क्यों विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने किया अपना अकाउंट प्राइवेट?

भारत पाकिस्तान में चल रहे इस युद्ध में एक नया मोड़ ले लिया है,चार दिन तक इस युद्ध में काफी नुकसान के बाद दोनो देशों ने युद्ध विराम की घोषणा कर दी है,इसकी घोषणा भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने किया,विदेश सचिव के इस एलान से आखिर क्या मुसीबत आन पड़ी की देश के लोग उनको अपशब्द कहने लगे,उनकी ट्रॉलिंग शुरू हो गई,विक्रम मिसरी तो ऑपरेशन सिंदूर के जरिए भारत की आवाज बनकर सामने खड़े थे,तो फिर इतना गुस्सा क्यू उनके खिलाफ,उन्होंने ने तो अपनी बात रखी फैसला त्यो केंद्र सरकार को लेना था,तो आखिर विक्रम मिसरी केपी क्यों टारगेट किया जा रहा है,उनके ट्विटर अकाउंट पर देशद्रोह का एमएसजी भेज रहे है,मामला इतना बढ़ गया की विदेश सचिव को अपना ट्विटर अकाउंट प्राइवेट करना पड़ा,उन्होंने तो यहां तक कह दिया भारतीय सेना पाकिस्तान के हमले का मुंहतोड़ जवाब दे रही है,अगर फिर से उल्लंघन हुआ तो कड़ा कदम उठाया जाएगा. इसके बाद, इस पर एक्स पर कुछ लोगों ने मिसरी की आलोचना शुरू कर दी,लोगों ने इनके परिवार की तस्वीर भी सोशल मीडिया पर डाल दी,उनके परिवार का क्या कसूर है,इस तरह किसी के परिवार को बदनाम नही करना चाहिए खासकर एक ईमानदार अधिकारी का,जिसने पाकिस्तान के खिलाफ एक्शन लेने में कोई कमी नहीं छोड़ीhttp://news24hourslastest.in
विदेश सचिव विक्रम मिसरी के बचाव में कौन कौन आया:
1-उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने एक्स पर लिखा है की “कुछ असामाजिक-आपराधिक तत्व विदेश सचिव और उनके परिवार के खिलाफ अपशब्दों की सीमाएं तोड़ रहे हैं लेकिन भाजपा सरकार और मंत्री और उसके मंत्री इस मामले में चुप्पी साधे हुए हैं”,अखिलेश यादव ने ये भी कहा है की कोई भी फैसला सरकार का होता है अधिकारी का नही,उन्होंने कहा कि एक कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी पर ऐसा इल्जाम लगाना उसकी मनोबल को गिराने जैसा है,अखिलेश यादव ने कहा है की ऐसे आपत्तिजनक पोस्ट करने वालों को गिरफ्तार करना चाहिए,उन्होंने बीजेपी पर प्रहार करते हुए कहा की कही ऐसा तो नहीं है की बीजेपी पानी नाकामी का ठिकड़ा विक्रम मिसरी जैसे ईमानदार अधिकारी पर फोड़ना चाहती है,और खुद बचना चाहती है,उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की है की इसकी तुरंत जांच हो और दोषियों को तुरंत सजा हो,उन्होंने बीजेपी पर आरोप लगाते हुए कहा की देश के ऐसे आराजकतत्व बैठे है और सरकार इनके खिलाफ कोई एक्शन नहीं ले रही है,ये बेहद शर्मनाक है,इससे देश का मनोबल भी टूटता है,सपा प्रमुख ने कहा है की इससे देश की आंतरिक सुरक्षा पर गहरा असर पड़ेगा,
2-एआईएमआईएम के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भी विक्रम मैसरी का बचाव करते हुए कहा है की “मिसरी एक बहुत ही ईमानदार अधिकारी है,उन्होंने बिना रुके देश की सेवा की है,वो एक ईमानदार डिप्लोमेट है,उन्होंने आगे कहा है की कोई भी अधिकारी सरकार के अधीन होता है,जो सरकार कहती है अधिकारी वही करता हैं,
3-कांग्रेस के नेता,राज्यसभा सांसद राजीव शुक्ला ने भी विक्रम मिसरी का बचाव किया,उन्होंने कहा है की विराम मिसरी एक बहुत जी बेहतरीन अधिकारी है,पूरे जीवन उन्होंने सराहनीय काम किया है,ऐसे उनको ट्रॉल करना बेहत निराशापूर्ण है,
4-कांग्रेस के नेता,पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा है की ये बेहद ही पीड़ा दायक है,उन्होंने कहा कि हमारे तीनो विक्रम मिसरी, कर्नल सोफिया कुरैशी, विंग कमांडर व्योमिका सिंह)हमारे दृढ़ संकल्प,आत्म विश्वास का उदाहरण है,उनपर उंगली उठाना देश पर उंगली उठाने के बराबर है,
आइए जानते है कौन है विक्रम मिसरी
विक्रम मिसरी 1989 के एक प्रतिष्ठित आईएफएस अधिकारी है,उनका जन्म श्रीनगर में हुआ है,मिसरी ने २०२४ में विदेश सचिव के रूप में कार्यभार संभाला,विदेश मंत्रालय के अनुसार विक्रम सचिव विदेश मंत्रालय के पाकिस्तान डेस्क का हिस्सा थे,उन्होंने विदेश मंत्रालय,प्रधान मंत्री कार्यालय और यूरोप, अफ्रीका, एशिया और उत्तरी अमेरिका में विभिन्न भारतीय मिशनों में विभिन्न पदों पर कार्य किया,इसके अलावा विक्रम मिसरी ने तत्कालीन प्रधानमंत्री आई के गुजराल और मनमोहन सिंह के निजी सचिव के रूप में काम किया है और पीएम मोदी के निजी सचिव के रूप में भी काम किया है,उन्होंने 01 जनवरी 2022 से 30 जून 2024 तक भारत के उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के पद को भी संभाला,फिलहाल विक्रम मिसरी भारत के विदेश सचिव के रूप में कार्यरत है और भारत पाकिस्तान युद्ध में भारत के तरफ से ऑपरेशन सिंदूर के जरिए कठोर निर्णय लेने के लिए जाने गए
ये भी देखे:https://youtube.com/@thenewsadda01?si=_6f2_wGAYqWQY6O0
ये भी पढ़े:India vs Pakistan War, युद्ध के बीच में अचानक सीजफायर क्यों?
