस्तीफा दबाव में दिया है
4- राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने अपने एक कार्यक्रम में मध्य प्रदेश सरकार में कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को नसीहत दी थी, जगदीप धनखड़ ने कहा था की शिवराज सिंह चौहान जी आपका एक-एक पल भारी है, मेरा आपसे आग्रह है और भारत के संविधान के तहत दूसरे पद पर विराजमान व्यक्ति आपसे अनुरोध कर रहा है कि कृपया करके मुझे बताइए की किसान से क्या वादा किया गया था? क्यों नहीं उस वादे को निभाया गया और वादा निभाने के लिए हम क्या कर रहे हैं, गत वर्ष भी आंदोलन था इस वर्ष भी आंदोलन है कालचक्र घूम रहा है और हम कुछ कर नहीं रहे हैं
एक पत्रकार ने यह भी कहा था कि बीएससी(बिजनेस एडवाइजरी कमेटी) जो बैठक थी,जिसकी अध्यक्षता स्वयं राज्यसभा के सभापति जगदीश धनकर कर रहे थे, उसे बैठक में भाजपा का कोई नेता और मंत्री शामिल नहीं हुआ था
आखिर उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने आश्वासन दिया था कि सरकार हर डिस्कशन के लिए तैयार है, चाहे वह विदेश नीति हो पहलगाम हमला हो या फिर ऑपरेशन सिंदूर हो लेकिन ऐसा क्या हुआ की कुछ ही घंटे में उपराष्ट्रपति को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा यह कहकर कि इनका स्वास्थ्य ठीक नहीं है लेकिन अगर सही तरीके से देखा जाए तो उपराष्ट्रपति का स्वास्थ्य फिलहाल ठीक है,ऐसा कहा जा रहा है कि भाजपा के नेताओं के साथ उनका तालमेल कुछ खराब हो गया था, कई बीजेपी के मंत्रियों को उन्होंने अपने कार्यक्रमों में बोलते हुए देखा गया है चाहे वह शिवराज सिंह चौहान हो या कोई अन्य हो,क्या कारण है इसका पता कैसे चलेगा यह तो सरकार जानती हैं,फिलहाल हर नई खबर के लिए मेरा न्यूज़ चैनल पढ़ते रहिए
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