काली हल्दी में छुपा है अनेकों पोषक तत्व

काली हल्दी एक ऐसा दुर्लभ पौधा है जिसमें अनेकों पोषक तत्व पाए जाते हैं,काली हल्दी को मसाले के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया जाता है बल्कि एक चिकित्सा के रूप में इसे इस्तेमाल किया जाता है,इस काली हल्दी का वैज्ञानिक नाम है कुरकुमा केसिया,दिखने में यह साधारण हल्दी जैसी होती है लेकिन जब इसे आप काटेंगे तो यह अंदर से हल्के नीले रंग की दिखेगी,इसके अनोखे रंग और सुगंध के कारण इसे काली हल्दी कहा जाता हैhttp://news24hourslatest.in
आईए जानते हैं काली हल्दी के औषधीय गुण:
आयुर्वेद में काली हल्दी का उपयोग दर्द,सूजन,पेट की समस्या खांसी,जुकाम जैसी छोटी बीमारियों में इस्तेमाल होता है,इसमें प्रकृतिक एंटी इन्फ्लेमेटरी अच्छा होते हैं जो आपके शरीर की सूजन को कम करने में काफी सहायक होते हैं,गांव के लोग इसे घरेलू उपचार में निरंतर इस्तेमाल करते हैं,अगर कहीं आपको फोड़ा,फुंसी हुआ हो या किसी कीड़े ने आपको काटा हो,घाव या चोट लगा हो तो आप इस काली हल्दी का उपयोग कर सकते हैं
पूजा पाठ में भी इस्तेमाल होती है यह काली हल्दी:
काली हल्दी सिर्फ दवा के रूप में भी नहीं बल्कि पूजा पद्धति में भी इस्तेमाल होने वाली चीज है,तांत्रिक विद्या, लक्ष्मी पूजा जैसे कार्यक्रमों में इसको शामिल किया जाता है,ताबीज बनाकर इस काली हल्दी को लोग पहनते हैं ताकि बुरे प्रभाव से बच सके,काली हल्दी इसलिए आम बाजारों में नहीं मिलती क्योंकि यह दुर्लभ होती है और इसको उगाने में बहुत समय लगता है
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