क्या असदुद्दीन ओवैसी हिंदुओं को अपना वोट बैंक बनाना चाहते है?

22 अप्रैल को हुए पहलगाम हमले के बाद असदुद्दीन ओवैसी का रुख बदला बदला नजर आ रहा है,हमले में मारे गए हिंदुओं के प्रति संवेदना व्यक्त करना और पाकिस्तान को खुले आम धमकी देना क्या ये संकेत दे रहा है की असदुद्दीन ओवैसी हिंदुओं को अपना वोट बैंक बनाना चाहते है,http://news24hourslatest.in
पहलगाम में हुए आतंकी हमले को लेकर असदुद्दीन ओवैसी का बयान पुरे देश में चर्चा का विषय बन गया है,वैसे तो असदुद्दीन ओवैसी अपने भड़काऊ बयानों के लिए जाने जाते है लेकिन इस बार इनका भड़काऊ बयान सरकार के लिए नहीं है बल्कि पाकिस्तान के लिए है,ऐमिम के सांसद असदुद्दीन ओवैसी का चर्चा क्या एक राष्ट्रवादी चेहरे के रूप में देखा जा रहा है?पाकिस्तान की कड़ी निन्दा करते हुए असदुद्दीन ओवैसी का हर बयान चर्चा का विषय बना हुआ है,क्या इन बयानों से जो दूरी बनी हुआ हिंदुओं के बीच उनको सुधारना चाहते है ओवैसी,
लेकिन इस बार ओवैसी का रुख कुछ बदला सा नजर आ रहा है,2025 के अंत में बिहार में विधानसभा चुनाव होने वाले है,क्या यही मौका है की ओवैसी अपनी दरियादिली दिखा कर हिंदुओं का वोट पाना चाहते है,मुस्लिमों पर केंद्रित राजनीती करने वाले असदुद्दीन ओवैसी पहलगाम हमले के बाद अलग कलेवर में दिखते नजर आ रहे है,पहलगाम हमले के बाद जब भारत सरकार ने पाकिस्तान के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया तब पाकिस्तानियों के तरफ से उल्टे पुल्टे बयान आने शुरू हो गए,पाकिस्तानी क्रिकेटर शहीद अफरीदी ने कहा था की भारत ही सब हमले करवाता है और आरोप पाकिस्तान पर जड़ देता है इसपर ओवैसी ने अफरीदी को जोकर कहते हुए कहा की मेरे सामने इन जोकरों का नाम मत लीजिए,उन्होंने कहा की ये सब नौटंकीबाज है,
ऐसे ही एक बयान बिलावल भुट्टो का भी आया, भूतों ने कहा था कि अगर भारत सिंधु नदी जल को रोकता है तो भारत से खून की नदियां बहेंगी ल, इस पर ओवैसी ने पलटवार करते हुए कहा कि जब उनकी मां बेनजीर भुट्टो पर हमला होता है तो उसे आतंकवाद कहा जाता है और हमारे देश में हमारी मां बेटियों को मारा जाता है तो पाकिस्तान उसे आतंकवाद नहीं कहता यह सब दोहरा चरित्र है पाकिस्तान का,
ऐसे ही एक बयान बिलावल भुट्टो का भी आया, भूतों ने कहा था कि अगर भारत सिंधु नदी जल को रोकता है तो भारत से खून की नदियां बहेंगी ल, इस पर ओवैसी ने पलटवार करते हुए कहा कि जब उनकी मां बेनजीर भुट्टो पर हमला होता है तो उसे आतंकवाद कहा जाता है और हमारे देश में हमारी मां बेटियों को मारा जाता है तो पाकिस्तान उसे आतंकवाद नहीं कहता यह सब दोहरा चरित्र है पाकिस्तान का
ओवैसी ने पहलगाम हमले को लेकर भारत सरकार को कहा है कि जो भी भारत सरकार पाकिस्तान के खिलाफ कार्यवाही करेगी हम उसके समर्थन में हैं, लेकिन सरकार को यह सोचना चाहिए की कार्रवाई जल्द से जल्द हो जो भी हमले के जिम्मेदार हैं उन्हें सख्त सजा मिलनी चाहिए उन्होंने यह सरकार से मांग की है तभी जाकर हमारे विधवा मां बेटियों को न्याय मिल सकेगा, उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को समझने का समय निकल गया अब करारा जवाब देने का समय आ चुका है
बिहार के ढाका में एक जनसभा को संबोधित करते हुए ओवैसी ने आतंकवाद के खिलाफ सख्त से सख्त निर्णय लेने का ऐलान करते हुए कहाकि अब पाकिस्तान को समझाने का समय नहीं है, अब उसे करारा जवाब देने का वक्त आ गया है.उनका कहना है की पाकिस्तान सुधरने वाला नही है,इसको अब जवाब देने का समय आ चुका है,रैली को संबोधित करते हुए ओवैसी ने तिरंगा पगड़ी बांधे नजर आए,जैसे ही ओवैसी मंच पर आए नारों से पूरा मैदान गूंज उठा,ओवैसी के मंच पर एक बड़ा सा बैनर लगा था, जिसपर लिखा गया था ‘आतंकवाद के खिलाफ ओवैसी का जिहाद’
असदुद्दीन ओवैसी एक कट्टर मुस्लिम चेहरे के रूप में देखे जाते है,असदुद्दीन ओवैसी एक भारतीय राजनीतिज्ञ हैं जो ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं। वह भारतीय संसद के निचले सदन लोकसभा में हैदराबाद निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले पांच बार के सांसद हैं,सरकार के कर फैसले का जमकर विरोध करना उनकी पहचान है,संविधान पर गहरी पकड़ रखने वाले असदुद्दीन ओवैसी को अक्सर न्यूज चैनलों की डिबेट में देखा जाता है,अपने भड़काऊ भाषण के लिए पूरे देश में प्रसिद्ध है,सरकार ने हर फैसले का ओवैसी जमकर विरोध करते नजर आते है,
आइए जानते है किन किन अहम फैसले का विरोध ओवैसी ने किया
1-बाबरी मस्जिद पर ओवैसी ने कहा था की अयोध्या में बाबरी मस्जिद को व्यवस्थित तरीके से मुसलमानों से छीना गया।
2-तीन तलाक़ का विरोध करते हुए ओवैसी ने संसद में कहा था की इस्लाम में शादी एक कॉन्ट्रैक्ट की तरह है, इसे आप जन्मों का साथ मत बनाइए.
3-लव जिहाद पर ओवैसी ने कहा की राज्य सरकार के पास अंतरधार्मिक विवाहों की जांच के अलावा कोई और काम नहीं है
4-सीए-एनआरसी के मुद्दे पर ओवैसी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका डाली जिसमे लिखा था की NRC के जरिए भारतीय मुसलमानों को निशाना बनाने की योजना बनाई जा रही है
5- वक्फ विधेयक पर ओवैसी ने विधेयक को मुस्लिमों के धार्मिक, सामाजिक और आर्थिक अधिकारों पर सीधा हमला करार दिया और इसे संविधान के अनुच्छेद 14, 25 और 26 का उल्लंघन बताया
ओवैस एक कट्टर मुस्लिम चेहरों के रूप में जाने जाते हैं, उन्होंने इस हमले के बाद भारतीय मुसलमान को पाकिस्तान मुसलमान से दूर रखकर बात की उनका कहना है कि यहां के मुसलमान भारत के हैं और भारत के लिए जीते हैं और मरते हैं हमें पाकिस्तान मुसलमान से कोई मतलब नहीं, इसके अलावा उनकी कोशिश मुसलमान के साथ-साथ हिंदुओं में भी अपनी पेट जमाने की है क्योंकि वह मुस्लिम वोट के सहारे दो तीन सीट जीतने में सफल रहते है परंतु हिंदुओं का वोट उन्हें नहीं मिलता, क्या ऐसा माल लेना चाहिए की ओवैसी के इस बदलते तेवर को देखकर हिंदू भी अपना वोट उन्हें देंगे,
2020 के बिहार के विधानसभा चुनाव में ओवैसी की पार्टी की तरफ से पांच मुस्लिम विधायक थे जिनमें से चार ने पार्टी छोड़कर आरजेडी ज्वाइन कर ली अब इस बार देखना है कि क्या ओवैसी मुसलमानों के साथ-साथ कितने हिंदुओं को भी अपनी पार्टी से टिकट देंगे, कहां जा रहा है कि इस बार के बिहार के विधानसभा चुनाव में ओवैसी ने 24 सीट जीतने का दवा
देश आज जिन विसंगतियों से गुजर रहा है उसे स्थिति में भारत की सारी परियां चाहे वह विपक्ष की हो या केंद्र सरकार की हो एकता को बनाए रखने की कवायत में है क्योंकि पहलगाम हमले के बाद मारे गए लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त करना और पाकिस्तान के प्रति गुस्सा जाहिर करना यह सब के दिल में गुज रहा है, लोगों में पाकिस्तान के प्रति आक्रोश है लोग चाहते हैं कि सरकार जल्द से जल्द कोई निर्णय ले पाकिस्तान के खिलाफ ताकि वह फिर ऐसी हरकत करने में 100 बार सोचे
अब देखना है कि ओवैसी के इस बदलते तेवर को क्या भारत के हिंदू स्वीकार करेंगे, क्या ओवैसी मुस्लिम परस्त छवि से बाहर निकाल कर राष्ट्रवादी छवि बनाने में जुटे हैं ताकि मुसलमानों के साथ-साथ हिंदुओं का भी वोट उन्हें मिल सके?
