क्या इन्ही कारणों से हो रही है पतियों की हत्या?

आखिर क्या कारण है की हमेशा ये देखने को मिल रहा है की पतियों की हत्या उनकी पत्नी द्वारा बकायदा शाजिस के तहत की जा रही है,अभी मेरठ का मामल हल्का हुआ तो इंदौर का मामला सामने आ गया.http://news24hourslatest.in
पूरे समाज में एक डर सा माहौल बना हुआ है ऐसी खबरों को लेकर जिसमे पत्नी की अपने पति की कातिल बन रही है,आखिर कारण क्या है,क्यों सात जन्मों का रिश्ता एक भी जन्म नही चल पा रहा है,जबकि शादी का रस्म होता है की पति पत्नी सात जन्मों तक एक दूसरे का साथ देंगे,लेकिन इस घोर कलयुग में सब बदल चुका है
हम सबने ये देखा की कैसे मेरठ की मुस्कान ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर अपने पति को मार डाला और नीले ड्रम में भर दिया,और आज इंदौर का मामला सामने आ गया सोनम ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर अपने पति राजा रघुवंशी ही निर्मम हत्या कर डाली,आखिर ये रिश्ता क्या कहलाता है,महिलाएं रिश्तों को निभाने के बजाय उनसे खतम करना ज्यादा पसंद कर रही है,आखिर क्यों रिश्तों में इतना ज्यादा तनाव बढ़ गया है की बात मौत पर ही जाकर रुकती है,कई लोगों ने अपनी राय इसपर दी है ,कुछ लोगों का कहना है कि जबरन शादी कराने का ये अंजाम है की ऐसी वारदात देखने को मिल रहा है,लड़कियों के फीलिंग्स को समझा नही जा रहा है और इस चक्कर में वो ऐसी हरकत को अंजाम दे रही है
मां बाप को भी अब सोच समझ कर फैसला लेना चाहिए खासकर शादी का,अगर लड़की को शादी नहीं पसंद है तो दबाव में शादी नही करवाना चाहिए,आज कल की लड़कियां इंडिपेंडेंट रहना चाहती है,वो चाहती है की उनपर किसी भी चीज का दबाव नहीं रहना चाहिए,आज कल जब लड़की शादी होके अपने ससुराल जाति है तो उन पर पति का दबाव,सास ससुर का दबाव रहता है ,यही सब आज कल के लड़कियों को शायद पसन्द नही आ रहा है,हमारी संस्कृति भी गायब होती जा रही है,शादी के पहले प्रेम बंधन में बंधना समझ आता है लेकिन शादी के बाद पाने पति को छोड़कर प्रेमी के साथ जीवन बिताना ये कहा का संस्कार है,अगर लड़की को लड़का पसंद नही है तो साफ इंकार कर दे की मुझे ये शादी नही करनी है और अगर जबरन शादी मां बाप करा रहे हैं तो आप झगड़ जाइए को मुझे ये शादी नही करनी है,लेकिन ऐसा जघन्य नही करना चाहिए किसी के साथ
जिस भारत में नारी शक्ति की पूजा हो होती है,लोग नारी को दुर्गा,सरस्वती, लक्ष्मी का रूप मानते है,पैसा चाहिए तो लक्ष्मी की पूजा करते है,शक्ति चाहिए तो दुर्गा की पूजा करते है,बुद्धि चाहिए तो सरस्वती की पूजा करते है,उस देश में नारी ही राक्षसी प्रवित्तियां अपना रही है,ये बेहद कष्टदायक है,ये यही डिजिटल इंडिया है,क्या ऐसे ही भारत विश्वगुरु बनेगा?इसपर विचार करने की आवश्यकता है
आज के दौर में हम जितना ही एडवांस होते जा रहे है उतना ही मतलबी भी होते जा रहे है,हमे सिर्फ अपनी चिंता है ना की दूसरों की,ये भारत की संस्कृति के बिलकुल प्रतिकूल है,आप ये भी कह सकते है की ये मां बाप के बच्चो को संस्कार न देने का असर है,उनकी परवरिश में कमी रही है तभी उनकी औलादें ऐसी हरकत कर रही है,
शादी कोई गुड्डी गुड़िया का खेल नहीं है जिसे जब चाहा अपनाया जब चाहा त्याग दिया,हमारे हिंदू पुराणों में लिखा है शादी सात जन्मों का बंधन है,इसे गहराई से समझना चाहिए
मेरा मानना है कि मां बाप अपने बच्चो को उनके बचपन से ही ऐसे शिक्षा देनी चाहिए ताकि आगे चल कर उन शिक्षाओं का उन पर असर रहे,आप अपने बच्चे को शिक्षा के साथ साथ गीता पढ़ाइए,पुराणों का अध्यन कराइए,उपनिषद का ज्ञान दीजिए,उन्हें फिल्मों से दूर रखिए,गंदे आचरणों से दूर रखिए,मोबाइल जितना कम हो सके उतना कम इस्तेमाल करना सिखाइए तभी जाकर जीवन में कुछ सफलता प्राप्त होगी,अन्यथा आए दिन यही परिणाम देखने को मिलेगा
आज के दौर में मोबाइल ही सब दुखों का कारण बनता जा रहा है और मोबाइल के बिना कोई रह भी नही पाता,आज कल जो रील्स चल रहे है वो युवाओं को पूरा बर्बाद करने में लगे है,यही तो है पश्चिम की सभ्यता जिसके कारण हम सब बर्बाद हो रहें है,हमे इन चीजों पर गौर करना चाहिए,और आत्मनिरीक्षण करना होगा हमे की हम कहा जा रहें है अन्यथा परिणाम इससे भी भत्यानक हो सकता है
ये बाजी पढ़े:Raja Murder Case:शादी,हनीमून,मर्डर और गिरफ्तारी,जानिए कैसे क्या क्या हुआ ?
