वंदे मातरम राजनीति या राष्ट्रगीत

आजकल भारत की राजनीति वंदे मातरम पर आकर अटक गई है,बीजेपी वंदे मातरम को लेकर कांग्रेस पर लगातार हमला कर रही है प्रधानमंत्री मोदी ने सदन में यह कह दिया कि वंदे मातरम के टुकड़े करने का पूरा श्रेय कांग्रेस को जाता है अगर कांग्रेस वंदे मातरम में काट छाट नहीं करती तो देश का विभाजन भी शायद नहीं हुआ होता लेकिन वहीं कांग्रेस सारे आरोपों को खारिज करते हुए यह कह रही है कि 2026 में बंगाल में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं इसलिए बीजेपी वंदे मातरम को एक मुद्दा बनाकर जनता में भ्रम फैला रही है, वहीं सपा मुखिया अखिलेश यादव भी बीजेपी पर हमला करते हुए बोले कि जिनकी आजादी के आंदोलन में कोई योगदान नहीं वह सीखा रहे हैं हमें वंदे मातरमhttp://news24hourslatest.in
बीजेपी के नेताओं का क्या कहना है:
भारतीय जनता पार्टी का कहना है की जो वंदे मातरम् बोलेगा वही देश में रहने लायक है,भारतीय जनता पार्टी के नेता गिरिराज सिंह ने कहा है कि जो वंदे मातरम नहीं बोल रहे हैं उन्हें देश से प्रेम नहीं है वह भारत में रहने लायक नहीं है और वह सांप्रदायिकता को बढ़ावा दे रहे हैं,हम सब ने देखा कि बंगाल के मुर्शिदाबाद में जो बाबरी मस्जिद की नींव रखी गई थी और 2 लाख मुसलमान एकत्रित हुए थे तो उधर विश्व हिंदू परिषद,बजरंग दल के लोग करीब 5 लाख लोग गीता का पाठ करने लगे
ओवैसी ने क्या कहा:
एआइएमआइएम के नेता असदुद्दीन ओवैसी ने संसद में यह कहा कि देश को किसी एक धर्म से जोड़ना संविधान के उसूलों के खिलाफ है,और इससे समाज में एक दूसरे के प्रति द्वेष की भावना जागृत होगी,वंदे मातरम के डेढ़ सौ साल पर यह चर्चा सदन में हो रही थी,वंदे मातरम पर चर्चा करते हुए ओवैसी ने आगे यह कहा कि हमारा संविधान सबको बराबर का हक़ देता है सबको आजादी है अपने तरीके से रहने की,खान की,पीने की,बोलने की तो किसी विशेष धर्म द्वारा जबरन बुलवाना संविधान के खिलाफ है और हमारे संविधान को किसी भी धार्मिक पहचान से नहीं जोड़ा जाना चाहिए,ओवैसी ने आगे यह भी कहा कि वंदे मातरम को वफादारी का प्रमाण न बनाया जाए,ओवैसी ने आगे यह भी कहा कि हमें वतन से बेइंतहा मोहब्बत है और आगे भी मोहब्बत रहेगी, उन्होंने आगे यह भी कहा कि अगर वतन से मोहब्बत है तो जुल्म को खत्म करो,बेरोजगारी को खत्म करो,गरीबों को खत्म करो ना की धर्म की आड़ में राजनीति करो, पाकिस्तान का नाम एक बार फिर ओवैसी ने सदन में उछाला,पाकिस्तान को टारगेट करते हुए ओवैसी ने कहा कि पाकिस्तान की जो आतंकवादी की चाल है उसे खत्म करना सबसे जरूरी है,भारत एक ऐसा बगीचा है जहां हर फूल को खिलने की इजाजत है,अगर सारे फूल खिलेंगे तो उसकी खुशबू से यह वतन तरक्की करेगा, और जिस बागवान में केवल एक ही फूल खिलेगा तो वहां का माली माली नहीं कहलाएगा बल्कि जल्लाद कहलाएगा,ओवैसी ने आगे यह भी कहा कि हम जानते हैं की आजादी के समय वंदे मातरम एक नारा था लेकिन आप अगर जबरन किसी पर ठोकेंगे तो यह संविधान के खिलाफ है
वफादारी का सर्टिफिकेट हमसे मत मांगिए:
वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने पर सदन में खूब चर्चा हो रही है,भारतीय जनता पार्टी कांग्रेस पर लगातार हमला कर रही है कि कांग्रेस के वजह से वंदे मातरम को हटाया गया वहीं कांग्रेस इसका खंडन करते हुए भाजपा पर यह आरोप लगा रही है कि बंगाल में 2026 में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं इसलिए यह रणनीति बनाई जा रही है लेकिन वंदे मातरम पर चर्चा के दौरान AIMIM के नेता असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि हमसे वफादारी का सर्टिफिकेट मत मांगीये क्योंकि हमने हिंदुस्तान को चुना है जिन्हें पाकिस्तान जाना था वह चले गए,हमने अपनी वतन को चुना है और हम अपने मादरे वतन से उतनी ही मोहब्बत करते हैं जितनी संविधान से, ओवैसी ने आगे यह भी कहा कि संविधान की भूमिका में यह लिखा हुआ है कि “हम भारत के लोग” इसका मतलब है कि हम भारतवासी,संविधान में किसी भी देवी देवता के नाम से शुरुआत नहीं की गई है,देशभक्ति को किसी एक धर्म या पहचान से जोड़ना संविधान के खिलाफ है,संविधान लोकतंत्र की नींव है
मुसलमान जिन्ना के कट्टर विरोधी हैं:
एआइएमआइएम के नेता असदुद्दीन ओवैसी ने संसद में डेढ़ सौ वर्ष वंदे मातरम के पूरे होने पर अपनी बात कही उन्होंने कहा कि हम मोहम्मद अली जिन्ना के कट्टर विरोधी है और भारतीय मुसलमान कभी भी जिन्ना का सपोर्ट नहीं करता और यही वजह है कि हमने भारत में रहने का फैसला किया,देशभक्ति को किसी धार्मिक किताब से जोड़ना या फिर एक धर्म से जोड़ना संविधान की आत्मा पर प्रहार करने जैसा है
वंदे मातरम को एक राजनीतिक मुद्दा बना दिया गया है बीजेपी अब वंदे मातरम के मुद्दे को पड़कर बंगाल का चुनाव लड़ना चाहती है,अब देखते हैं कि इस वंदे मातरम से बंगाल चुनाव पर कितना प्रभाव पड़ता है धन्यवाद
