Stray Dog News:जॉन अब्राहम ने SC को पत्र मे ये क्या लिख दिया?

ऐसा कहा जाता है की सबसे पहले जो पालतू जानवर था वह था श्वान यानी कुत्ता लेकिन अब वही कुत्ता लोगों के जी का जंजाल बन गया है,स्ट्रे डॉग्स यानी सड़कों पर घूमते हुए आवारा कुत्तों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने एक बड़ा फैसला दिया है,आवारा कुत्तों के लिए सुप्रीम कोर्ट ने प्रबंधन का फैसला दिया है,माननीय सर्वोच्च न्यायालय का कहना है की जो आवारा कुत्ते हैं उन्हें खुले में ना छोड़ा जाए बल्कि उनको शेल्टर होम में रखा जाए,लेकिन सेलिब्रिटियों ने अपनी अलग-अलग क्या राय दी है आईए जानते हैंhttp://news24hourslatest.in
स्ट्रे डॉग्स न्यूज़:
आपने अक्सर सुना होगा की सड़कों पर चलते हुए किसी व्यक्ति को कुत्ते ने काट लिया,तो कभी यह सुना होगा कि किसी महिला को या फिर बच्चों को कुत्ते ने दौड़ा लिया,यह स्थिति बहुत भयावह होती है क्योंकि इसमें लोगों की जान भी जा सकती है,इसी को मद्देनजर नजर रखते हुए पशुपालन राज्य मंत्री ने यह याचिका सुप्रीम कोर्ट में डाली थी की आवारा कुत्तों को भी कोई शेल्टर होम दिया जाए,इस पर सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए प्रबंधन का फैसला दे दिया,सुप्रीम कोर्ट का कहना है यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए की आवारा कुत्तों को सड़कों से हटाकर शेल्टर होम में रखा जाए,उनको वहां रहने की व्यवस्था की जाए और यह भी देखना होगा कि वह दोबारा सड़कों पर ना आए,सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश पर PETA से लेकर,कांग्रेस के तमाम दिग्गज नेता,भाजपा के तमाम नेता और अन्य सेलिब्रिटी भी अपनी अपनी प्रतिक्रियाएं दिए हैं,कुछ लोग सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का समर्थन करते हुए कह रहे हैं कि इससे कुत्तों को भी सुरक्षा मिलेगी और इंसान भी सुरक्षित रहेगा तो वहीं कुछ लोग इसका विरोध करते भी नजर आ रहे हैं,विरोधियों का कहना है कि किसी एक दो घटनाओं को संज्ञान में लेते हुए सभी कुत्तों पर यह फैसला देना कहां तक न्याय संगत है
सामाजिक कार्यकर्ता विभा चुग का क्या कहना है:
विभा चुग ने कहा है की कुत्ते हमारी सभ्यता का हिस्सा रहे हैं,हम सनातनी हैं हमारे में ऐसा कहा गया है कि पहले रोटी गाय को खिलाई जाती है और आखिरी रोटी कुत्ते को,विभा चुग ने आगे कहा कि लोगों ने ऐसा बयान दिया है कि जो आवारा कुत्ते हैं उनके काटने से रेबीज हो जा रहा है और लोगों की मौत हो जा रही है इस पर विभा का कहना है की पहले ऐसा रेबीज केस नहीं आता था लेकिन अचानक रेबीज केस में बढ़ोतरी हुई इसका कारण क्या है,हमारी जो संस्था है वह रेबीज को सपोर्ट नहीं करती इसीलिए हर साल लगभग 500 कुत्तों को एंटी रेबीज की इंजेक्शन लगाई जाती है,यह तो सरकार की गलती है कि कुत्तों को रेबीज का इंजेक्शन नहीं लगवाती है, पर्याप्त धनराशि आवारा कुत्तों के लिए नहीं आवंटित की जाती है,विभा चुग ने आगे यह कहा इतने लाख कुत्ते हैं उनको एक शेल्टर होम में कैसे रखा जाएगा,ऐसी कोई व्यवस्था तो सरकार के पास भी नहीं है,विभा चुग आगे यह भी कहा की दिल्ली के जो मासूम लोग हैं वह कुत्ते से बहुत प्यार करते हैं वह खुद रेबीज का इंजेक्शन कुत्ते को लगवाते हैं,खाना खिलाते हैं सरकार से बड़ी भूमिका वे निभाते हैं कुत्तों के लिए,जो काम सरकार को करना चाहिए वह आम जनता करती है,आगे उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को यह आंकड़ा निकालना चाहिए कि कितने मौतें हुई कुत्तों के काटने से, कितनी एक्सीडेंट हुई आवारा कुत्तों के रोड पर आने से, और विभा चुग सरकार से बस इतना निवेदन किया है कि कुत्तों को रेबीज का इंजेक्शन लगवाया जाये और उसे स्टेरलाइज करवाया जाये,बस इतना काम सरकार का है
कांग्रेस के नेता शशि थरूर ने क्या कहा:
कांग्रेस के नेता शशि थरूर ने सुप्रीम कोर्ट को अपने इस फैसले पर पुनः विचार करने का आग्रह किया है,शशि थरूर ने आगे कहा है कि आवारा कुत्तों को संरक्षण के लिए पशु कल्याण संगठनों,या फिर NGO को धन आवंटित करना चाहिए,ना कि नगर पालिकाओं को क्योंकि नगर पालिकाएं यह धन व्यवस्थित रूप से उपयोग नहीं करती हैं
अदाकारा रवीना टंडन ने क्या कहा:
फिल्म अभिनेत्री रवीना टंडन ने लिखा है कि,” अगर स्थानीय निकायों ने समय-समय पर नसबंदी और टीकाकरण किया होता तो आज हमें यह सब सुनने को नहीं मिलता
फिल्म अभिनेता जॉन अब्राहम ने क्या कहा:
फिल्म अभिनेता जॉन अब्राहम ने मुख्य न्यायाधीश को पत्र दिया जिसमें यह लिखा कि यह आदेश ABC रूल्स और सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसले के खिलाफ है,जॉन अब्राहम का कहना है कि जयपुर में 70% और लखनऊ में 84% नसबंदी से साफ है की आबादी पर काबू पाया जा सकता है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट का ये फैसला अव्यहारिक है
अभिनेत्री हुमा कुरैशी ने क्या कहा:
हुमा कुरैशी का कहना है कि इस तरह कुत्तों को एक जगह बंद करना यह बहुत ही निंदनीय है और यह ज्यादा देर तक टिक नहीं सकता,इसके लिए कोई दूसरा हल निकालना चाहिए जिससे कुत्ते और इंसानों के बीच में प्रेम भी बना रहा है
दुनिया का सबसे पहला पालतू जानवर श्वान है यानी कि कुत्ता,लेकिन आज उन्हीं कुत्तों के ऊपर सुप्रीम कोर्ट का एक फैसला आया है,दिल्ली के सड़कों पर घूमते हुए आवारा कुत्तों को एक शेल्टर रूम में रखना क्या यह सही है या गलत है इस पर जनता अपनी प्रतिक्रिया दे रही है, लेकिन मेरा मानना यह है कि अगर आप आवारा कुत्तों को सड़कों से हटाकर शेल्टर होम में रखने का फैसला दे रहे हो तो कई शेल्टर होम की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए, वहां कर्मचारी नियुक्त किए जाएं ताकि कुत्तों की देखभाल अच्छे से हो सके जैसे गौशालाओं में गायों की होती है ठीक उसी तरह कुत्तों की भी होनी चाहिए, निस्वार्थ भाव से जानवर मनुष्य से प्रेम करते हैं ठीक उसी भाव से हमें भी उनके साथ अच्छा व्यवहार करना चाहिए