22 अगस्त 2025 तक SIR को लेकर मात्र 2 आपत्ति दर्ज हुई:Chunav Aayog

SIR के मुद्दे को लेकर पूरे देश में बवाल चल रहा है, खासकर बिहार में क्योंकि बिहार में कुछ ही महीनो में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं,ऐसे में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और बिहार विधानसभा नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और उनकी टीम बिहार की सड़कों पर वोट अधिकार रैली के तहत जनता में जा रहे हैं और यह बता रहे हैं कि कैसे चुनाव आयोग और बीजेपी की मिली भगत है जिसकी वजह से भाजपा हमेशा सत्ता में बनी रह रही हैhttp://news24hourslatest.in
सुप्रीम कोर्ट का चुनाव आयोग को सख्त संदेश:
सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को यह कह दिया है कि मतदाता सूची में सुधार के लिए आधार कार्ड को भी वैध दस्तावेज माना जाए क्योंकि चुनाव आयोग ने इस प्रक्रिया के लिए जिन 11 दस्तावेजों को वैध माना था उनमें से आधार कार्ड को शामिल नहीं किया था अब सुप्रीम कोर्ट का यह कहना है कि आधार कार्ड को भी शामिल किया जाए,इसमें ढेर सारी विसंगतियां देखने को मिली करीब 65 लाख लोगों के नाम सूची से बाहर हो गए हैं और इसी बात पर सियासत गरमा गई है, विपक्ष का कहना है कि यह 65 लाख नाम जो नए जुड़ेंगे इसमें धांधली भी हो सकती है,वहीं चुनाव आयोग का कहना है कि SIR के तहत जो भी घुसपैठिये हैं, जो भी फर्जी तरीके से वोट डाले जा रहे है उनको बाहर किया जाएगा और नए नाम जोड़े जाएंगे जो बिहार की जनता के हैं, इस पर विपक्ष का कहना है कि हम एक वोट की भी धांधली होने नहीं देंगे
क्यों कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई गई:
SIR का मुद्दा जो सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है,चुनाव आयोग इस पर अपनी सफाई दे रहा है,सुप्रीम कोर्ट ने पूछा कि कितने BLA नियुक्त हुए हैं तो चुनाव आयोग ने बोला 1,61,000 BLA नियुक्त हुए हैं,लेकिन खास बात यह देखिए की 1,61,000 BLA में केवल दो लोगों ने आपत्ति जताई है किसी ने कोई आपत्ति चुनाव आयोग को नहीं जाताई है केवल आरोप लगा रहे हैं,ऐसा कैसे हो गया इतने लाख वोटरों की चोरी हुई और आपत्ति दर्ज करने वाले केवल दो,सुप्रीम कोर्ट ने यह आदेश दिया है कि राज्य के सभी राजनीतिक दल की नैतिक जिम्मेदारी है कि वह मतदाता सूची से बाहर हुए लोगों की मदद करें और जो भी त्रुटियां हैं उसको सही करें,दूरस्थ करें आयोग ने यह स्पष्ट कहा भी है अदालत से की 65 लाख लोगों में से 22 लाख लोगों की मृत्यु हो चुकी है और 8 लाख नाम एक ही जगह पर दर्ज किए गए हैं यदि आयोग के दावे को माने तो लगभग 35 लाख लोग दस्तावेज न होने के कारण मतदाता सूची से बाहर है
दो गवाह फर्जी निकले:
नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने आरोप लगाए चुनाव आयोग पर,अभी एक वीडियो साझा हुआ सोशल मीडिया पर जिसमें एक महिला राहुल गांधी से कह रही है कि मेरा वोट काटा गया फर्जी तरीके से और इस महिला से जब संवाददाता बाद में बात किया तो उस महिला ने कहा कि मुझे जबरदस्ती राहुल गांधी के सामने यह कहने को मजबूर किया गया कि बोलो मेरा वोट कट गया है,ऐसे ही एक और वाकया सामने आया जिसमें एक पुरुष ने राहुल गांधी के सामने कहा कि मेरे परिवार का नाम,मेरा नाम काटा गया है बाद में सच्चाई पता चली कि उसे भी यह कहने को मजबूर किया गया था
हमारे यहां विपक्ष कोई भी हो, जो आरोप लगाने की संस्कृति है उसमें कोई श्रम करना नहीं पड़ता है,बस एक मुद्दा उठा दो और केंद्र सरकार पर हमलावर हो जाओ और जनता के बीच जाओ, कारण यह है कि आपको सटत्ता पानी है,चुनाव आयोग यह खुलकर कह रहा है कि आप हलफनामा दीजिए और उसकी जांच होगी हलफनामा ना देने का कारण यह है कि अगर कोई आरोप सिद्ध नहीं हुआ तो राहुल गांधी को जेल भी हो सकती है और अगर आरोप सिद्ध हो गया तो यह एक लोकतंत्र पर बहुत बड़ा प्रहार होगा कि एक संवैधानिक संस्था ऐसा कर रही है जिससे भारत की छवि नुकसान हो रही है,फिलहाल अब देखना है कि आगे क्या होता है जानने के लिए पढ़ते रहिए मेरा न्यूज़ चैनल
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