पहले बसपा फिर सपा और अब क्या बीजेपी में जाएंगी:Puja Pal

प्रयागराज से कौशांबी की चायल सीट की विधायक पूजा पाल को समाजवादी पार्टी ने निष्कासित कर दिया है,उत्तर प्रदेश विधानसभा में योगी की तारीफ अखिलेश यादव को बर्दाश्त नहीं हो पाई,और अखिलेश यादव ने अपनी पार्टी के नेता पूजा पाल को बाहर का रास्ता दिखा दियाhttp://news24hourslatest.in
बसपा से भी निष्कासित हुई पूजा पाल:
आपको बता दे की 2005 में उनके पति राजू पाल की हत्या के बाद उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने पूजा पाल को बसपा से टिकट दिया,2007 के विधानसभा में मायावती ने पूजा पाल को शहर पश्चिम से टिकट दिया, पूजा पाल ने अशरफ अहमद को पराजित करते हुए जीत हासिल की और पहली बार विधायक बनी,उसके बाद 2012 में भी बसपा के टिकट पर इसी सीट से फिर विधायक चुनी गई लेकिन वह इस बार माफिया अतीक अहमद को हराकर विधायक बनी थी, फिर 2018 में जब मायावती को यह आभास हुआ की पूजा पाल पार्टी छोड़कर दूसरे पार्टी में जा सकती हैं इससे पहले मायावती ने अपनी पार्टी से ही पूजा पाल को निकाल दिया
2019 में समाजवादी पार्टी में शामिल हुई:
बसपा से निकल जाने के बाद 2019 में पूजा पाल समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की और 2022 में कौशांबी के चायल सीट अखिलेश यादव ने उन्हें टिकट दिया और वो जीत दर्ज की, लेकिन अब उन्हें समाजवादी पार्टी ने भी बाहर का रास्ता दिखा दिया
पूजा पाल की पहली गलती को समाजवादी पार्टी ने माफ किया:
समाजवादी पार्टी का कहना है कि राज्यसभा चुनाव में उन्होंने पार्टी के खिलाफ जाकर बीजेपी को वोट दिया था यह उनकी पहली गलती थी जिसे समाजवादी पार्टी ने नजरअंदाज कर दिया,लेकिन यह दूसरी गलती उनको भारी पड़ गई,योगी आदित्यनाथ की कसीदे पढ़ने की, खूंखार अपराधी अतीक अहमद को मौत के घाट उतारने और महिलाओं को उनका न्याय दिलाने के लिए योगी आदित्यनाथ की तारीफ की थी
सपा सांसद अफजाल अंसारी ने पूजा पाल पर कटाक्ष किया:
गाजीपुर से सपा सांसद अफजाल अंसारी ने पूजा पाल को पार्टी से बर्खास्तगी का समर्थन किया,अफजाल अंसारी ने कहा कि किसी पाप को कोई बार-बार कहता रहे तो उस पर कार्रवाई अवश्य होनी चाहिए,आपको बता दे किया राज्यसभा चुनाव में कई सपा विधायकों ने बीजेपी को वोट दिया,फिर भी पार्टी ने लंबे समय तक कोई कार्रवाई नहीं की
आईए जानते हैं कौन है यह पूजा पाल:
पूजा पाल इलाहाबाद पश्चिम से तत्कालीन विधायक राजू पाल की धर्मपत्नी थी,यह वही राजू पाल हैं जिनकी 2004 के चुनाव में अशरफ अहमद को परास्त करने के बाद गोली मारकर हत्या कर दी गई थी,उनके पति की हत्या में खूंखार अपराधी अतीक अहमद का नाम था, और जब अतीक अहमद को योगी सरकार में दिनदहाड़े गोलियों से भून दिया गया और मौत के घाट उतार दिया गया तब जाकर पूजा पाल की आत्मा को शांति मिले, विधानसभा के पटल पर उन्होंने योगी आदित्यनाथ की तारीफ करते हुए यही कहा था कि महिलाओं को उन्होंने न्याय दिलाया है खूंखार अपराधी अतीक अहमद को मार के
एक महिला चाहे वह राजनीति में हो, चाहे अभिनेत्री हो या फिर किसी भी पद पर हो अपने शौहर को अपना जीवन साथी मानती हैं,दोनों एक दूसरे के साथ जीवन बिताने का वादा करते हैं परंतु अगर उसके पति की हत्या हो जाती है इस कारण कि वह अपने प्रतिद्वंद्वी को चुनाव में हरा दिया है,परन्तु जब उस हत्यारे की हत्या हो जाती है तो जो सबसे अधिक खुशी होती है वो उस पत्नी को होगी जिसके पति को गोली मार दी गई थी,पूजा पाल के पति की हत्या खूंखार अपराधी अतीक अहमद के गैंग ने की थी और अतीक अहमद भी समाजवादी पार्टी का ही नेता था लेकिन योगी सरकार में उसकी हत्या हुई और पूजा पाल ने इसे अपने न्याय के रूप में स्वीकार किया,और यही योगी की तारीफ पूजा पाल पर भारी पड़ गई,पूजा पाल का बयान उस समय आया है जब समाजवादी पार्टी और उनके गठबंधन के नेता केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर हमलावर है,पिछले एक हफ्ते 10 दिन से चुनाव आयोग पर समाजवादी पार्टी हमला कर रही है यह कहकर कि बीजेपी और चुनाव आयोग दोनों आपस में मिले हुए हैं,अखिलेश यादव कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते हैं बीजेपी को घेरने का और इस संवेदनशील समय में पार्टी के खिलाफ जाकर बोलना किसी भी मंत्री या विधायक के लिए भारी पड़ सकता है जैसा की पूजा पाल को पड़ा,खैर अब यह देखना है की पूजा पाल समाजवादी पार्टी में वापस आएंगे या फिर तीसरी पार्टी बीजेपी ज्वाइन करेंगे जानने के लिए पढ़ते रहिए मेरा न्यूज़ चैनल