America:आखिर अमेरिका क्यों कूद पड़ता है सबके लड़ाई में,आखिर क्या चाहता है ?

ईरान और इजराइल का युद्ध पिछले 12 दिन से चल रहा है,दोनो देश एक दूसरे पर जमकर मिसाइल,ड्रोन से हमला कर रहे है,लेकिन अब अमेरिका खुलकर सामने आ गया है,आखिर अमेरिका ने ईरान पर हमला कर ही दिया,आखिर अमेरिका क्यो कूद पड़ता है किसी के बीच,आखिर अमेरिका चाहता क्या है ?http://news24hourslatest.in
अमेरिका ने खुलकर हमला करना शुरू कर दिया है,अमेरिका ने ईरान के तीन परमाणु केंद्रों पर हमला कर दिया हैं,उसने स्टील्थ बॉम्बर और बंकर बस्तर की सहायता से ईरान के फोर्डों,इस्फहान और नतांज परमाणु केंद्रों को नष्ट कर दिया हैं,हमले के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस से ये ऐलान किया है की ईरान के तीन परमाणु केंद्र पूरी तरह से नष्ट कर दिए गए है
सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए ट्रंप ने कहा है की ईरान में शांति होगी या फिर त्रासदी,इतना कुछ करने के बाद अब अमेरिका ने बोला है की ईरान को अब युद्ध समाप्त करने के लिए सोचना चाहिए,ट्रंप ने ईरान को धमकी देते हुए कहा की अगर ईरान ने अमेरिकी सेना के खिलाफ कोई कार्यवाही की तो इसका अंजाम और बुरा होगा
इजराइल ने क्या कहा:
अमेरिका के ईरान पर हमले के बाद इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सराहना की,उसने कहा की अमेरिका का ये निर्णय ईरान का इतिहास बदल देगा,इजराइल ने ये भी दावा किया है की उसने ईरान के देजफुल हवाई अड्डे सो दो लड़ाकू विमान से हमला किया,इजराइल ने ये भी कहा है की ईरान के शाहरुद में बैलिस्टिक मिसाइल का इंजन बनाने वाली फैक्ट्री पर बमबारी की। इसके अलावा इजराइल ने तेहरान, केरमांशाह और हमादान में भी एयर स्ट्राइक की।
ईरान ने क्या कहा:
अमेरिकी हमले के बाद ईरान पूरा बौखला गया है,ईरान ने दावा किया है की अब अमेरिका या इजराइल के सैन्य ठिकाने भी सुरक्षित नहीं रह पाएंगे,ईरान इजराइल के तेल अवीव पर हमाल बोल दिया है,ईरान ने तेल अवीव पर मिसाइल दागी जिसे कई लोग भी जख्मी हो गए,ईरान ने तेल अवीव के पास इजराइल के बेन गुरियन हवाईअड्डे पर जमकर हमला बोला है,उनके सैन्य ठिकानों का भी नुकसान पहुंचाया है,कितनी इमारतें भी ध्वस्त हो गई,ईरान ने अभी लगभग 20 मिसाइल इजराइल पर दागे है
अमेरिका का कूदना क्यों जरूरी है :
दोनो देशों की लड़ाई में अमेरिका ने इजराइल के साथ मिलकर ईरान के परमाणु केंद्रों पर जमकर हमला किया,आखिर अमेरिका को किस बात का डर है,कुछ लोगों का कहना है की अमेरिका नही चाहता की कोई देश परमाणु हथियार और तलवार मिसाइल बनाने में उससे आगे निकले,अमेरिका अपनी सैन्य शक्ति,आर्थिक शक्ति,तकनीकी शक्ति से दुनिया को दिखाना चाहता है की हम सबसे ताकतवर है हमसे आगे कोई नही निकल सकता,अमेरिका अपनी सैन्य क्षमताओं को बढ़ाने, अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, और वैश्विक प्रभाव को बनाए रखने के लिए कुछ भी कर सकता है
अमेरिका का ईरान पर हमले के बाद कुछ देशों ने अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की:-
आइए जानते है अमेरिका के बारे किसने क्या कहा:
रूस ने क्या कहा:
अमेरिका का ईरान पर हमले के बाद रूस ने इसकी निंदा की है, रूस ने कहा है की ये अंतरराष्ट्रीय कानून,यूएनएससी का मानकों का घोर उलंघन है,किसी देश पर मिसाइल और बम से हमला करना बिना कोई लड़ाई के गैर जिम्मेदाराना करतूत है,रूस ने खुले तौर पर कहा की हम अमेरिका के इस कार्यवाही कोई निंदा करते है
चीन ने क्या कहा:
चीन ने भी अमेरिका के इस करतूत की कड़ी निन्दा की,चीन ने कहा की अमेरिका अपनी पिछली गलती को दोहरा रहा है,अमेरिका यूएनएससी का सदस्य है उसे ऐसे कृत्य नही करने चाहिए,इस हमले ने अंतराष्ट्रीय विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचाया है,किसी देश को अपने बल का प्रयोग दूसरे को जबरन नही दिखाना चाहिए
नॉर्थ कोरिया ने क्या कहा:
नॉर्थ कोरिया ने अमेरिका के हमले की निंदा करते हुए कहा की अमेरिका और इजराइल जानबूझकर मिडिल-ईस्ट में तनाव भड़का रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इस गंभीर स्थिति को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
अमेरिका के हमले के बाद पूरे विश्व में चर्चाएं तेज हो गई है,सभी देश शांति की अपील कर रहें है की किसी तरह की युद्ध समाप्त हो जाए,लेकिन ईरान इजराइल अमेरिका मानने को तैयार नहीं है,अमेरिका के हमले के जवाब में ईरान ने भी खूब मिसाइल,ड्रोन से इजराइल के शहरों को तबाह किया उधर इजराइल ने भी ईरान को बहुत ज्यादा नुकसान पहुंचा रहा है,लेकिन अब देखना है की आखिर इस युद्ध की समाप्ति कब होगी,कोई झुकने का नाम नहीं ले रहा है,अगर इस रहा तो परिणाम और भी बुरे हो सकते है
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