पहलगाम से भटके तो जातीय जनगणना पर अटके

पहलगाम हमले के बाद अब केंद्र सरकार जातिगत जनगणना कराने का ऐलान किया है,केंद्रीय सूचना-प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट की बैठक में ये फैसला लिया गया है की सरकार अब जातिगत जनगणना कराएगी,तमाम विपक्षी दल ने भी इसका समर्थन किया है ,साल के अंत में बिहार में होने वाले विधानसभा चुनाव की देखते हुए केंद्र सरकार ने ये फैसला लिया है,लंबे समय से अटका ये फैसला अब केंद्र सरकार पूरा करेगी वही विपक्ष का कहना है की लंबे समय से विपक्ष केंद्र सरकार पर दबाव बना रही थी की जातिगत जनगणना कराया जाए,ये एक तरीके से विपक्ष की जीत है की ही केंद्र सरकार ने ये फैसला किया है,नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने फैसले का स्वागत करते हुए कहा है की सरकार इसकी समय सीमा बताए,राहुल गांधी का कहना है की हम जातिगत जनगणना के माध्यम से नया भारत में नया डेवलपमेंट लाना चाहते है,उन्होंने कहा कि सिर्फ आरक्षण ही नही,जातिगत जनगणना से ये तो पता लग जायेगा की ओबीसी,दलित,आदिवासी इन सबकी भागीदारी देश में कितनी है,हमारे इंस्टीट्यूशन ने ,संस्थाओं में इनकी कहा कहा भागीदारी हैं सब पता करना होगा
इस फैसले का एक पहलू है आरएसएस,जातीय जनगणना के फैसले से कुछ दिन पहले ही आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और पीएम मोदी की बैठक हुई थी,आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत का बयान आया है की सरकार का फैसला सबके हित में है लेकिन इसे राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तमाल नही किया जाना चाहिए,आरएसएस ने इस मुद्दे पर अपनी सतर्कता और संवेदनशीलता जाहिर की है। बताया जा रहा है की इस फैसले में संघ की सहमति देखी जा सकती है,क्योंकि इस फैसले के कुछ दिन पहले आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और पीएम मोदी की मुलाकात हुई थी,इससे ये अनुमान लगाया जा रहा है की इस फैसले में आरएसएस का कुछ रोल भी है,आरएसएस हमेशा देश के हिंदुओं को एकजुट करने का काम किया है,सामाजिक समरसता बनाए रखने का काम लिया है,आरएसएस का कहना है कि ये कदम न केवल सामाजिक समरसता और सौहार्द को बढ़ावा देगा बल्कि देश की उन्नति में अहम योगदान भी देगा बसरते इसका राजनीतिक उपयोग ना हो,सही आंकड़े देश को बताया जाए,http://news24hourslatest.in
विपक्ष के नेताओं में फसी बीजेपी
जातीय जनगणना को लेकर विपक्ष लगातार अपना बयान देने में लगे है,क्योंकि ये मुद्दा हमेशा से विपक्ष उठाता रहा है,इसलिए उनका कहना है कि ये विपक्ष की जीत है की मोदी सरकार इस मुद्दे पर अब काम करना शुरू करेगी,विपक्ष का ये भी कहना है की मोदी सरकार हमेशा से जातीय जनगणना का विरोध किया है,बीजेपी के नेताओं ने यहां तक कह डाला था की इससे हिंदुओं को खतरा होगा,
कांग्रेस का कहना है की लोकपाल बिल कांग्रेस लेकर आई,क्या बीजेपी लोकपाल के बारे में कभी भी बात करती है ,कांग्रेस का कहना है की बीजेपी हमेशा से विरोध में रही है,कांग्रेस पार्टी का कहना है कि मोदी जातीय जनगणना के खिलाफ थे,उन्होंने इसे अर्बन नक्सल सोच कहा,वही योगी ने इसे बटेंगे तो कटेंगे इसलिए लाया जा रहा है की जातीय जनगणना का विरोध हो सके,बीजेपी के तमाम बड़े नेताओं ने इसका विरोध किया है,राहुल गांधी ने ये भी कहा है कि 50% आरक्षण का दायरा है उसे तोड़ा जायेगा, कुछ लोगों का कहना है कि केंद्र सरकार पहलगाम हमले को भुलाने के लिए जातीय जनगणना लेकर आई है,ये इस देश का अपमान है,आपको बता दे की इस साल के अंत में बिहार में विधानसभा चुनाव होने वाले है,तो सरकार कोई भी कसर नहीं छोड़ना चाहती है,विपक्ष लगातार इस मुद्दे को पिछले कुछ सालों से उठा रहा है,खासकर लोक सभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस मुद्दे को बड़ी जोर शोर से उठाया है,उनका कहना है कि सरकार इसकी समय सीमा तय करे,वैसे भी 2013 में नीतीश की सरकार ने बिहार में जातीय जनगणना कराई थी,और इसी के साथ बिहार देश का पहला राज्य बन गया,जानिए भारत में जाति व्यवस्था और राजनीति का संबंध
बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सीधा बीजेपी पर निशाना साधा है और बोला है की बीजेपी के लोग कितने खोखले है वो हमारे ही एजेंडे को अपना एजेंडा बता रहे है,
इस फैसले पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने इस फैसले को एक राजनीतिक मोड़ देते हुए कहा है कि देश में 10 फीसदी लोग पीडीए के है ये लोग अगर साथ आ जाए तो जीत 100 फीसदी पक्की है,उन्होंने सरकार से सही तरीके से जातिगत जनगणना कराने की मांग की है,सपा अध्यक्ष ने ये भी कहा की केंद्र सरकार सही दिशा में कुछ आगे बढ़ी है,इससे सामाजिक न्याय और बढ़ेगा,उन्होंने सरकार के इस फैसले को इंडिया गंठबंधन की जीत माना,उन्होंने बीजेपी सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि बीजेपी में सभी चुनौती एक जैसी है,हमको मशीन समझा जाता रहा है और गरीब लोगों का उत्पीड़न होता रहा है ,अगर सरकार डेटा निकाले तो 90% मजदूर लोग पीडीए के होंगे,इसलिए ये पीडीए की जीत है
अब ये मुद्दा इतना पेचीदा होता दिख रहा है,इस साल के अंत में बिहार में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सारी पार्टियां अपना सारा दम दिखाने में लग गई गई,अब देखना है की जनता इस मुद्दे पर जनता कहा तक अपनी प्रतिक्रिया देती है,क्या मोदी सरकार की मजबूरी हो गई है जातीय जनगणना कराना या फिर इसमें आरएसएस का कोई रोल है बिहार के चुनाव को लेकर,क्योंकि बीजेपी खुद इस मुद्दे से पीछे भागती रही है
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